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राज्य के सीमावर्ती गांवों को मलेरिया मुक्त करने की पहल : छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का साझा अभियान

राज्य के सीमावर्ती गांवों को मलेरिया मुक्त करने की पहल : छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का साझा अभियान

chhattisgarh
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के सीमावर्ती गांवों के लोगों को मलेरिया से बचाने के लिए एक अभिनव पहल दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों के कलेक्टर की संयुक्त पहल पर शुरू की जा रही है। 22 जुलाई 2021 को उक्त दोनों जिलों के स्वास्थ्य विभाग के अमलों द्वारा बार्डर क्षेत्र के गांवों में मास स्क्रीनिंग कार्यक्रम के तहत घर-घर सर्वे कर मलेरिया की जांच व उपचार किया जाएगा। राजनांदगांव कलेक्टर श्री तारण प्रकाश सिन्हा के निर्देशन में इस अभियान को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी जिला राजनांदगांव तथा डॉ. मनोज पाण्डे बालाघाट के मार्गदर्शन में मलेरिया उन्मूलन हेतु राजनांदगांव जिले के विकासखण्ड खैरागढ़ एवं छुईखदान के अंतर्गत मध्यप्रदेश बार्डर क्षेत्र में ग्राम स्तर पर मास स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन 22 जुलाई को होगा। इसको लेकर ...
विशेष लेख : बस्तर को मलेरिया, एनीमिया, कुपोषण से मुक्त करने और शिशु व मातृ मृत्यु दर में कमी लाने मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का चौथा चरण शुरू

विशेष लेख : बस्तर को मलेरिया, एनीमिया, कुपोषण से मुक्त करने और शिशु व मातृ मृत्यु दर में कमी लाने मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का चौथा चरण शुरू

अंबिकापुर, राष्ट्रीय
रायपुर. पूरे बस्तर संभाग से मलेरिया को खत्म करने में मील का पत्थर साबित हो रहे मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के चौथे चरण की शुरूआत 15 जून से हो चुकी है। 31 जुलाई तक चलने वाले चौथे चरण के शुरूआती चार दिनों में ही स्वास्थ्य विभाग की टीम करीब 31 हजार घरों तक पहुंच चुकी है। इस दौरान एक लाख 28 हजार से अधिक लोगों की मलेरिया जांच कर पॉजिटिव पाए गए 1066 मरीजों का तत्काल इलाज शुरू किया गया है। मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ और मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के असर को देखते हुए प्रदेश में इस बार इसे कुल 21 जिलों तक विस्तारित किया जा रहा है। अभियान से मलेरिया उन्मूलन के साथ ही एनीमिया और कुपोषण को खत्म करने तथा शिशु व मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ में मलेरिया से सबसे ज्यादा प्रभावित बस्तर संभाग में मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के पहले तीन चरणों का व्यापक असर दिखा है। मई-2020 की तुलना में व...

कोण्डागांव : जिले के दुर्गम ग्राम कोटोड़ी में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का हुआ आगाज

बस्तर संभाग
कोण्डागांव. 15 जून से जिले में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के शुरूआत के बाद संपूर्ण जिले में अभियान त्वरित गति से चलाया जा रहा है। इसके तहत् बुधवार को कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के निर्देश पर मलेरिया सर्वेक्षण दल केशकाल विकासखण्ड के पहुंचविहीन ग्राम कोटोड़ी पहुंचा। इस दल के साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ टीआर कुँवर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोनल ध्रुव एवं आयुष नोडल डॉ सीबी वर्मा सहित धनोरा सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मचारी भी कोटोड़ी पहुंचे। जहां दल द्वारा ग्राम के ग्रामीणों की घर-घर जा कर मलेरिया जांच की गयी साथ घरों के आस-पास पानी के जमाव के संबंध में निरीक्षण भी किया गया। इस जांच के दौरान चार व्यक्तियों में मलेरिया पाॅजेटिव पाया गया। इन सभी को मलेरिया की दवाईयों की प्रथम खुराक तत्समय शिविर स्थल पर ही दी गयी। ज्ञात हो कि 229 जनसंख्या वाले इस ग्राम में गतवर्ष मलेरिया जांच हेतु ...
रायपुर : यूएनडीपी और नीति आयोग ने मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान को सराहा

रायपुर : यूएनडीपी और नीति आयोग ने मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान को सराहा

रायपुर
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और नीति आयोग ने प्रदेश के बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की सराहना की है। यूएनडीपी ने नीति आयोग को सौंपे अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आकांक्षी जिलों बीजापुर और दंतेवाड़ा में इस अभियान के बहुत अच्छे नतीजे आए हैं। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के असर से बीजापुर जिले में मलेरिया के मामलों में 71 प्रतिशत और दंतेवाड़ा में 54 प्रतिशत की कमी आई है। यूएनडीपी ने इस अभियान को आकांक्षी जिलों में संचालित सबसे बेहतर अभियानों में से एक बताया है। उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मलेरिया को खत्म करने देश के अन्य आकांक्षी जिलों में भी इस तरह का अभियान संचालित किया जाना चाहिए। आकांक्षी जिलों में संचालित सबसे बेहतर अभियानों में से एक, मलेरिया खत्म करने देश के अन्य आकांक्षी जिलों में इ...