रायपुर : गौठानों में गोबर खरीदी और वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन जारी, गौठान बन रहे हैं ग्रामीणों के लिए आयमूलक गतिविधियों के केन्द्र

छत्तीसगढ़ शासन की गोधन न्याय योजना को लेकर ग्रामीणों एवं किसानों ने उत्साह है। इस योजना के तहत राज्य के लगभग 5 हजार गौठानों में नियमित रूप से गोबर की खरीदी हो रही है। गौठानों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद के उत्पादन में जुटी है। रायगढ़ जिले के सभी गौठानों में गोबर की खरीदी और वर्मी खाद तैयार करने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। कलेक्टर श्री भीम सिंह ने बंगुरसिया, जोबरो, आमगांव और तमनार के गौठानों का दौरा कर गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन तथा वर्मी खाद बनाने की तैयारियों का जायजा लिया।

कलेक्टर श्री सिंह सर्वप्रथम बंगुरसिया में ढाई एकड़ में बने गौठान का निरीक्षण किया और खुले में रखे गोबर को निर्धारित प्रक्रिया के तहत वर्मी टाके में डालने के निर्देश दिये। उन्होंने गौठान में निर्माणाधीन चारागाह का भी निरीक्षण किया। कृषि व पशुपालन विभाग के अधिकारियों से गौठान में आने वाले पशुओं की संख्या और प्रतिदिन क्रय की जाने वाली गोबर की मात्रा की जानकारी ली। उन्होंने चारागाह की जमीन पर पशुओं के लिये वर्तमान में मक्का व अन्य किस्म के चारे लगाने के निर्देश दिये तथा अगले सीजन में नेपियर घास का अनिवार्य प्लांटेशन कराने के लिये कहा। कलेक्टर श्री सिंह ने इसके पश्चात ग्राम पंचायत जोबरो के आदर्श गौठान का निरीक्षण किया। गौठान में 30 वर्मी टाके का निर्माण किया जा रहा है। इस गौठान में आने वाले पशुओं की संख्या 351 हैं और प्रतिदिन 4-4.50 क्विंटल गोबर यहां क्रय किया जाता है। कलेक्टर ने धान की फसल कटाई के बाद किसानों से पैरादान कराने के लिये कहा, ताकि गौठान में पशुओं के लिये चारा उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि गौठानों के वर्मी पिट के लिये केंचुआ उपलब्ध कराना, खाद निर्माण की ट्रेनिंग देना तथा अपनी देखरेख में खाद तैयार करवाने की पूरी प्रक्रिया का दायित्व कृषि विभाग का है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री सिंह ने आमगांव व तमनार स्थित गौठानों का भी निरीक्षण किया। आमगांव में गौठान के क्षेत्रफल को 3 एकड़ से बढ़ाकर 5 एकड़ करने के निर्देश दिये। तमनार स्थित गौठान के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि यहां कसडोल गौशाला द्वारा भी गोबर विक्रय किया जाता है, इसलिये वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 35 क्ंिवटल गोबर की खरीदी हो रही है। खरीदी को देखते हुये कलेक्टर ने वहां अतिरिक्त वर्मी टाकों का निर्माण करवाने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने आमगांव स्थित काजू बाड़ी का भी निरीक्षण किया और वहां काजू प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने इस दौरान कहा कि गौठान निर्माण का मुख्य उद्देश्य यह है कि पशु किसानों के रबी व खरीफ के फसलों को नुकसान न पहुंचाये व गौठानों में रहे। कलेक्टर ने गौठानों को ग्रामीणों के लिए आयमूलक गतिविधियों के संचालन के केन्द्र के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने किसानों को रबी फसल में सरसो, चना व अन्य दलहन व तिलहन फसल लगाने के लिये प्रोत्साहित किया। निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।