नई दिल्ली : पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन, राष्ट्रपति के रूप में तीन बार छत्तीसगढ़ प्रवास आये थे

रायपुर. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का आज दिल्ली में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हो गया है, बेटे अभिजीत मुखर्जी ने अंतिम क्रियाएं पूरी कीं। कोरोना नियमो के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेटे ने कहा निधन की वजह कोरोना नहीं ब्रेन सर्जरी थी। प्रणब मुखर्जी के निधन पर 7 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।

इससे पहले उनके 10 राजाजी मार्ग स्थित घर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने श्रद्धांजलि दी थी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत और तीनों सेना प्रमुखों ने भी प्रणब को श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति के रूप में प्रणब मुखर्जी तीन बार छत्तीसगढ़ आये थे। 2012 में जब वे राज्योत्सव में शामिल होने पहुंचे थे, तब यहां हो रहे विकास कार्यों को देखकर कहा था कि छत्तीसगढ़ सबसे तेज विकासमान राज्य बनकर उभरा है। उस दौरे में उन्होंने नए मंत्रालय परिसर और स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया था। साथ ही, नारायणपुर में जनजाति कल्याण विभाग के 500 सीटर छात्रावास और रामकृष्ण मिशन आश्रम के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के भवन की आधारशिला भी रखी थी।

इसके अलावा 26 जुलाई 2014 को वे रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर के स्वर्ण जयंती दीक्षांत समारोह और 17 अप्रैल 2015 को आईआईएम रायपुर के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे। इससे पहले 2007 में वे विदेश मंत्री रहते हुए रायपुर आए थे और यहां नवीन पासपोर्ट कार्यालय का उद्घाटन किया था। प्रणब के निधन के बाद सभी राजनीतिक, सामािजक व बौद्धिक संगठनों ने श्रद्धांजलि दी है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में 31 अगस्त से 6 सितंबर तक सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है.

छत्तीसगढ़ के राजयपाल, मुख्यमंत्री एवं प्रमुख नेतागणों ने प्रणब मुख़र्जी को याद किया

“मुखर्जी ने राष्ट्रपति के रूप में कई अहम निर्णय लिए, जो देश की प्रगति में महत्वपूर्ण आधारस्तंभ बनें। देश ने एक विद्वान व्यक्ति को खो दिया है।”
– अनुसुइया उइके, राज्यपाल

“भारत रत्न मुखर्जी का निधन हम सबके लिए राष्ट्रीय क्षति है। उन्होंने समाज के हर वर्ग के हित के लिए काम किया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।”
– भूपेश बघेल, सीएम

“पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन की खबर आघात पहुंचाने वाली है। उनका पूरा जीवन मां भारती की सेवा करते हुए गुजरा। ईश्वर उन्हें श्रीचरणों में स्थान दें।”
– डॉ. रमन सिंह, पूर्व सीएम

“प्रणब दा का निधन एक युग का अवसान है। एक कुशल प्रशासक, मुखर राजनेता के तौर पर उन्होंने राजनीतिक जीवन की ऊंचाई को स्पर्श किया।”
-विष्णुदेव साय, भाजपा अध्यक्ष

“पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न प्रणब मुखर्जी का आकस्मिक निधन अत्यंत दुखद है। उन्हें भारतीय संसदीय परंपराओं के उपासक के रूप में सदैव याद किया जाएगा।”
-धरमलाल कौशिक, नेता प्रतिपक्ष

“प्रणब मुखर्जी के साथ राजनीति का एक युग समाप्त हो गया। अनुभवी, कुशल व दूरदर्शी राजनीतिज्ञ के अलावा प्रणब दा विद्वानऔर जनप्रिय नेता थे।”
-डॉ. सरोज पांडेय, राज्यसभा सांसद

“पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्र के लिए अत्यंत समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ सेवा की। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।”
-अजय चंद्राकर, पूर्व मंत्री