जगदलपुर : प्रधानमंत्री रोजगार योजना से स्वप्निल को मिला स्वरोजगार का अवसर

जीवन यापन के लिए युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर राज्य शासन के विभिन्न योजनाओं के माध्यम से  उपलब्ध कराया जा रहा है। युवा अपने हुनर के माध्यम से रोजगार प्राप्त करते हैं या स्वरोजगार की ओर आगे बढ़ते हैं। शासन से यदि आर्थिक सहायता मिल जाए तो स्वरोजगार को बढ़ावा मिलता है। इसी का एक उदाहरण जगदलपुर शहर के युवा स्वप्निल खेंडुलकर हैं जिन्होंने स्वरोजगार के माध्यम से एक फ्लेक्स प्रिटिंग व्यवसाय को प्रारंभ किया। स्नातक की उपाधि लिए स्वप्निल ने व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा संचालित ’’प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’’ अंतर्गत लाभ लिया है।
स्वप्निल का पैतृत व्यवसाय फोटो स्टुडियों रहा है। ऑफसेट प्रिटिंग एवं फ्लेक्स प्रिटिंग के वर्तमान में मांग के आधार पर उन्होंने इसकी इकाई स्थापित करने का निष्चय किया है। इकाई स्थापना में वित्त की समस्या थी इसी बीच उन्हें षिक्षित बेरोजगार युवाओं हेतु संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना की जानकारी अपने मित्र के माध्यम से मिली।

स्वप्निल ने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जगदलपुर से संपर्क किया एवं योजना की पूरी जानकारी प्राप्त कर योजना वर्ष 2017-18 में आवेदन प्रस्तुत किया। कार्यालय द्वारा पूर्ण सहयोग कर प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक ठाकुर रोड़ जगदलपुर प्रेषित किया गया है। बैंक द्वारा साक्षात्कार उपरांत संतुष्ट होकर फ्लेक्स प्रिटिंग हेतु 10 लाख 60 हजार का ऋण प्रदान किया है और उद्योग विभाग द्वारा 1 लाख 60 हजार 305 राषि का अनुदान भी प्राप्त हुआ।

स्वप्निल कम्प्यूटर साईस में स्नातक होने के कारण कम्प्यूटर डिजाईनिंग एवं अन्य कार्य स्वयं करते है। वर्ष 2018-2019 के बीच 5 चुनावों में तथा होडिंग, विज्ञापन का काम के साथ-साथ अपने अच्छे व्यवहार तथा गुणवत्तापूर्ण कार्य के कारण व्यवसाय सफल रहा है। इसी बीच उन्होंने ऑफसेट प्रिटिंग मषीन की भी स्थापना की जिससे एक छत के नीचे प्रिटिंग कि सभी सुविधा उपलब्ध हो गई। उन्होंने व्यवसाय में सहयोगी के रूप में 07 व्यक्तियों को रोजगार दिया है और नियमित रूप से बैंक का किष्त पटा रहे हैं। वर्तमान में इनका टर्नओवर लगभग 18-20 लाख है। भविष्य में वे सी.एन.सी. कटिंग मषीन जिसमें लेटर कटिंग होता है, और स्थापित करने की योजना भी बना रहे हैं। श्री स्वप्निल अपने स्वरोजगार से संतुष्ट है एवं अन्य युवाओं से कहते है कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर स्वयं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करें हैं।