Saturday, November 27संस्थापक, प्रधान संपादक, स्वामी श्री नवनीत जगतरामका जी
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विशेष लेख

मीराबाई चानू ओलिम्पिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली की संघर्ष भरी दास्तान

मीराबाई चानू ओलिम्पिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली की संघर्ष भरी दास्तान

खेल कूद, मनोरंजन, विशेष लेख
उस समय उसकी उम्र 10 साल थी। इम्फाल से 200 किमी दूर नोंगपोक काकचिंग गांव में गरीब परिवार में जन्मी और छह भाई बहनों में सबसे छोटी मीराबाई चानू अपने से चार साल बड़े भाई सैखोम सांतोम्बा मीतेई के साथ पास की पहाड़ी पर लकड़ी बीनने जाती थीं। एक दिन उसका भाई लकड़ी का गठ्ठर नहीं उठा पाया, लेकिन मीरा ने उसे आसानी से उठा लिया और वह उसे लगभग 2 किमी दूर अपने घर तक ले आई। शाम को पड़ोस के घर मीराबाई चानू टीवी देखने गई, तो वहां जंगल से उसके गठ्ठर लाने की चर्चा चल पड़ी। उसकी मां बोली, ''बेटी आज यदि हमारे पास बैल गाड़ी होती तो तूझे गठ्ठर उठाकर न लाना पड़ता।'' ''बैलगाड़ी कितने रूपए की आती है माँं ?'' मीराबाई ने पूछा ''इतने पैसों की जितने हम कभी जिंदगीभर देख न पाएंगे।'' ''मगर क्यों नहीं देख पाएंगे, क्या पैसा कमाया नहीं जा सकता ? कोई तो तरीका होगा बैलगाड़ी खरीदने के लिए पैसा कमाने का ?'' चानू ने ...
93 साल का हुआ आकाशवाणी, प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लोकवाणी से मिली संजीवनी

93 साल का हुआ आकाशवाणी, प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लोकवाणी से मिली संजीवनी

मनोरंजन, राष्ट्रीय, विशेष लेख
आकाशवाणी को 94 साल के उम्रदराज होने की बधाईयां। हिंदुस्तान के आकाश की फ़िजां की हवाएं में घुली मिसरी की डली जैसे मीठी मीठी आवाजों की जादूगरी 23 जुलाई से 1923 से जो शुरू है, इसका तिलस्म आज भी मौजूद है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ‘मन की बात’ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी की लोकवाणी कार्यक्रम ने आकाशवाणी की लोकप्रियता को अर्श की उंचाई की तरफ ले जाना भी आकाशवाणी के महत्व और इतिहास को सुनहला बनाये जाने की कवायद एक मिसाल साबित हुई है। आने वाले छः साल में आकाशवाणी के वजूद के 100 साल पूरे होना है। देश के गांव-गांव, देहात-देहात और शहर के मुहल्ले मुहल्ले के अलग अलग लोक भाषा में आकाशवाणी सुननेवालों के अंर्तमन में युवा तरंगे भी हिलोले मारने लगी है। सूबूत है आकाशवाणी की बढ़ती लोकप्रियता और एफ.एम., सामुदायिक रेडियो केन्द्रो की तादाद में इजाफा । बहरहाल आकाशवाणी की बढ़ती कामयाबी...
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के मौके पर खास पेशकश सहकारिता के जरिये पुलिस परिवार की गृहणियों में सामाजिक लगाव बढ़ाने डीजीपी की एक नई कोशिश

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के मौके पर खास पेशकश सहकारिता के जरिये पुलिस परिवार की गृहणियों में सामाजिक लगाव बढ़ाने डीजीपी की एक नई कोशिश

विशेष लेख
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा सहकारिता उद्यम के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं के अर्थ अर्जन के लिए लागू गढ़कलेवा कार्यक्रम के तर्ज पर डीजीपी श्री डी.एम.अवस्थी ने भी सहकारिता के जरिये पुलिस परिवार के गृहणी महिलाओं में उद्यम और सामाजिक लगाव बढ़ाने में एक नई कोशिश की है। विश्व महिला दिवस के सप्ताहंत में 12 माॅर्च को डीजीपी श्री डी.एम.अवस्थी ने जिला बालोद में विभागीय कल्याणार्थ कार्यक्र्रम में शिरकत करने के दौरान अपने उद्बोधन में पुलिस परिवार की गृहस्थ महिलाओं के आर्थिक उपार्जन और आपसी सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए सहकारिता अनुबंधों के तहत महिला स्व-सहायता समूह का गठन करने और पुलिस पेट्रोल पम्प परिसर में शौर्या रेस्टाॅरेंट संचालित करने का ना केवल आव्हान किये बल्कि रेस्टाॅरेंट हाॅल निर्माण के लिए पुलिस कल्याण कोष से 5 लाख रूपये की राशि मुहैया कराने का एलान भी किये। गौरतलब है कि पुलिस परिवा...
रायपुर : राज्यपाल की पहल से बलरामपुर जिले की दिव्यांग बेटी का होगा इलाज

रायपुर : राज्यपाल की पहल से बलरामपुर जिले की दिव्यांग बेटी का होगा इलाज

राष्ट्रीय, विशेष लेख
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में श्रीमती फुलमनिया ने अपनी दिव्यांग बेटी शशिप्रभा के साथ मुलाकात की। राज्यपाल को मीडिया के माध्यम से बलरामपुर जिले के एक छोटे से गांव करकली में रहने वाली सात वर्षीय शशिप्रभा के बारे में जब पता चला कि वह चलने फिरने और बोलने में असमर्थ है और सरगुजा में उसका इलाज नहीं हो पा रहा है। तब उन्होंने स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन बलरामपुर को शशिप्रभा को उसके परिजनों के साथ राजभवन भिजवाने के निर्देश दिए। ताकि यहां के चिकित्सकों से परामर्श लेकर उसका इलाज कराया जा सके। शशिप्रभा के पिताजी की मृत्यु हो चुकी है और उनकी आर्थिक हालत अच्छी नहीं है, इसलिए राज्यपाल सुश्री उइके ने उसकी मां और साथ में आई मौसी श्रीमती कांता को आश्वासन दिया कि उनकी बेटी का हरसंभव इलाज कराया जाएगा। राज्यपाल की सहृदयशीलता से श्रीमती कांता और श्रीमती फुलमनिया की आंखों में आंस...
9 जुलाई जन्मदिन : महान अभिनेता गुरुदत्त व संजीव कुमार एवं अन्य भारतीय हस्तियाँ

9 जुलाई जन्मदिन : महान अभिनेता गुरुदत्त व संजीव कुमार एवं अन्य भारतीय हस्तियाँ

मनोरंजन, विशेष लेख
रायपुर। आज 9 जुलाई 1925 भारतीय सिने जगत के महान अभिनेता श्री गुरुदत्त का जन्म बेंगलुरु में हुआ था. उनका असल नाम श्री वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण था। वे सिर्फ अभिनय था सिमित नहीं थे उन्होने डायरेक्शन, निर्माण, लेखन एवं कोरियोग्राफी में भी योगदान दिया था. उनके द्वारा अभिनीत वर्ष 1957 में प्यासा, 1959 कागज़ के फूल, 1960 चौदिनी का चाँद 1962 साहब बीवी और गुलाम भारतीय सिने जगत की महानतम फिल्मो में गिना जाता है। प्यासा को टाइम्स ने विश्व की 100 सर्वश्रेठ फिल्मो की सूची में भी रखा है। दक्षिण भारत से आने वाले गुरुदत्त बचपन में अपने परिवार के साथ कोलकाता बंगाल जा बसे थे वे फराटेदार बंगाली भी बोल जानते थे। उनके द्वारा निर्मित सभी फिल्मे सुपरहिट रही थी और उनके द्वारा अभिनेत संगीत आज भी लोग आनंद लेकर सुनते है। संजीव कुमार 9 जुलाई 1938 को सूरत, गुजरात में जन्म लिए थे, उनका असल नाम श्री हरिहर जेठालाल जर...
7 जुलाई जन्मदिन : क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी, सिख बालगुरु श्री गुरु हरीकिशन जयंती, कैलाश खेर अन्य

7 जुलाई जन्मदिन : क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी, सिख बालगुरु श्री गुरु हरीकिशन जयंती, कैलाश खेर अन्य

खेल कूद, मनोरंजन, राष्ट्रीय, विशेष लेख
रायपुर। 7 जुलाई 1981 को विश्व विख्यात भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी का जन्म रांची, झारखंड में हुआ। धोनी विकेट कीपर, दाहिने हाथ के तेज बल्लेबाज़ है, उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम का विश्व कप 2007 (टी-20), विश्व कप 2011 में सफल नेतृत्व किया और टीम इंडिया को विश्व चैंपियन बनाया। महेंद्र सिंह धोनी को उनके खेल जगत में योगदान हेतु भारत सरकार ने पद्म विभूषण, पद्म श्री, राजीव गाँधी खेलरत्न, से सम्मानित किया है। भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी में उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि दी है जिसके लिए उन्होंने आधिकारिक ट्रेनिंग भी ली है। सिख समाज के आठवे गुरु श्री हरी किशन जी की जयंती भी आज 7 जुलाई को होती है, इनका जन्म वर्ष 1656 कीरतपुर साहिब में हुआ था। श्री हरी किशन जी ने मात्र 5 वर्ष की उम्र में सिख गुरु बने, वे सबसे युवा एवं बाल गुरु के नाम से भी जाने जाते है। उनका कार्यकाल 2 साल पांच मही...
4 जुलाई जयंती विशेष : श्री अल्लूरी सीतारामा राजू, महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी, आंध्र प्रदेश व अन्य

4 जुलाई जयंती विशेष : श्री अल्लूरी सीतारामा राजू, महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी, आंध्र प्रदेश व अन्य

मनोरंजन, विशेष लेख
रायपुर। 4 जुलाई वर्ष 1897 को महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी श्री अल्लूरी सीतारामा राजू का आंध्र प्रदेश के विशाखापट्नम जिले के पांड्रिक गांव में हुआ। आदिवासी समाज वन्य में आचरण करते है और प्राचीन काल से कभी बंधन में नहीं रहे, जब अंग्रेज़ो ने भारत में अपनी हुकूमत जमा ली तब श्री अल्लूरी सीताराम राजू जैसे कई आदिवासी नेता जंगलो से आजादी का बिगुल बजा रहे थे। श्री अल्लूरी सीतारामा राजू ने 1922 में रम्पा की क्रांति का नेतृत्व किया था। श्री अल्लुरी जंगलो में संन्यासी के वेश में तीर कमान लिए विचरण करते थे। आदिवासी लोग उन्हें चमत्कारी एवं सिद्धपुरुष मानते है। 1922 अगस्त माह से शुरू रम्पा की लड़ाई गुरिल्ला युद्ध में बदल चुकी थी, जो 2 वर्षो तक चली वर्ष 1924 मई महीने में ब्रिटिश सेना ने घात लगा कर, पेड़ पर बांध कर उन्हें गोली मार दी। श्री अल्लूरी सीतारामा राजू जी को जिस पेड़ पर बांधा गया था वही उन...
राज्यपाल डॉ. लोकेश मुनि के षष्ठीपूर्ति के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुई

राज्यपाल डॉ. लोकेश मुनि के षष्ठीपूर्ति के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुई

राष्ट्रीय, विशेष लेख
प्रकृति एवं संस्कृति के संरक्षण के के लिए भगवान महावीर समेत अनेक महापुरुषों ने समाज का मार्गदर्शन किया। साथ ही यह संदेश दिया कि पृथ्वी, जल, ऊर्जा, वायु, वनस्पति इत्यादि प्रकृति के तत्व का अनावश्यक उपयोग न करें, क्योंकि पदार्थ सीमित मात्रा में है। मनुष्य की असीम इच्छाओं की पूर्ति सीमित पदार्थ नहीं कर सकते। इसलिए जीवन में संयम को अपनाना चाहिए। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कहीं। वे प्रकृति एवं सस्कृति के संरक्षण विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रही थी। यह आयोजन जैन संघ के आचार्य डॉ. लोकेश मुनि के षष्ठी पूर्ति के अवसर पर अखिल भारतीय जैन समाज द्वारा आयोजित किया गया। राज्यपाल ने डॉ. लोकेशजी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। राज्यपाल ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जैन समाज का उनका पुराना संबंध रहा है। कॉलेज के दिनों में जैन समाज के परिवार की लड़कियां उ...
1 जुलाई डाॅक्टर्स डे  : महात्मा बुद्ध और गांधी जी की छबि से मिलती जुलती है गांधीगंज के डाॅ.राजू की सूरत और सीरत

1 जुलाई डाॅक्टर्स डे : महात्मा बुद्ध और गांधी जी की छबि से मिलती जुलती है गांधीगंज के डाॅ.राजू की सूरत और सीरत

विशेष लेख
गुजिश्ता दौर से ही रायगढ़ को ख्याति दिलाने में सियासतदार राजा चक्रधरसिंह जी संगीत सम्राट केे नाम से मशहूर तो हैं ही, शास्त्रीय कत्थक नृत्य शैली में रायगढ़ घराना भी राजा साहब के वजह से ही माकूल हुआ है, दूसरी कड़ी में दानवीर किरोड़ीमल जी के बाद जिले को ख्याति दिलाने में मृत्यु पर्यन्त तक उ़द्योगो द्वारा प्रदूषण फैलाये जाने जल दोहन के खिलाफत करने तथा बेहतर पर्यावरण माहौल मुहैया कराने वास्ते सक्रिय रहे गांधीवादी विचार के कट्टर अनुयायी, देश की आजादी संग्राम के सेनानी और रायगढ़ से निर्वाचित प्रथम विधायक स्वर्गीय श्री रामकुंमार अग्रवाल जी को बतौर जननायक का नाम बेहद ही शउर से लिया जाता है। इन्हीं फ्रीडम फाईटर के सुपुत्र हैं गांधीगंज के डाॅ. राजू अग्रवाल निहायत ही कुदरती अदबी और शाहीनी इंसानियत से लबरेज़ हैं, तभी तो निखालिस घरेलु परिवेश में चल रहे इनके क्लिनिक में शक्त अशक्त मरीजों के हूजूम के बीच इनकी प...
01 जुलाई डॉक्टर्स डे : डॉ बी.सी. रॉय जयंती, उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू, अखिलेश यादव व अन्य

01 जुलाई डॉक्टर्स डे : डॉ बी.सी. रॉय जयंती, उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू, अखिलेश यादव व अन्य

मनोरंजन, राष्ट्रीय, विशेष लेख
रायपुर। दिनांक 01 जुलाई 1882 को महशूर डॉक्टर भारतरत्न बिधान चंद्र रॉय जी का जन्म बिहार के बांकीपुर जिले में हुआ था। पटना में स्कूल की पढाई के पश्चात उन्होंने वर्ष 1901 में कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया। मेडिकल में स्नातक पूर्ण होने के बाद वे वर्ष 1909 में मात्र 1200 रूपये लेकर ब्रिटेन की और कूच कर गए। ब्रिटेन से पोस्ट ग्रेजुएट सर्जन बनाना चाहते थे, तब के डीन भारतीय मूल के विद्यार्थियों को शिक्षा देना नहीं चाहते थे, बावजूद उन्होंने 30 बार दाखिले की अर्जी लगा लगा कर आखिर में एडमिशन ले ही लिया। वर्ष 1911 में ब्रिटेन से पढाई पूरी करने के बाद वे स्वदेश लौटे तथा कलकत्ता मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों में पढ़ाने लगे। बिधान जी पूर्ण स्वरज्य में विश्वास रखते थे और आजादी की लड़ाई में भी खूब सक्रिय रहे।  वे कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए थे दांडी मार्च, अविश्वास आंदोलन जैसे कई सत्याग्रहों में वे कै...