Tuesday, July 27संस्थापक, प्रधान संपादक, स्वामी श्री नवनीत जगतरामका जी
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अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के मौके पर खास पेशकश सहकारिता के जरिये पुलिस परिवार की गृहणियों में सामाजिक लगाव बढ़ाने डीजीपी की एक नई कोशिश

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा सहकारिता उद्यम के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं के अर्थ अर्जन के लिए लागू गढ़कलेवा कार्यक्रम के तर्ज पर डीजीपी श्री डी.एम.अवस्थी ने भी सहकारिता के जरिये पुलिस परिवार के गृहणी महिलाओं में उद्यम और सामाजिक लगाव बढ़ाने में एक नई कोशिश की है।

विश्व महिला दिवस के सप्ताहंत में 12 माॅर्च को डीजीपी श्री डी.एम.अवस्थी ने जिला बालोद में विभागीय कल्याणार्थ कार्यक्र्रम में शिरकत करने के दौरान अपने उद्बोधन में पुलिस परिवार की गृहस्थ महिलाओं के आर्थिक उपार्जन और आपसी सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए सहकारिता अनुबंधों के तहत महिला स्व-सहायता समूह का गठन करने और पुलिस पेट्रोल पम्प परिसर में शौर्या रेस्टाॅरेंट संचालित करने का ना केवल आव्हान किये बल्कि रेस्टाॅरेंट हाॅल निर्माण के लिए पुलिस कल्याण कोष से 5 लाख रूपये की राशि मुहैया कराने का एलान भी किये।

गौरतलब है कि पुलिस परिवार की गृहणियों के सशक्तिकरण की दिशा में यह परिकल्पना छत्तीसगढ़ पुलिस के इतिहास में पहली पहल होने से प्रदेश के पूर्ववर्ती अनेकों डीजीपी से श्री अवस्थी को अलग और विशेष सकरात्मक होना दर्शाता है।

पायलेट प्रोजेक्ट के तहत शुरू ऐसे सहकारिता भाव को अपनाने से आने वाले वक्त में पुलिस परिवार को बेहतर नतीजे मिलने और कालांतर में राज्य के बाकी जिलों में भी शौर्या रेस्टाॅरेंट प्रारंभ करने की उम्मीदें है। बशर्ते जिले के पुलिस अधीक्षकों और वाहिनी बल के सेनानियों में सहकारिता के कल्याणाकारी कार्यक्रम के क्रियान्वयन में इच्छा शक्ति की प्रबलता और निरंतरता बनी रहे।

इस परिप्रेक्ष्य में साल 2016 से जिला पुलिस रायगढ़ द्वारा संचालित जिला पुलिस बल कर्मचारी साख (थ्रिप्ट) एवं पुलिस जन-कल्याण सहकारी समिति मर्यादित रायगढ की सहकारी संस्था को नज़ीर माना जा सकता है। समिति के पास-बुक में ही उकेरा गया सहकारिता से सामाजिकता की ओर….और बचत घन-स्वच्छ धन का स्लोगन अपने आप में ही मुक्क्म्मल है। रायगढ़ के बाशिंदे रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर श्री बहरता सिंह ठाकुर के सुपुत्र श्री सुरेंद्र ठाकुर द्वारा समिति के जीवन दर्शन मोनो लोगो की ग्राफिक्स डिजायनिंग की गई है।

साल 2015 के कार्यकाल से ही एक बहुआयामी पुलिस जन कल्याण सहकारी समिति के जिले में क्रियान्वयन करने की इच्छा अधूरी रहने का मलाल डाॅ.संजीव शुक्ला पूर्ववर्ती एस.पी. ने अपने बिदाई में जाहिर की थी। डाॅ. शुक्ला की इस अधूरी इच्छा को हकीकत में अमल करने के लिए जमीनी तौर पर माकूल माहौल तैयार करने वाले श्री उदयभान सिंह चैहान, पूर्व एडीशनल एस.पी के समर्पण की सराहना रायगढ़ वासियों और पुलिस कर्मियों के जुबान से आज भी सुना जा सकता है।

दुसरी कड़ी में श्री बी.एन.मीणा पूर्ववर्ती एस’पी. और श्री यू.बी.एस.चैहान द्वारा शोधपूर्वक तैयार किया गया सहकारिता अनुबंध एवं नियमावली प्रभावी तौर पर हितकारी सि़द्ध हुआ है। नियमावली में जिले के निवासरत पुलिस पेंशनर्स और परिवारजनों को भी सदस्यता लेकर शेयर होल्डर बनने की पात्रता दी गई है, जो अपने आप में समरसता भरी पहल है।

नोटबंदी के कठिन दौर के दौरान समिति के वित्तिय लेनदेन को कारगार और नियमानूकूल बनाने में श्री बी.एन.मीणा पूर्ववर्ती पुलिस अधीक्षक और हालिया डीआईजी सीबीआई मुंख्यालय दिल्ली के अथक योगदान और खास कोशिशों के चलते साख समिति को वित्त मंत्रालय भारत सरकार से पेनकाॅर्ड हासिल हुआ जिसके कारण ही साख समिति का बैंक अकाउंट खुल सका।

साख समिति के जरिये सबसे अहम काम श्री दीपक झा पूर्ववर्ती एस.पी. रायगढ़ हाल फिलहाल एस.एस.पी.बिलासपुर के कार्यकाल में संभव हुआ। श्री दीपक झा की सहमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र दिये जाने के फलस्वरूप एस.पी.दफ्तर रायगढ के किनारे स्थित रिक्त भूमि पर जन सहयोग से एस.बी.आई. का एटीम बूथ का निर्माण और संचालन प्रारंभ होने से विभागीय और आम नागरिकों को सहूलियतें मिलने लगी है। यह सहूलियत देने के लिए डाॅ’ राजू अग्रवाल के नेतृत्व में मुहल्ले के नागरिकों द्वारा श्री दीपक झा का अभिनंदन भी किया गया साथ ही वित्तिय एवं संसाधन प्रदान करने वाले सहयोगी नागरिकों को श्री दीपक झा द्वारा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

इस समिति के खासियतों का उल्लेख करना भी लाजिमी होगा कि 14 अपैल 2016 को संपन्न साख समिति की आम बैठक में पारित प्रस्ताव क. पांच के मुताबिक एटीएम के मासिक किराये से प्राप्त आय की राशि से पुलिस परिवार और सामुदायिक पुलिसिंग के कार्ययोजना के तहत प्रतिभावान बच्चों को स्काॅलरशीप, विशिष्ट मेधावी बच्चों को लेपटाॅप, ई-स्कूटी, ई-साईकिल आदि संसाधनों का उपहार स्वरूप वितरण का अनुमोदन है।

हालांकि पूर्ववर्ती और फिलहाल के प्रबंधन तंत्र द्वारा इस अनुमोदित प्रस्ताव का पिछले तीन-चार सालों से अब तक क्रियान्वयन नहीं किया गया जिसके कारण एटीएम बूथ बनाये जाने के नागरिक सहयोगियों, उपहार प्राप्त करने के पात्र रखने वाले वि़द्यार्थियों और उनके अभिाभावकों से बातचीत किये जाने में नाराजगी के संकेत भी मिले साथ ही उच्च स्तर पर सार्थक पहल कर आयोजन किये जाने की अपेक्षा की जन मंशा सामने आई है। समिति के पुराने सदस्य भी यह भी बताते हैं कि शुरूवाती दौर में तनख्वाह से बचत जमा या ऋण जमा अथवा बैलेंस राशि की सूचना रजिस्टर्ड सेलफोन से समिति के सदस्यों को मिलती रही हेै, लेेकिन कुप्रबंधन के कारण यह व्यवस्था बंद है।

जिला रायगढ़ पुलिस के साख समिति के हित संवर्धन कार्य प्रणाली के दृष्टांत में सहकारिता अनुबंधों और उद्ेश्यों को प्रदेश पुलिस के लिए रोल माॅडल बनाने पर गौर करने की जरूरत है जिससे पूरे प्रदेश के जिला पुलिस बल और वाहिनियों में साख समिति के साथ साथ पुलिस जन-कल्याण संबंधी कार्यकमों के क्रियान्वयन में एकरूपता रहे और दीगर राज्यों के पुलिस महकमें के सामने छत्तीसगढ़ पुलिस को नायाब मिसाल बनने का गौरव हासिल हो सके।

लेकिन ज्यादातर साख समिति की कार्य प्रणाली में सहकारी नियमों उप नियमों को अनदेखा कर पुलिस रेगुलेशन के नियमों को अघोषित तौर पर लागू किये जाने से कार्य नियंत्रण की निरपेक्षता और पारदर्शिता में सवालिया निशान भी है। इसके कारणों में समिति के सदस्य पुलिस कर्मियों द्वारा बैंक संचालित किया जाना है। ऐसी परिस्थितियों में समिति के सदस्यों या पुलिस कर्मी से पुलिस बैंक संचालित करवाने के बजाय पुलिस परिवार की शिक्षित महिलाओं ( खासकर अविवाहितों, परित्यकता बेटियों ) को अथवा पेंशनर्स को मानदेय देकर स्वतंत्र तौर पर ऋण देने और किश्तों की राशि सख्ती तौर पर वसूल करने एवं अनुबंधों के तहत बैठक आयोजन आदि की कार्यप्रणाली सुनिश्चित किये जाने की जरूरत है।

सुरेंद्र वर्मा, ज़रीनाज़ अंसारी

 

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