Saturday, November 27संस्थापक, प्रधान संपादक, स्वामी श्री नवनीत जगतरामका जी
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रासायनिक प्रोसेस सिम्युलेशन : कंप्यूटर कौशल के साथ केमिकल इंजीनियरिंग के लिए नया क्षितिज

इंडस्ट्री 2.0 के बाद से , दुनिया भर में उपभोक्ता उत्पादों के थोक या बड़े पैमाने पर उत्पादन ने केमिकल इंजीनियरिंग और संबद्ध उद्योगों के महत्व को बढ़ा दिया है। छोटे पैमाने के बैच उत्पादन लाइनों से निरंतर बड़े उत्पादन के लिए प्रारंभिक परिवर्तनने औद्योगीकरण में रासायनिक इंजीनियरिंग के अंतहीन महत्व को रेखांकित किया हैं। इसने प्रक्रियाओं की गहन समझ की आवश्यकता पर प्रकाश डाला हैं। प्रोसेस मॉडलिंग और सिम्युलेशन इसी आग्रह का परिणाम था । प्रोसेस सिम्युलेशन का उद्देश्य एक आभासी वातावरण का प्रदर्शन करना है जिसके भीतर औद्योगिक उत्पादन स्तर के प्रत्येक पहलू का अध्ययन, परीक्षण, सुरक्षित और बेहतर तरीके बड़े पैमाने पर उत्पादन  से संसाधित किया जा सकता है।

आधुनिक सॉफ्टवेअर में किसी भी रासायनिक, जैव रासायनिक, जैविक या भौतिक और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं का गणितीय मॉडल-आधारित प्रतिनिधित्व रूप ही प्रोसेस सिम्युलेशन माना जाता है। यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर या आभासी दुनिया में गणितीय समीकरणों का उपयोग करके वास्तविक दुनिया के उद्योग प्रक्रिया या प्रक्रिया का हिस्सा स्केच करने का एक कार्य है । प्रोसेस सिम्युलेशन को वास्तविक दुनिया और वास्तविक समय आधारित औद्योगिक प्रक्रिया की नकल भी कहा जा सकता है।

अनुसंधान, डिजाइन, व्यवहार्यता अध्ययन, प्रक्रिया नियंत्रण, अनुकूलन, आर्थिक विश्लेषण, पर्यावरणीय प्रभाव, डिबॉटलनेकिंग, सुरक्षा विश्लेषण , ज्ञान निर्माण , प्रशिक्षण आदि सहित रासायनिक प्रक्रिया उद्योग कई क्षेत्र में प्रोसेस सिम्युलेशन उपयोगी और शक्तिशाली साधन है।रासायनिक उद्योगों में , प्रोसेस सिम्युलेशन हमेशा प्रोसेस मॉडलिंग से जुड़ा होता है।

प्रोसेस सिम्युलेशन मॉडल औद्योगिक प्रक्रिया के परिणाम की भविष्यवाणी करने की क्षमता प्रदान करते हैं और इसलिए ज्ञान , लाभ , प्रक्रिया की सुरक्षा में वृद्धि करते हैं। किसी भी रासायनिक प्रक्रिया के विकास, डिजाइन, निर्माण, नियंत्रण, अनुकूलन और पर्यवेक्षण, पर्यावरण संवर्धन के लिए केमिकल इंजीनियरिंग हर चरण में प्रोसेस मॉडलिंग और सिम्युलेशन अत्यधिक आवश्यकता है। प्रोसेस मॉडल रासायनिक प्रक्रिया के ज्ञान पर  एक गणितीय मॉडल हैं जो प्रक्रिया संचालन के विश्लेषण, भविष्यवाणी, परीक्षण और समस्या निवारण के लिए उपयोग की जाती हैं । आज, केमिकल इंजीनियरिंग के लगभग सभी विषयों में प्रोसेस सिम्युलेशन उपयोग किया जाता है। प्रक्रिया डिजाइन, अनुसंधान और विकास, उत्पादन योजना, सुरक्षा अध्ययन, अनुकूलन और प्रशिक्षण से लेकर निर्णय लेने की रणनीतियों तक, प्रोसेस सिम्युलेशन ने सबसे अधिक महत्व प्राप्त कर लिया है।

प्रक्रिया डिजाइन और विकास में, स्टेडी स्टेट प्रोसेस सिम्युलेशन सामग्री और ऊर्जा संतुलन के साथ एक आभासी मंच पर प्रक्रिया प्रवाह पत्रक को परिभाषित किया है। सरल से जटिल प्रक्रियाओं की एक श्रृंखला के लिए इष्टतम डिजाइन स्थितियों को परिभाषित करने की एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रासायनिक या संबद्ध क्षेत्रों में गणितीय मॉडलिंग और प्रोसेस सिम्युलेशन के बिना कोई भी शोध व्यवहार्य नहीं है। प्रोसेस सिम्युलेशन अनुसंधान में प्रत्यक्ष प्रयोगों के भार को कम करने में मदद करता है । प्रोसेस सिम्युलेशन द्वारा अनुसंधान में आवश्यक निरंतर मूल्यांकन और सुधार प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है।

प्रोसेस सिम्युलेशन आर्थिक व्यवहार्यता के साथ भागीदारी की उत्पादन योजना और शेड्यूलिंग में अत्यधिक योगदान देता है। बाजार, और उत्पादों में आनेवाले परिवर्तनों के निरंतर मूल्यांकन को वास्तविक समय के दृष्टिकोण के साथ, लाभदायक उत्पादन प्रक्रिया के लिए संबोधित किया जाना चाहिए। गणितीय मॉडलिंग के साथ प्रोसेस सिम्युलेशन इष्टतम निर्णय के लिए एक मार्गदर्शक तरीके के रूप में सभी संभावनाओं के साथ मदद करता है।

डायनामिक स्टेट प्रोसेस सिम्युलेशन, प्रोसेस सिम्युलेशन के डोमेन का एक अविभाज्य भाग है। इसमें इष्टतम प्रक्रिया संचालन विश्लेषण, पर्यावरण का संवर्धनऔर नियंत्रण रणनीतियों के साथ सुरक्षा पैरामीटर शामिल किये जाते है। डायनामिक स्टेट प्रोसेस सिम्युलेशन प्रक्रिया के संचालन में होने पर भी प्रक्रिया की बाधाओं और समस्या निवारण का काम सक्षम तरीकेसे संभालता है । डायनामिक स्टेट प्रोसेस सिम्युलेशन के साथ ऑप्टिमाइजेशन, रासायनिक इंजीनियरों को इष्टतम उत्पादन के साथ निरंतर संयंत्र संचालन की अनुमति देता है। गणितीय मॉडल के आधार पर एडवांस्ड प्रोसेस कण्ट्रोल [एपीसी] प्रक्रिया का ज्ञान प्रक्रिया नियंत्रण और संरक्षण के लिए डायनामिक स्टेट प्रोसेस सिम्युलेशन बहुत उपयोगी है। एपीसी डायनामिक स्टेट प्रोसेस सिम्युलेशन के साथ एक ऑटो ट्यून्ड प्रक्रिया प्रदान करता है , जो एक आभासी प्लेटफॉर्म पर  सिम्युलेटेड है, जैसे ऑटो पायलट मोड पर एक विमान ।

ऑपरेटर ट्रेनिंग सिमुलेटर [OTS] के रूप में इंजीनियरों और ऑपरेटरों के प्रशिक्षण और शिक्षा को सक्षम करने में प्रोसेस सिम्युलेशन द्वारा एक बड़ा योगदान प्रदान किया जाता है। आभासी वास्तविकता में एक प्रक्रिया और उसके स्वाभाविकता को बिना हानि पोहचते हुए ओटीएस द्वारा एक शक्तिशाली शिक्षण उपकरण के रूप में प्रदान की जाती है। ओटीएस द्वारा संयंत्रों में दैनिक संचलन चुनौतियों से निपटने के लिए ऑपरेटर को एक पूरक ज्ञान प्रदान किया जाता है। ऑपरेटरों की सुरक्षा और क्षमता, ओटीएस के वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर पूर्व- निर्धारित परिदृश्यों, एवं प्रक्रिया शुरू करने और बंद करने और संयंत्र में अप्रत्यक्षित स्थितियों द्वारा उन्हें प्रशिक्षित करके लिए सुनिश्चित की जाती है ।

वर्चुअल प्लेटफॉर्म और इंडस्ट्री 4.0 में बढ़ती प्रगति के साथ, केमिकल इंजीनियरों के लिए वर्चुअल सिम्युलेशन, इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स [IIoT], डिजिटल ट्विन, बिग डेटा , प्रोसेस असिस्टेड रिलायबिलिटी, डेटा अनॅलिसिस, इंडस्ट्री 4.0 की चुनौतियों से निपटने के लिए ओटीएस, एपीसी संस्करणों के साथ  प्रेडिक्टिव अनॅलिसिस और क्लाउड कंप्यूटिंग विकसित करने की बहुत बड़ा अवसर है।

संक्षेप में, केमिकल इंजीनियरिंग या इंजीनियरिंग का कोई भी विषय सामान्य रूप से प्रोसेस सिम्युलेशन के महत्व की अवहेलना नहीं कर सकता है। प्रोसेस सिम्युलेशन के क्षेत्र में कैरियर के अवसर कुशल रासायनिक इंजीनियरों, जो चुनौतियों का सामना कर सकते हैं उनकी प्रतीक्षा कर रहे हैं । प्रोसेस सिमुलेशन केमिकल इंजीनियर के हाथ में एक मशाल की तरह है जो सभी को बेहतरीन इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस तक जाने की क्षमता रखता है।

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