रायपुर : ​​​​​​​ वनवासियों के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण बना आय का बेहतर जरिया

कोरोना संक्रमण काल की विषम परिस्थितियों एवं लॉकडाउन अवधि में तेंदूपत्ता संग्रहण वनवासियों के लिए आय का अच्छा साधन बना है। इस वर्ष सरगुजा जिले के 32 हजार 269 वनवासियों को तेन्दूपत्ता संग्रहण से रोजगार मिला है। तेन्दूपत्ता तोड़ाई में कोरोना संक्रमण से बचाव का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। तेन्दूपत्ता संग्राहक द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए तेन्दूपत्ते की तोड़ाई कर रहे हैं। हरा सोना कहे जाने वाले तेंदूपत्ता के संग्रहण के लिए प्रतिवर्ष जिले के वनवासियों में काफी उत्साह रहता है। वर्तमान में तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर 400 रूपए प्रति सैकड़ा निर्धारित की गई है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2020 में सरगुजा जिले के वनमण्डल को 38 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य मिला है। लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 18 हजार 375 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य 14 समितियों के द्वारा 212 फड़ के माध्यम से तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए फड़ों में पर्याप्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो खराब मौसम होने की स्थिति पर तेन्दूपत्ता की सुरक्षा का बेहतर इंतजाम करेंगे।