निजी स्कूलों ने फीस निर्धारित नहीं की तो नोडल अधिकारी तय करेंगे

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बनाए गए अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम 2020 को राज्यपाल की अनुमति मिलने के बाद इसका प्रकाशन राजपत्र में कर दिया गया है। इसके तहत नियम तैयार कर लिया गया है। निजी स्कूल द्वारा प्रथम बार फीस निर्धारण का प्रस्ताव स्कूल फीस समिति द्वारा समयसीमा में प्रस्तुत नहीं किया जाता, तो विद्यालय फीस समिति में कलेक्टर द्वारा नामांकित नोडल अधिकारी ऐसे निजी स्कूल की फीस तय कर सकेंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों के फीस विनियमन अधिनियम में कहा गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत पदस्थ अधिकारी जो व्याख्याता की श्रेणी से नीचे का न हो, उसे कलेक्टर द्वारा नोडल अधिकारी नामांकित किया जाएगा। कलेक्टर कारणों को बताते हुए किसी अन्य अधिकारी को भी नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त कर सकता है। अधिनियम में यह भी कहा गया है कि नोडल अधिकारी के प्रस्ताव के आधार पर फीस समिति में अभिभावकों को नामांकित कर सकेगा। वहीं स्कूल के प्राचार्य द्वारा स्वविवेक से अभिभावकों काे नामांकित किया जा सकेगा। समिति में एक शिक्षाविद को जिला शिक्षा अधिकारी के परामर्श से शामिल किया जा सकेगा। समिति में एक विधि विशेषज्ञ को भी रखने का प्रावधान किया गया है।