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स्वामी श्री स्वरूपानंद महाविद्यालय में योग दिवस के अवसर पर हुआ सामुहिक वर्चुअल सूर्य नमस्कार का आयोजन एवं पन्द्रह दिवसीय योग सर्टिफिकेट कोर्स का समापन

स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर आॅनलाईन सूर्य नमस्कार का सफल आयोजन किया गया। विश्व योग दिवस के अवसर महाविद्यालय प्राचार्य] प्राध्यापक एवं विद्यार्थियों ने प्रातः सात बजे वर्चुअल सूर्य नमस्कार किया। महाविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. दीपक शर्मा ने कहा कि भारत योग की भूमि है और योग के माध्यम से ना केवल हम स्वस्थ तन बल्कि मन भी स्वस्थ रहता है। प्राचार्य डाॅ. हंसा शुक्ला ने कहा कि योग के महत्व को देखते हुये इक्कीस जून को विष्व योग दिवस के रूप मे मनाया जाता है हम सभी संकल्पित हो कर योग को अपने दिन चर्चा में शामिल करे तो हम बहुत सी बिमारियों से निजात पा सकते है।

योग सर्टिफिकेट कोर्स स्वावलंबी योग अकादमी के साथ हुये एमओयू के तहत किया गया जिसमें योग प्रशिक्षक श्री आनंद सिंह राजपूत] श्री विजय राजपूत एवं सुश्री संगीता तिवारी थे।

योग सर्टिफिकेट कोर्स में सभी संकाय के छात्र-छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया। सर्टिफिकेट कोर्स के प्रथम दिन योग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई और दैनिक जीवन में इसके लाभ को बताया गया। इसके साथ क्या खाना चाहिये तथा मानव शरीर की मांसपेशीयों को समझाया गया। मानव शरीर के विभिन्न बिमारियों का वर्णन किया गया व योग के माध्यम से उनका निवारण बताया।

प्रतिदिन थ्योरी एवं प्रायोगिक कक्षा में विभिन्न प्रकार के आसन और योग विधा को बताया गया। बंध] मुद्रा] प्राणायाम] नाड़ीशोधन] ध्यान] आसान] सूर्य नमस्कार] सतर्कम आदि योग सिखाये गये एवं अभ्यास काराया गया।
सैद्धांतिक कक्षा में अष्टांक योग में यम नियम आसन प्रायाणाम] प्रत्याहार धरना ध्यान समाधी तथा योग के प्रकार- हठ योग राजयोग कर्मयोग ध्यानयोग भक्तियोग तंत्रयोग को विस्तार से बताया गया। इसके अलावा मानव शरीर नारी समस्या अवसाद प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये योग और प्राणायाम बताया गया।

अतिथि व्याख्यान में पहले दिन डाॅ. हरमन सिंह अलरेजा विभागाध्यक्ष योग एवं फिलास्फी] शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव ने योग की परिभाषा एवं उसके फायदे पर चर्चा की और उसके गुण पर व्याख्यान दिया ।
द्वितीय दिन श्रीमती मंजु झा] मृत्युंजय योग] रायपुर ने कोरोना जैसी महामारी में प्राणायाम और आसन के द्वारा कैसे बचा जा सकता है की जानकारी दी।

तृतीय दिन श्रीमती नीरा सिंह सहायक प्राध्यापक योग शा.वी.वाय.टी.पीजी. महाविद्यालय दुर्ग ने अपने व्याख्यान में बच्चों कोे अष्टांग योग के बारे में विस्तृत जानकारी दी बच्चों ने योग नियम से संबंधित प्रश्न पूछे जिसका जवाब उन्होंने विद्यार्थियों को सउदाहरण योग कराके समझाया।
कार्यक्रम संयोजिका डाॅ. शमा ए. बेग एवं सहसंयोजक डाॅ. पूनम शुक्ला ने बताया कि महाविद्यालय के योग सर्टिफिकेट कोर्स का मुख्य उद्धेश्य विद्यार्थियों में योग के प्रति जागरूकता लाना है सभी विद्यार्थियों को उनके सीखे हुये योग को अपने घर एवं आस-पास के लोगों को सिखाने और महत्व को बताने हेतु प्रेरित किया जाता है जिससें एक व्यक्ति योग सीखकर दस लोगों को योग सिखाये।

प्राचार्य

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