रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल : समृद्ध और खुशहाल राज्य के रूप में तेेजी से पहचान बना रहा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध और खुशहाल राज्य के रूप में तेजी से पहचान बनाने लगा है। इसके विकास के लिए हमारे पुरखों ने जो सपना संजोया था, उसे साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। इसके तहत राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में सभी वर्गों के लोगों की भलाई और खुशहाली के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं और उन्हें उन्नति के लिए भरपूर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात के दौरान लोगों को सम्बोधित करते हुए उक्त आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी को नया जीवन दिया जा रहा है। इसके तहत गांव-गांव में गौठानों का निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह हर गांव में एक-एक एकड़ में औद्योगिक केन्द्र के स्थापना की भी योजना बनाई गई है। इसमें वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन, लाख चूड़ी निर्माण, वनौषधि निर्माण तथा सिलाई-बुनाई और लघु वनोपजों के प्रसंस्करण जैसे विविध कार्य आसानी से किए जा सकेंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी सुगमता से उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री बघेल को मुख्यमंत्री सहायता कोष में मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधि मंडल द्वारा कोरोना संकट में सहायता के लिए 6 लाख 2 हजार रूपए की राशि का चेक भी भेंट किया। इनमें छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज की ओर से एक लाख रूपए, भोला कुर्मी ट्रस्ट रायपुर की ओर से एक लाख 51 हजार रूपए, लंदन में कार्यरत छत्तीसगढ़ निवासी कुमारी ईशा वर्मा पिता श्री कमल वर्मा की ओर से 51 हजार रूपए, राजप्रधान-अर्जुनी राज की ओर से 50 हजार रूपए, बलौदाबाजार राज-श्री नरेन्द्र कश्यप की ओर से एक लाख रूपए, धमधा राज-श्री बबला वर्मा की ओर से 50 हजार रूपए, रायपुर राज-श्रीमती नर्मदा वर्मा की ओर से 50 हजार रूपए तथा धरसींवा राज-श्री दशरथ वर्मा की ओर से 50 हजार रूपए की सहायता राशि शामिल है। साथ ही मुख्यमंत्री को समाज द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर सर्वश्री कमल वर्मा, डॉ. रामकुमार सिरमौर, ललित बघेल, अरूण वर्मा, देवकराम तथा भुवनेश्वर वर्मा आदि उपस्थित थे।