महिला विधायक ने महिला आईपीएस को धमकाया…औकात दिखा दूंगी…, प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प

बलौदाबाजार | प्रदेश में एक महिला विधायक का खाकी पर रौब जमाने का एक मामला सामने आया है। प्रदर्शन को शांत करने पहुंची महिला आईपीएस को महिला विधायक ने औकात दिखा देने की धमकी दी है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद महिला विधायक सुर्खियों में आ गई हैं। कसडोल से कांग्रेस विधायक शकुंतला साहू और ट्रेनी आईपीएस अंकिता शर्मा का बुधवार शाम विवाद हो गया।

घटना के संबंध में जानकारी मिली है कि गत दिनों कसडोल इलाके की एक फैक्ट्री में मजदूर की मौत के बाद वहां मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए कसडोल की विधायक शंकुतला साहू भी वहां मौजूद थीं। प्रदर्शन के उग्र होने की सूचना मिलते ही जिले की आईपीएस अफसर अंकिता शर्मा भी मौके पर पहुंची। वे प्रदर्शनकारियों को समझा रहीं थीं, तभी विधायक शंकुतला साहू उनसे भिड़ गईं।

दरअसल, 10 फरवरी को सीमेंट प्लांट सोनाडीह में शटरिंग खोलते समय मजदूर कौशल साहू (36) बुरी तरह घायल हो गया था। उसकी उपचार के दौरान रायपुर के निजी अस्पताल में बुधवार दोपहर मौत हो गई। इस पर कंपनी प्रबंधन ने मजदूर के परिवार को 50 हजार रुपए अंत्येष्टि के लिए और मुआवजा राशि के रूप में साढ़े 9 लाख रुपए मृतक के पुत्र, पत्नी एवं पुत्री के नाम पर फिक्स डिपाॅजिट करवा दिए। अचानक मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया।

कसडोल विधायक शकुंतला साहू समर्थकों के साथ कंपनी के गेट पर पहुंचकर धरने पर बैठ गईं। तनावपूर्ण माहौल में समर्थक कुछ बेकाबू हुए तो कंपनी का गेट ही जोर-जोर से हिलाने लगे। इस पर प्रशिक्षु आईपीएस अंकिता शर्मा ने समर्थकों को चेताया कि ऐसा कुछ मत करिए जिससे पुलिस कर्मियों को चोट लग जाए। ध्यान रहे कि पुलिस कर्मियों को चोट नहीं लगनी चाहिए। इस पर कार्यकर्ताओं ने शकुंतला के सामने जाकर आईपीएस के खिलाफ शिकायती लहजे में बात कही।

इसके बाद विधायक साहू और आईपीएस के बीच जमकर बहस होने लगी। विधायक साहू ने समर्थकों से अपशब्दों का प्रयोग करने पर आईपीएस से आपत्ति दर्ज कराई और कहा कि आपकी जितनी औकात है हम दिखा देंगे। वहीं, महिला आईपीएस अंकिता शर्मा ने कहा कि मैंने कोई अपशब्द नही कहा है।

बस इतना ही कहा है कि मेरे पुलिस कर्मियों को चोट नहीं लगनी चाहिए। जहां तक औकात की बात है तो मेरी औकात की तो आप बात ही मत कीजिए। आपको जिससे भी शिकायत करनी है कर दीजिए। मामले को तूल पकड़ता देख एसडीओपी राजेश जोशी और कोतवाली निरीक्षक विजय चौधरी ने जैसे-तैसे शांत कराया। मामले ने शांत होते हुए भी शहर व सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा का रूप ले लिया।

अधिकारी जिद पर अड़ी थीं : शकुंतला

मामले में विधायक शकुंतला साहू ने कहा कि वे पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रही थीं तभी आईपीएस अंकिता शर्मा कार्यकर्ताओं को धमका रही थीं और मना करने के बाद भी वे अपनी जिद पर अड़ी रहीं।