Wednesday, July 28संस्थापक, प्रधान संपादक, स्वामी श्री नवनीत जगतरामका जी
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विशेष लेख : राजेश श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायालय न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन एवं निर्देशन

कोरोना संक्रमण काल की अवधि को देखते हुए फिजिकल भौतिक रूप से विधिक साक्षरता शिविर आयोजित नहीं किया जा रहा है समाज में बढ़ते अपराधों को देखते हुए विशेष रूप से जागरूक किया जाना अति आवश्यक प्रतीत हो रहा है इन्हीं रजिस्ट्री को ध्यान में रखते हुए राजेश श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायालय न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन एवं निर्देशन पर

दिनांक 16 2021 से 21 से 30 तक जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग के समय से ऑनलाइन किया जा रहा है ऑनलाइन में आज ब्लॉक के अध्यापकों की प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यापकों को शैलेश कुमार तिवारी विशेष न्यायाधीश के द्वारा विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए ऑनलाइन आयोजित किए गए शिविर में डॉ के ने ऋषि के माध्यम से घरेलू हिंसा के बढ़ते अपराधों पर देखते हुए घरेलू हिंसा से संबंधित कानूनों पर विशेष जोर दिया तथा घरेलू हिंसा के महिलाओं के लिए

उपलब्ध कानूनी अधिकारों से अवगत कराया तथा महिलाओं को प्राप्त होने वाली निशुल्क विधिक सहायता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी उन्हें बताया गया कि घरेलू हिंसा का संबंध प्रतिवादी के किसी कार्य नोकिया आचरण से है जिससे व्यक्ति जिससे व्यथित व्यक्ति के स्वास्थ्य सुरक्षा जीवन या किसी अंग को हानि या नुकसान हो इसमें शरीक एवं मानसिक उत्पीड़न लैंगिक शोषण मौखिक और भावनात्मक शोषण वह आर्थिक उत्पीड़न शामिल है व्यथित व्यक्ति और उसके किसी संबंधी को दहेज या किसी अन्य संपत्ति की मांग के लिए हानियां नुकसान

पहुंचाना भी इसके अंतर्गत आता है महिला को अपमानित करना बच्चा ना होने व लड़का पैदा ना होने पर ताने मारना और महिला के किसी संबंधी को मारने पीटने की धमकी देना न्यायाधीश शैलेश कुमार तिवारी ने मोटर यान अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी विद्यार्थी बिना लाइसेंस के दुपहिया वाहन ना चलाएं विद्यार्थियों में दुपहिया वाहन को अत्यधिक गति में चलाया जाता है जिसके वजह से मानव जीवन को क्षति होने की संभावना अधिक रहती है नशे में वाहन चलाया जाना दंडनीय अपराध है विद्यार्थियों में वाहन चालक संबंधी नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है उन्हें नियमों का ज्ञान व के प्रधान की जानकारी नहीं होती इसी उद्देश्य को ऊंची के दिए इस vidita की

आस्था हो रही है वहां को यह भी जानकारी किया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति द्वारा वाहन चलाया जाना अपराध है तथा अधिक उम्र के व्यक्ति द्वारा लोक मार्ग पर वाहन चलाना अपराध है यदि कोई वाहन का स्वामी अपने वाहन को 18 वर्ष से कम व्यक्ति को चलाने देता है तो चालक के साथ-साथ वाहन स्वामी भी अपराध का भागी होता है कोई भी वाहन लोग मार्ग पर बिना पंजीयन के नहीं चलाया जा सकता बिना पंजीयन के वाहन चलाना अपराध होता है यदि कोई व्यक्ति वाहन भेजता है तो वहां बेचे जाने के 15 दिनों के अंदर उक्त वाहन का

पंजीयन एवं बीमा का ट्रांसफर करा लेना चाहिए वाहन चालकों को यह जानकारी दी कि बिना बीमा के मोटरयान चलाना अपराध है तथा यदि बिना बीमा के मोटर यान से किसी की मृत्यु हो जाने पर अमृत के दुर्घटना दावा का भुगतान वाहन स्वामी या वाहन चालक द्वारा किया जाता है यदि वाहन को बिना बीमा के चल पाया जाता है तो चालक के साथ साथ वह स्वामी भी दायित्वाधीन होता है ऑनलाइन पढ़ाई होने से शिक्षकों को इस संबंध में अधिक से अधिक जानकारी विद्यार्थियों को देनी चाहिए।

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