करुणानिधि की अंतिम यात्रा शुरू हुई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धांजलि

तमिलनाडु (एजेंसी)| पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे एम करुणानिधि (94 साल) को मरीना बीच पर उनके राजनीतिक गुरु सीएन अन्नादुरई की समाधि के पास दफनाया जाएगा। अंतिम यात्रा शाम चार बजे शुरू हो गई। करुणानिधि ने मंगलवार शाम को कावेरी अस्पताल में अंतिम सांस ली थी। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए राजाजी हॉल में रखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी ने भी करुणानिधि को श्रद्धांजलि दी। राजाजी हॉल के बाहर हजारों समर्थक मौजूद थे। भगदड़ में दो लोगों की मौत हो गई और 33 जख्मी हो गए।

समाधि स्थल को लेकर अन्नाद्रमुक सरकार और द्रमुक के बीच विवाद पर मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा- करुणानिधि की समाधि मरीना बीच पर ही बनाई जाए। दरअसल, तमिलनाडु सरकार ने गांधी मंडपम में 2 एकड़ जमीन देने की बात कही थी, लेकिन द्रमुक चाहती थी कि करुणानिधि की समाधि अन्नादुरई मेमोरियल के पास ही बने। मरीना बीच पर ही पूर्व सीएम एमजी रामचंद्रन और जे. जयललिता का समाधि स्थल है। इस मामले पर मंगलवार रात 11 बजे दो घंटे तक कार्यवाहक चीफ जस्टिस के घर पर भी सुनवाई हुई थी।

करुणानिधि के अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजन अन्ना मेमोरियल पहुंचे। राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, रजनीकांत, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर, राजद नेता तेजस्वी यादव और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, चंद्रबाबू नायडू  और कमल हसन भी श्रद्धांजलि देने राजाजी हॉल पहुंचे।




नरेंद्र मोदी ने ट्वीट में कहा- “चेन्नई में मैंने असाधारण नेता को श्रद्धांजलि दी।”

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीसामी करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके (करुणानिधि) जाने से राज्य को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। इस दौरान द्रमुक समर्थकों ने पलानीसामी के खिलाफ नारेबाजी की।

द्रमुक ने कहा- सरकार भेदभाव कर रही: द्रमुक के एक नेता का कहना है कि हमने हाईकोर्ट को बताया कि कैसे राज्य सरकार जयललिता के स्मारक के लिए 3400 से 3500 वर्ग फीट की जगह दे सकती है, लेकिन हमें 6 फीट की जगह देने से इनकार कर रही है। दरअसल, सरकार भेदभाव कर रही है। अन्नाद्रमुक सरकार यहां जयललिता का 50 करोड़ का स्मारक बनाने जा रही है।

राहुल ने कहा- सरकार उदारता दिखाए: राहुल गांधी ने कहा, “जयललिता की तरह करुणानिधि भी तमिल लोगों की आवाज थे। ऐसे में उन्हें मरीना बीच पर जगह दी जानी चाहिए।” वहीं, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजादी ने कहा है कि तमिलनाडु सरकार को ऐसे मौके पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।



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