जल जीवन मिशन के टेंडर प्रक्रिया की शुरू हुई जांच, दो सप्ताह में आएगी रिपोर्ट

रायपुर : जल जीवन मिशन के तहत सात हजार करोड़ से ज्यादा के टेंडरों की प्रक्रिया की जांच को लेकर बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। पूरे मामले में दो सप्ताह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत 10 हजार करोड़ के टेंडर को लेकर ए और बी केटेगरी के ठेकेदारों ने पिछले दिनों टेंडर के कार्यों में अनियमितता की शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से करते हुए पूरी निविदा प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की थी।

घर-घर सरकारी नल से पानी पहुंचाने के लिए 7000 करोड़ से ज्यादा के बांटे गए टेंडर की प्रक्रिया की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय कमेटी बना दी है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से 43.17 लाख घरों में से अब तक 4.82 लाख घरों में ही पानी की सप्लाई की जा रही है। जल जीवन मिशन के माध्यम से 38.34 लाख घरों में पानी सप्लाई का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। इसके तहत साल 2024 तक हर घर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है।