Thursday, July 29संस्थापक, प्रधान संपादक, स्वामी श्री नवनीत जगतरामका जी
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व्यापारी संघ की नई कार्यकारिणी गठित, प्रेम कुमार अध्यक्ष, श्रीनिवास-अनिल उपाध्यक्ष बनाए गए

व्यापारी संघ की नई कार्यकारिणी गठित, प्रेम कुमार अध्यक्ष, श्रीनिवास-अनिल उपाध्यक्ष बनाए गए

बस्तर संभाग
भोपालपट्नम। व्यापारी संघ की बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से प्रेम कुमार अध्यक्ष बनाए गए। इसी तरह पी श्रीनिवास व अनिल जन्नम उपाध्यक्ष मनोनित हुए। मिनहाज अहमद को सचिव, राममुरथ द्विवेदी सहसचिव, पी राजेष कोषाध्यक्ष, सह कोषाध्यक्ष ए प्रमोद को बनाया गया। इस दौरान कोर कमेटी का गठन भी हुआ। जिसमें राजाराम , विष्वनाथ, जी मुरली, मुर्गेष शेट्टी, इरषाद खान, पी आनंद, पी संतोष, मुरली चांडक, लक्ष्मी नारायण कीर्ति शामिल है।...
बीजापुर : सागौन मामले में चुप नहीं बैठेगी सीपीआई : कमलेश भाकपा नेता ने प्रशासन पर जांच में पक्षपात का लगाया आरोप

बीजापुर : सागौन मामले में चुप नहीं बैठेगी सीपीआई : कमलेश भाकपा नेता ने प्रशासन पर जांच में पक्षपात का लगाया आरोप

बस्तर संभाग
बीजापुर। नगर के जनपद स्कूल में सागौन पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। मामले में आरोपियों की गिरफतारी की मांग कर रही सीपीआई के जिला सचिव ने अब स्थानीय प्रशासन पर पूरे मामले को दबाने और मामले में संलिप्त रसूखदारों को बचाने का आरोप लगाया है। भाकपा सचिव कमलेश झाड़ी ने जारी विज्ञप्ति में यह आरोप लगाया है। कमलेश का कहना है कि मामला प्रकाश में आए एक माह बीतने को है, बावजूद प्रशासन की जांच आरोपियों को बेनकाब करने में नाकाम रही है। अवैध कटाई की सुक्ष्मता से जांच की मांग को लेकर सीपीआई ने प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी भी दी थी, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। मामले को लेकर सीपीआई आंदोलन करना चाहती, लेकिन प्रषासन ने उसकी इजाजत भी नहीं दी। इस तरह प्रशासन की कार्रवाई को लेकर बेरूखी से सागौन चोरों के हौसले अब बुलंद हैं। कमलेश का कहना है कि मामले में कई गहरे राज दफन है...
थाना ईरागॉव पुलिस द्वारा दुरस्थ नक्सल प्रभावित ग्राम डुंण्डाबेडमा सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम

थाना ईरागॉव पुलिस द्वारा दुरस्थ नक्सल प्रभावित ग्राम डुंण्डाबेडमा सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम

बस्तर संभाग
आज दिनांक 22.07.2021 को श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री सिध्दार्थ तिवारी एवं एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री अमित पटेल के दिशा निर्देषन में थाना प्रभारी ईरागॉव निरीक्षक ओंकार सिंह दीवान थाना बल के साथ नक्सल प्रभावित ग्राम डुण्डाबेडमा पहुंच कर शिविक एक्सन कार्यक्रम का आयोजन किया । कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चे एवं युवा वर्ग फुटबाल टीम को खेल समाग्री जूता फुटबाल व्हालीबाल आदी वितरण किया गया, साथ ही कार्यक्रम दौरान ग्रामीणों से चर्चा करते हुए थाना प्रभारी ओंकार दीवान द्वारा सायबर अपराध महिलाओं एवं बच्चों पर धटित होने वाली अपराधों के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुए आनलाईन ठगी से बचने के उपाय के बारे में बताया गया । साथ ही वर्तमान में बढते कोरोना महामारी से सतर्क रहने व बचने के उपायों की जानकारी दी गई । कार्यक्रम के दौरान ग्राम डुण्डाबेडमा सरपंच राजमन मण्डावी, स्कूली बच्चे गॉव के महिलाएं ...
बीजापुर : नीलम सरई को शराबियों की लगी नजर, जलप्रपात के उपर शराब-बीयर की खाली बोतलों से बिगड़ी सूरत

बीजापुर : नीलम सरई को शराबियों की लगी नजर, जलप्रपात के उपर शराब-बीयर की खाली बोतलों से बिगड़ी सूरत

बस्तर संभाग
बीजापुर। बीते वर्षों में सुर्खियों में आया नीलम सरई जलप्रपात को शराबियों की नजर लग गई है। परिणामस्वरूप इस खूबसूरत जलप्रपात का साफ सुथरा परिवेष शराबियों की हरकतों की भेंट चढ़ रहा है। बतौर गाईड आगुंतकों को जलप्रपात तक ले जाने वाले स्थानीय युवाओं ने संवाददाता को तस्वीरें भेजी है, जिसमें जलप्रपात के कुण्ड के उपरी हिस्से यानी कि पहाड़ी की चोटी पर जगह-जगह अंग्रेजी शराब, बीयर की खाली बोतलें पड़ी हैं तो कहीं कहीं कांच के टुकड़े। गौरतलब है कि गत दो वर्षों में नीलम सरई जलप्रपात की खूबसूरती बाहर आने के बाद जलप्रपात को करीब से निहारने पहाड़ी पर लोगों का तांता लगा हुआ है। लोग जलप्रपात तक पहुंच रहे हैं और फूर्सत के पल का आनंद उठाने पिकनिक भी मना रहे हैं। पिकनिक के दौरान ही शराब के आदियों ने इस खूबसूरत दर्षनीय स्थल को भी नहीं बख्शा। जलप्रपात के उपर जगह-जगह शराब और बीयर की खाली बोतलें नजर आ रही है। वही खाने...
’मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- पर्यटकों को अपनी संस्कृति से परिचित कराते हुए गर्व होता है’

’मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- पर्यटकों को अपनी संस्कृति से परिचित कराते हुए गर्व होता है’

chhattisgarh
बस्तर में पर्यटन के जरिये स्थानीय लोगों को न सिर्फ रोजगार मिल रहा है, बल्कि वे पर्यावरण को बचाए रखने की मुहिम में भी शामिल हो रहे हैं। ऐसे ही कामों से जुड़े बस्तर के नौजवानों ने आज मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से कहा कि पर्यटकों के अपने खान-पान, रीति-रिवाज और कला-परंपराओं से परिचित कराते हुए उन्हें गर्व होता है। बस्तर, सुकमा और बीजापुर जिलों में विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इन नौजवानों से बातचीत की। तिरखा बस्तर पर्यटन समूह में काम कर रही खीरमणि कश्यप ने बताया कि उनका समूह बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत है। समूह के सदस्य पर्यटकों को कैंपिंग के दौरान स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य और पेय जैसे चापड़ा चटनी, बासता, बोड़ा, मड़िया और पेज पिलाते हैं। पर्यटक इन पारंपरिक खाद्यों को बहुत पसंद करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि आदिवासी-संस्क...
विशेष लेख : बस्तर को मलेरिया, एनीमिया, कुपोषण से मुक्त करने और शिशु व मातृ मृत्यु दर में कमी लाने मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का चौथा चरण शुरू

विशेष लेख : बस्तर को मलेरिया, एनीमिया, कुपोषण से मुक्त करने और शिशु व मातृ मृत्यु दर में कमी लाने मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का चौथा चरण शुरू

अंबिकापुर, राष्ट्रीय
रायपुर. पूरे बस्तर संभाग से मलेरिया को खत्म करने में मील का पत्थर साबित हो रहे मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के चौथे चरण की शुरूआत 15 जून से हो चुकी है। 31 जुलाई तक चलने वाले चौथे चरण के शुरूआती चार दिनों में ही स्वास्थ्य विभाग की टीम करीब 31 हजार घरों तक पहुंच चुकी है। इस दौरान एक लाख 28 हजार से अधिक लोगों की मलेरिया जांच कर पॉजिटिव पाए गए 1066 मरीजों का तत्काल इलाज शुरू किया गया है। मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ और मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के असर को देखते हुए प्रदेश में इस बार इसे कुल 21 जिलों तक विस्तारित किया जा रहा है। अभियान से मलेरिया उन्मूलन के साथ ही एनीमिया और कुपोषण को खत्म करने तथा शिशु व मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ में मलेरिया से सबसे ज्यादा प्रभावित बस्तर संभाग में मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के पहले तीन चरणों का व्यापक असर दिखा है। मई-2020 की तुलना में व...
बस्तर : दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच रही विकास की किरण, सड़कों और अधोसंरचनाओं का निर्माण तेजी से हो रहा

बस्तर : दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच रही विकास की किरण, सड़कों और अधोसंरचनाओं का निर्माण तेजी से हो रहा

छत्तीसगढ़ न्यूज़
बस्तर में नक्सलवाद पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा-बलों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में कैंप स्थापित किए जाने की जो रणनीति अपनाई गई है, उसने अब नक्सलवादियों को अब एक छोटे से दायरे में समेट कर रखा दिया है। इनमें से ज्यादातर कैंप ऐसे दुर्गम इलाकों में स्थापित किए गए हैं, जहां नक्सलवादियों के खौफ के कारण विकास नहीं पहुंच पा रहा था। अब इन क्षेत्रों में भी सड़कों का निर्माण तेजी से हो रहा है, यातायात सुगम हो रहा है, शासन की योजनाएं प्रभावी तरीके से ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं, अंदरुनी इलाकों का परिदृश्य भी अब बदल रहा है। बस्तर में नक्सलवादियों को उन्हीं की शैली में जवाब देने के लिए सुरक्षा-बलों ने भी घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ों में अपने कैंप स्थापित करने का निर्णय लिया। इन कैंपों की स्थापना इस तरह सोची-समझी रणनीति के साथ की जा रही है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर हर कैंप एक-दूसरे की मदद कर सके। इन कै...