Friday, October 22संस्थापक, प्रधान संपादक, स्वामी श्री नवनीत जगतरामका जी
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दुर्ग भिलाई : अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन ने मत्स्य पालन मे फ्राड किया खुलासा

मत्स्य पालन मे मोटी रकम की कमाई का झांसा देकर पूरे देश मे किसानो की जमा राशि लेकर हड़पने वाले एक गुडगांव हरियाणा की फिश फॉर्चून प्रोड्यूसर कंपनी ने प्रदेश के किसानो के साथ भी जालसाजी की है। प्रदेश के किसानो को भी इन ठगी ने लुभावने व आसान से पेपर देने पर आप ये मछली पालन का काम शुरू कर सकते है। जिसमे हमारी कंपनी का पूरा पूरा सहयोग मिलेगा।

किसान सरकार द्वारा नियम शर्ते के झंझट से बचने और जल्दी जल्दी कार्य हो जाने खुशी मे ये किसान इनकी सारी बाते मानकर अपनी लाखो की रकम डुबाई है। कोहका भिलाई मे एक किसान ने अपनी जान तक दे दी। अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन छतीसगढ के प्रदेश अध्यक्ष ने इस फ्राड का खुलासा प्रेस कांफ्रेंस मे किया। और सारी घटना की जानकारी दी और बताया कि कैसे किसानो की आधी जमीन मे ही मछली पालन आप कर सकते है जबकि सरकार इसके लिए तीन एकड जमीन मांगती है और ढेर सारी नियम शर्ते और हम आपके सारे काम कर देंगे और उन लोगो ने सभी किसानो से जिनके पास जमीन थी उनसे 5.5लाख रू जमा करने के बाद आपके जमीन पर मछली पालने के लिए तालाब बना दिया जाएगा और उन्होने और किसानो को दिखाने के लिए बड़ी ईमानदारी से उन्होने उनका सारा काम शुरू करवा दिया और हर महीने उनके खाते मै 63 हजार रूपए जमा करने की बात कही। और तालाब मे मछली के बीज भी डाल दिये ।और खाते मे रकम आने भी शुरू हो गये ।

ये सारी बाते कवर्धा, बालोद, दुर्ग जिले सहित अन्य गांवो से वहां उपस्थित किसानो ने भी इन सारी बातो को साझा किया।
और कहा और बताईये सर (pdc) देने के बाद और कोर्ट के सारे पक्के पेपर दिखाने के बाद कोई शक की गुंजाइश ही कहां रह जाती है।
इसलिए हम लोग इनके झांसे मे आ गये । ये लोग उ प्रदेश, उडीसा, मध्य प्रदेश फिर छतीसगढ आकर इस तरह का फ्राड किये और कुछ किसानो का विश्वास जीतकर उनको दुर्ग के होटल सागर इंटरनेशनल मे पार्टी देकर अपने बिजनेस के बारे मे उन किसानो को सामने लाया जाता था ।जिनके खाते मे तीन चार महीनो से रकम आ रहा हो और जिनके खाते मे रकम नही डाल रहे थे उनको नही बुलाते थे यदि बुलाते भी तो उनको ये समझा देते थे कि आपको कितने महीने से चैक नही आ रहा है नही बताना है। इस तरह इनके इरादे ही नेक नही थे प्रदेश अध्यक्ष आदित्य चंद्राकर और उपाध्यक्ष यामिनी बघेल ने बताया कि हमने जहां जहां किसानो के साथ धोखाधड़ी की गई है संबंधित थानो मे एफआईआर दर्ज करा दी गई है। कोई कारवाई नही होने पर हम कोर्ट जायेंगे और मुख्य मंत्री का घेराव करेंगे। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन पीडित किसानो को न्याय दिलाकर रहेगी ।एक प्रश्न के जवाब मे उन्होने बताया कि हम सारे साक्ष्य थाने मे और स्थानीय कोर्ट मे प्रस्तुत किये उस आधार पर भी उन धोखे बाजो को पुलिस नही पकड रही है।

दुर्ग मे इस काम को संचालित करने वाला सहयोगी सुधीर भंडारी, गुलाब चंद्राकर एक मनोज त्रिपाठी जो ग्वालियर का था।ये सब मिलकर दुर्ग जिले के कार्य को करते थे।ये सभी लोगो को अपना सहयोगी बनाकर योजनाबद्ध तरीके से मोहन नगर दुर्ग मे अपना कार्यालय संचालित कर रहे थे।और किसानो का विश्वास जीतने के लिए उन्हे अपने गुड़गांव स्थित आफिस ले जाकर सारे पेपर बैलेंसशीट आडिटरिपोट आधार कार्ड पैन कार्ड सहित जितने भी आवश्यक दस्तावेज जिस पर भरोसा किया जा सके वो सब दिखाकर फिश फार्मिंग का सिस्टम दिखाया जाता था ।और सारी सरकार की योजनाओ की जानकारी देकर उसमे उनको क्या क्या परेशानी आयेगी ये सब बोलकर अपने झांसे मे लेकर किसानो से 5 .5लाख रू जमा करा कराकर कुछ लोगो को कुछ महीने तक राशि खाते मे डालकर दूसरे किसानो का भी विश्वास जीते और फरार हो गये।

जानकारी दी गई की अभी हमारे मानव अधिकार संगठन मे 65 70 पीडित किसान संपर्क मे है।और हमारा ये प्रयास है छतीसगढ मे जहां जहां भी इस तरह की जिस किसानो के साथ भी ये फ्राड किया गया है उनके लिए हम न्याय दिलाने संकल्पित है।
कोहका भिलाई निवासी की चमेली साहू जिनके पति इसी तनाव मे चल बसे वो भी आई थी ।और अपने साथ हुए फ्राड को साझा की।
बाद मे ये फ्राड लोग जुडे लोगो से चैनल सिस्टम मे काम करने को कहने लगे आप लोग इस योजना से और किसानो को जोडो।

किसानो द्वारा अपने साथ हुए फ्राड की शिकायत अपने अपने क्षेत्राधिकार स्थित थानो व पुलिस अधीक्षक के सामने गुहार लगाई लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई न ही उनकी बात सुनी गई ।किसानो द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन से संपर्क करने पर संगठन के द्वारा उक्त मुद्दा मुख्य मंत्री, गृहमंत्री, कृषि मंत्री और मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दुर्ग, पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग दुर्ग रेंज के समक्ष संपूर्ण दस्तावेजो सहित मई 2021 को अवगत करा दिया गया है। लेकिन इस मामले मे आज तक कोई कार्रवाई नही हुई है।

जो किसान कंपनी के खिलाफ आवाज उठा रहे है उन्हे कई असमाजिक तत्वो से धमकियां दी जा रही है।जिससे इस बात का अंदेशा भी है कि इसमे कुछ राजनैतिक व प्रशासनिक व्यक्ति भी सम्मलित हो सकते है। प्रेस कॉन्फ्रेंस मे प्रदेश के अलग अलग जिले से सदस्यो ने भी भाग लिया और पीडित किसान भी आये थे।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन छतीसगढ के प्रमुख प्रदेश सदस्यो मे
आदित्य चंद्राकर -प्रदेश अध्यक्ष
यामिनी बघेल- प्रदेश उपाध्यक्ष व लीगल एडवाइजर
मनीष टिकरिहा -प्रदेश उपाध्यक्ष
सोनालिसा मुखोपाध्याय- प्रदेश संयोजक आ ई टी सेल मीडिया प्रभारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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