Thursday, September 23संस्थापक, प्रधान संपादक, स्वामी श्री नवनीत जगतरामका जी
Shadow

Tag: surendra verma

शिक्षक दिवस, 05 सितंबर 2021 के मौक़े पर आई.जी.श्री दाॅगी की जीवनी पर खास पेशकश शिक्षक से महानिरीक्षक तक केवल परीक्षा ही परीक्षा: तब श्रवण पुत्र बन पाए हैं

शिक्षक दिवस, 05 सितंबर 2021 के मौक़े पर आई.जी.श्री दाॅगी की जीवनी पर खास पेशकश शिक्षक से महानिरीक्षक तक केवल परीक्षा ही परीक्षा: तब श्रवण पुत्र बन पाए हैं

विशेष लेख
शिक्षक से महानिरीक्षक बनने के जज्बे को यथार्थ में साबित करना, और अपने समकक्ष तीन अफ़सरों के अलावा दीगर नामचीन पुलिस अधिकारियों के बीच मुकद्दर का सिकंदर कहलाने का श्रेय हासिलात करने की कवायद आसमां से तारे तोड़ लाने जैसे मिसाल को मुक्कम्मल बनाने वाले छत्तीसगढ़ बिलासपुर रेंज के आई.जी.श्री रतन लाल डांगी का नाम बेहद अदब और शउर के साथ लिया जाता है। फिलहाल दो पुलिस रेंज बिलासपुर और सरगुजा के आई.जी. यानि 10 जिलों क्रमशः बिलासपुर, मुंगेली, जीपीएम, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ, अंबिकापुर, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया के सुपरविजन आफिसर तो हैं ही गुजिश्ता 15 अगस्त को घोषित चार नये जिलों में से सक्ती, सारंगढ़ और मनेन्द्रगढ़ जिले की नई तस्वीर बनाने की साझी जिम्मेदारी भी इन पर है। राजस्थान की जमीन पर जन्म होने के बाद अपनी तकदीर को उंचा बनाने का हौसला और छत्तीसगढ़ की धरती में कदमपोशी की तवारीख से लेकर अब तक के सेवा...
नोबल कविगुरू रबिंद्रनाथ टैगोर की जयंती 07 अगस्त के मौके पर खास पेशकश

नोबल कविगुरू रबिंद्रनाथ टैगोर की जयंती 07 अगस्त के मौके पर खास पेशकश

विशेष लेख
साल 1890 में बिलासपुर रेल्वे स्टेशन की बिल्डिंग ब्रिटिश हूकूमत के नुमांइदों के द्वारा बनाई गई है। यूरोपियन शैली में बनी इस बिल्डिंग के उपरी मंजिल में चढ़ने उतरने के लिए सीसम लकड़ियां की सीढ़ी का उपयोग अभी हाल के दिनों तक किया गया है। इसी बिल्डिंग की मुख्य दीवार में तत्कालीन डीआरएम श्री बनर्जी द्वारा कविगुरू रबिन्द्र्रनाथ टैगोर रचित एक कविता डिस्पले है । रायगढ़ की प्रख्यात शिक्षाविद् श्रीमति टुम्पा देवाशीष सरकार बताती हैं कि वो खुद बिलासपुर की हैं उनकी दिवंगत श्वसुर इसी रेल्वे विभाग में स्टेशन मास्टर रहे हैं, फलतः स्टेशन से गुजरना नियमित रहा है। हिंदी बांग्ला और अंगे्रजी भाषा में लिखी इस कविता में छुपी भावनाओं को स्पष्ट करती हुई टुम्पा का कहना है कि श्री रबिन्द्र नाथ टैगोर द्वारा फाॅकी एक बहोत ही सुंदर भावनात्मक भरी हार्दिक श्ऱद्धांजलि है, अर्थ है भ्रम (छल)। कविता एक ऐसे वायदे के ईदगिर्द घू...