Wednesday, October 20संस्थापक, प्रधान संपादक, स्वामी श्री नवनीत जगतरामका जी
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विशेष लेख

पुलिस स्मृति दिवस : खाकी के भीतर धड़कती सांसो से ही हमारी जान में जान है

पुलिस स्मृति दिवस : खाकी के भीतर धड़कती सांसो से ही हमारी जान में जान है

विशेष लेख
प्रायः पुलिस कर्मी को अपना फ़र्ज पूरा करते देखते रहने के बावजूद अक्सर उनकी आलोचनाएं ज्यादा करते हैं, उन पर आरोप भी मढ़ते हैं जिनमें से कुछ सच लेकिन अधिकांशतः गलत होते हैं। पर हम भूल जाते हैं कि ये लोग कितना कठिन काम करते हैं। आज के दिन हमें उनकी सेवा को उस नजरिये से देखने की जुरूरत है कि हमारी पुलिस आम लोगों की जान माल की रक्षा करने में अपनी जिंदगी से किस तरह से सहर्ष समझौता कर लेते हैं और वक्त-ब-वक्त अपनी जिंदगी न्यौछावर करने से भी नहीं चूकतेश्। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू जी के इस उद्गार को पुलिस के लिए पहला सम्मान माना जा सकता है। मौका था जयपुर राजस्थान में पुलिस स्मारक के लोकार्पण का और तारीख थी साल 1963 के 05 नवंबर का। बहरहाल अगली कड़ी में आज पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर हमर छत्तीसगढि़या पुलिस को सब ले बढि़या होने की तर्ज पर सम्मान करने की जुरूरत और जिम्मेदारी हम छत्तीसगढ...
शिक्षक दिवस, 05 सितंबर 2021 के मौक़े पर आई.जी.श्री दाॅगी की जीवनी पर खास पेशकश शिक्षक से महानिरीक्षक तक केवल परीक्षा ही परीक्षा: तब श्रवण पुत्र बन पाए हैं

शिक्षक दिवस, 05 सितंबर 2021 के मौक़े पर आई.जी.श्री दाॅगी की जीवनी पर खास पेशकश शिक्षक से महानिरीक्षक तक केवल परीक्षा ही परीक्षा: तब श्रवण पुत्र बन पाए हैं

विशेष लेख
शिक्षक से महानिरीक्षक बनने के जज्बे को यथार्थ में साबित करना, और अपने समकक्ष तीन अफ़सरों के अलावा दीगर नामचीन पुलिस अधिकारियों के बीच मुकद्दर का सिकंदर कहलाने का श्रेय हासिलात करने की कवायद आसमां से तारे तोड़ लाने जैसे मिसाल को मुक्कम्मल बनाने वाले छत्तीसगढ़ बिलासपुर रेंज के आई.जी.श्री रतन लाल डांगी का नाम बेहद अदब और शउर के साथ लिया जाता है। फिलहाल दो पुलिस रेंज बिलासपुर और सरगुजा के आई.जी. यानि 10 जिलों क्रमशः बिलासपुर, मुंगेली, जीपीएम, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ, अंबिकापुर, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया के सुपरविजन आफिसर तो हैं ही गुजिश्ता 15 अगस्त को घोषित चार नये जिलों में से सक्ती, सारंगढ़ और मनेन्द्रगढ़ जिले की नई तस्वीर बनाने की साझी जिम्मेदारी भी इन पर है। राजस्थान की जमीन पर जन्म होने के बाद अपनी तकदीर को उंचा बनाने का हौसला और छत्तीसगढ़ की धरती में कदमपोशी की तवारीख से लेकर अब तक के सेवा...
मुख्यमंत्री ने साहित्यकार सतीश जायसवाल को वसुंधरा सम्मान से सम्मानित किया

मुख्यमंत्री ने साहित्यकार सतीश जायसवाल को वसुंधरा सम्मान से सम्मानित किया

राष्ट्रीय, विशेष लेख
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को समृद्ध बनाने के लिए गांवों को समृद्ध बनाना होगा। ग्रामीणों, किसानों, मजदूरों की स्थिति को बेहतर बनाने के साथ ही लोककला एवं संस्कृति को संरक्षित करना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ग्रामीण व्यवस्था को मजबूत कर रही है। गांधीवादी एवं ग्रामीण व्यवस्था के सशक्त प्रतिनिधि स्वर्गीय देवी प्रसाद के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि स्वर्गीय श्री देवी प्रसाद चौबे जी वैचारिक रूप से दृढ़ और धार्मिक व्यक्ति थे। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों विशेषकर देउरगांव स्थित महामाया मंदिर में बलि प्रथा की रोकथाम में अग्रणी भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गांवों में रोजगार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से लोगों का खे...
ओलिंपिक गोल्ड विजेता नीरज चोपड़ा को इस्पात टाइम्स परिवार की तरफ से बधाई – प्रधान संपादक नवनीत जगतरामका

ओलिंपिक गोल्ड विजेता नीरज चोपड़ा को इस्पात टाइम्स परिवार की तरफ से बधाई – प्रधान संपादक नवनीत जगतरामका

खेल कूद, राष्ट्रीय, विशेष लेख
दर्द कहां तक पाला जाए, गोल्ड कहां तक टाला जाए तुम भी हो भारत के वंशज, फेंक जहां तक भाला जाए "चार बांस चौबीस गज अंगुल अष्ट प्रमाण ता ऊपर सुल्तान है मत चूके चौहान" सात अगस्त इक्कीसवीं सदी के इक्कीसवें साल पांच अड़तीस पर नही चुके चोपड़ा दिया लक्ष्य भेद। शाबास नीरज #NeerajChopra 🇮🇳 🥇 श्री नवनीत जगतरामका प्रधान संपादक इस्पात टाइम्स रायपुर. रायगढ़...
रायपुर : विशेष लेख : गोधन न्याय से साकार हो रहा स्वावलंबी गांव का सपना

रायपुर : विशेष लेख : गोधन न्याय से साकार हो रहा स्वावलंबी गांव का सपना

छत्तीसगढ़ न्यूज़, विशेष लेख
खुशहाली और प्रेम के साथ हरियाली का प्रतीक छत्तीसगढ़ का पहला पर्व हरेली के दिन से प्रदेश में लागू की गई गोधन न्याय योजना अब आमदनी का पर्याय बन चुकी है। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और अस्मिता से जुड़ा हरेली पर्व ग्रामीणों और किसानों के खुशियों का वह स्वागत द्वार भी है, जहाँ से बढ़ाया गया एक-एक कदम उन्हें समृद्धि से जोड़ता है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने शायद इसीलिए पिछले साल हरेली पर्व के दिन छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया कि यहाँ के किसान, गरीब जो पशुपालन से जुड़े हैं वे गोबर बेचकर आमदनी हासिल करें और आर्थिक समृद्धि की राह में आगे बढ़ सकें। प्रदेश के मुखिया की यह संकल्पना महज एक साल में साकार हो जाएगी और रोजगार के साथ आमदनी का नया अवसर विकसित  कर देगी यह भी शायद ही किसी ने सोचा था, लेकिन यह सच है कि गोधन न्याय योजना ने पशुपालन करने वाले गोबर विक्रेताओं के साथ ही ग...
नोबल कविगुरू रबिंद्रनाथ टैगोर की जयंती 07 अगस्त के मौके पर खास पेशकश

नोबल कविगुरू रबिंद्रनाथ टैगोर की जयंती 07 अगस्त के मौके पर खास पेशकश

विशेष लेख
साल 1890 में बिलासपुर रेल्वे स्टेशन की बिल्डिंग ब्रिटिश हूकूमत के नुमांइदों के द्वारा बनाई गई है। यूरोपियन शैली में बनी इस बिल्डिंग के उपरी मंजिल में चढ़ने उतरने के लिए सीसम लकड़ियां की सीढ़ी का उपयोग अभी हाल के दिनों तक किया गया है। इसी बिल्डिंग की मुख्य दीवार में तत्कालीन डीआरएम श्री बनर्जी द्वारा कविगुरू रबिन्द्र्रनाथ टैगोर रचित एक कविता डिस्पले है । रायगढ़ की प्रख्यात शिक्षाविद् श्रीमति टुम्पा देवाशीष सरकार बताती हैं कि वो खुद बिलासपुर की हैं उनकी दिवंगत श्वसुर इसी रेल्वे विभाग में स्टेशन मास्टर रहे हैं, फलतः स्टेशन से गुजरना नियमित रहा है। हिंदी बांग्ला और अंगे्रजी भाषा में लिखी इस कविता में छुपी भावनाओं को स्पष्ट करती हुई टुम्पा का कहना है कि श्री रबिन्द्र नाथ टैगोर द्वारा फाॅकी एक बहोत ही सुंदर भावनात्मक भरी हार्दिक श्ऱद्धांजलि है, अर्थ है भ्रम (छल)। कविता एक ऐसे वायदे के ईदगिर्द घू...
मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती : आम जन-जीवन की पीड़ा नेे रचा मुंशी प्रेमचंद का साहित्य : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती : आम जन-जीवन की पीड़ा नेे रचा मुंशी प्रेमचंद का साहित्य : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

राष्ट्रीय, विशेष लेख
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मुंशी प्रेमचंद जी की आज 31 जुलाई को जयन्ती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होने मुंशी प्रेमचंद (श्री धनपतराय श्रीवास्तव) के साहित्य में योगदान को याद करते हुए कहा कि उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद ने आम आदमी के दुख दर्द को अपने साहित्य में उतारा। उनकी ज्यादातर रचनाएं आम आदमी की गरीबी और बेबसी का यथार्थ चित्रण हैं। उन्होंने सांप्रदायिकता, भ्रष्टाचार, जमींदारी, कर्जखोरी, गरीबी, उपनिवेशवाद का बड़ी कुशलता से अपने साहित्य में वर्णन किया। प्रेमचंद एक संवेदनशील लेखक थे जिन्होंने सरल, सहज और आम बोल-चाल की भाषा का उपयोग किया और अपने प्रगतिशील विचारों की अमूल्य साहित्य की विरासत छोड़ गए है।...
142वीं जयंती 31 जुलाई 2021 के मौके पर खास पेशकश प्रेमचंद की कहानियों में भारत दर्शन कितना उजला, कितना धुंधला?

142वीं जयंती 31 जुलाई 2021 के मौके पर खास पेशकश प्रेमचंद की कहानियों में भारत दर्शन कितना उजला, कितना धुंधला?

विशेष लेख
नवाब वह होता है, जिसके पास कोई मुल्क हो, हमारे पास मुल्क कहां ?‘‘ बे-मुल्क भी नवाब होते हैं ? ‘‘ यह किसी कहानी का नाम हो जाए तो बुरा नहीं, मगर अपने लिए यह घमंड पूर्ण है। चार पैसे पास नहीं और नाम नवाबराय । इस नवाबी से प्रेम भला, जिसमें ठंडक भी है, संतोष भी। अपनी मुसीबतों पर इस तरह हंसते हुए प्रेमचंद जी ने अपने नवाब को निरर्थक ठहराया। हिंदी साहित्य के कालजयी पत्रिका ‘‘हंस‘‘के मई, 1937 के अंक में प्रकाशित सुदर्शन जी और प्रेमचंद जी के बीच हुए संवाद तब के वक्त में हुआ रहा जब 1909 के दौर में प्रेमचंद की कहानी सोज़े वतन, ज़माना प्रेस, कानपुर की प्रतियां अंग्रेज सरकार ने बगावती लेख मानकर जप्त कर ली थीं। तब उर्दू अख़बार ज़माना के संपादक मुंशी दयानारायण निगम जी ने नवाबराय नाम की जगह प्रेमचंद के नाम से लिखना सुझाये थे। और उसी दौर में सुदर्शन जी ने प्रेमचंद से सवाल किये थे कि आपने नवाबराय नाम क्यूं छो...
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन प्रदेश इकाई के नई कार्यकारिणी की पहली बैठक अग्रसेन धाम रायपुर में हुई

अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन प्रदेश इकाई के नई कार्यकारिणी की पहली बैठक अग्रसेन धाम रायपुर में हुई

रायगढ़, रायपुर, राष्ट्रीय, विशेष लेख
रायपुर। 25 जुलाई 2021. अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन की छत्तीसगढ़ इकाई की प्रथम प्रदेश कार्यकारिणी बैठक रायपुर के वी.आई.पी रोड पे स्थित अग्रसेन धाम में आयोजित की गयी। संगठन के पिछले 45 सालो के इतिहास में पहली बार रायपुर जिले से बाहर रायगढ़ जिले के श्री संतोष अग्रवाल जी को प्रदेश अध्यक्ष पद पर निर्वाचित किया गया। अग्रवाल समाज के पूजनीय महाराजा अग्रसेन जी की पूजा-आरती से बैठक आरंभ हुई, सर्वप्रथम प्रदेश अध्यक्ष श्री संतोष अग्रवाल जी ने सभी माननीय अतिथिगण एवं अग्रबन्धु सदस्यों का आभार व्यक्त किया एवं भविष्य की कई योजनाओं को अमल करने का संकल्प लिया। तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उन्होंने भाषण प्रारंभ करते हुए कहा कि “मुख्यतः समाज की प्रगति के लिए संगठन को और मजबूत करना होगा अग्रसेन महाराज जी की एक ईट और एक रूपया की निति को क्रियावन्त करना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है।“ उन्होंने कोरोना काल में अग्र...