Sunday, January 23संस्थापक, प्रधान संपादक, स्वामी श्री नवनीत जगतरामका जी
Shadow

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के प्रथम मखाना प्रसंस्करण केन्द्र का किया वर्चुअल शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना की राशि के अंतरण कार्यक्रम में रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम लिंगाडीह में छत्तीसगढ़ के प्रथम मखाना प्रसंस्करण केन्द्र ‘मखाना खेती, प्रसंस्करण एवं विपणन केंद्र‘ का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने लिंगाडीह के ओजस फार्म में मखाने की खेती प्रारंभ करने वाले स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर दाऊ जी के नाम पर इस फार्म में उत्पादित मखाना की ‘दाऊजी‘ ब्रांड नाम से लांचिंग की।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रविंद्र चौबे, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू और जनसम्पर्क आयुक्त श्री दीपांशु काबरा, ग्राम लिंगाडीह के ‘मखाना खेती, प्रसंस्करण एवं विपणन केंद्र‘ के श्री गजेन्द्र चंद्राकर और मखाने की खेती कर रहे ओजस फार्म की श्रीमती मनीषा चंद्राकर भी उपस्थित थीं।  श्री गजेन्द्र चंद्राकर ने इस अवसर पर मखाने की खेती पर प्रस्तुतिकरण दिया।

उन्होंने बताया कि लिंगाडीह के ‘मखाना खेती, प्रसंस्करण एवं विपणन केंद्र‘ द्वारा किसानों को मखाना खेती हेतु निःशुल्क तकनीकी जानकारी, मखाना प्रक्षेत्र का समय-समय पर भ्रमण कराया जाता है और खेती का प्रशिक्षण दी जाती है। इस केन्द्र द्वारा किसानों के लिए मखाना बीज की उपलब्धता के साथ-साथ मखाने की खरीदी भी की जाती है। उन्होंने बताया कि तालाब के साथ-साथ एक से डेढ़ फीट गहरे खेत में मखाने की खेती की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि मखाने की खेती से प्रति एकड़ लगभग 70 हजार रूपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया जा सकता है। श्री चंद्राकर ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर दाऊ जी ने मखाने की खेती प्रारंभ की थी।

पोर्टल/समाचार पत्र विज्ञापन हेतु संपर्क : +91-9229705804
Advertise with us