जगदलपुर : ’मुख्यमंत्री हाटबाजार क्लीनिक योजना’ से सुधर रही है आदिवासी अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों की सेहत : हाटबाजार क्लीनिक की पहचान बन गई ’’रंगीन छतरी’’

बस्तर जिले में हाटबाजार की अपनी एक विशेष पहचान है इन हाटबाजार में ग्रामीण दूर-दूर से आकर दैनिक जीवन में उपयोग आने वाले सामग्रियों का क्रय विक्रय करते हैं एवं एक गांव से दूसरे गांव के लोग आपस में मिलकर सुख-दुख की बात करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आदिवासी अंचलों में ग्रामीणों के बीच हाट बाजार के महत्व को देखते हुए ’’मुख्यमंत्री हाटबाजार क्लीनिक योजना’’ का संचालन 02 अक्टूबर 2019 से किया है। सामान्यतः लोग जीविकोपार्जन की व्यस्तता के कारण स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंच नहीं पाते हैं तथा स्वास्थ्य लाभ से वंचित रह जाते हैं। ऐसे लोग हाटबाजार में पहुंचकर जरूरत के सामानों की ख़रीददारी के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी सलाह एवं मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए चिकित्सकों से अपना स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ ले रहें है।

योजना के प्रारंभ होने से अब बस्तर जिले में अब तक 41968 ग्रामीणों ने इस योजना का लाभ लिया है। 4777 ग्रामीणों की मलेरिया की जांच की गई जिसमें 537 मलेरिया पाजीटिव प्रकरण मिले जिनका उपचार किया गया है। 3020 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई एवं 604 बच्चों का टीकाकरण भी किया गया है। इसके साथ-साथ हाटबाजार में 270 नेत्र विकार, 1804 डायरियाँ प्रकरण, 483 उच्च रक्त चाप के रोगियों की जांच एवं उपचार की गई है ।

बस्तर जिले में वर्तमान में कलेक्टर श्री रजत बंसल के निर्देशानुसार 42 हाटबाजारों में ’’मुख्यमंत्री हाटबाजार क्लीनिक योजना’’ का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीण खुश हैं कि बाजार में जरूरत की सामग्री लेने के साथ – साथ उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं भी निःशुल्क में मिल रहीं है। अब तो हाटबाजार क्लीनिक की पहचान ’’रंगीन छतरी’’ बन गई है जिसमें स्वास्थ्य संदेश छपे हुए हैं, जहां ग्रामीण आते हैं एवं अपने स्वास्थ्य की जांच एवं उपचार करवाकर खुश है।