Monday, November 18

जी-7 समिट: ट्रम्प को भी आखिरकार कहना पड़ा, कश्मीर भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला है

पेरिस (एजेंसी) | फ़्रांस स्थित बियारिट्ज में जी-7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच आज सोमवार को मुलाकात हुई। दोनों नेताओं के बीच कश्मीर मसले पर बात हुई। एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने ट्रम्प के सामने दो टूक कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मसला है और हम दुनिया के किसी भी देश को इस पर कष्ट नहीं देना चाहते हैं।

इस पर कश्मीर पर तीन बार मध्यस्थता की पेशकश कर चुके ट्रम्प ने कहा कि मोदी से पिछली रात इस मसले पर बात हुई। उन्हें विश्वास है कि कश्मीर के हालात उनके नियंत्रण में हैं। ट्रम्प ने कहा कि भारत और पाकिस्तान मिलकर अपनी समस्याएं सुलझा सकते हैं

गौरतलब है इमरान की अमेरिका यात्रा के दौरान ट्रम्प ने 22 जुलाई को मध्यस्थता की पेशकश की थी। उन्होंने यही प्रस्ताव 2 अगस्त और 23 अगस्त को दोहराया था।

मोदी-ट्रम्प की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस मुख्य बिंदु

मोदी ने कहा- ट्रम्प से मुलाकात अहम है। उन्होंने टेलिफोन कर मुझे बधाई दी थी। भारत और अमेरिका दोनों लोकतांत्रिक मूल्यों से चलने वाले देश हैं। भारत और अमेरिका की व्यापार के क्षेत्र में लगातार बातचीत हुई। हम अमेरिका के सुझावों का स्वागत करते हैं। भारतीय समुदाय अमेरिका में भारी इनवेस्टमेंट कर रहा है।

भारत और पाक के बीच कई द्विपक्षीय मसले हैं। पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने के बाद इमरान को मैंने फोन किया था। उनसे कहा था कि भारत-पाक के बीच कई द्विपक्षीय मसले हैं। दोनों देशों को गरीबी, अशिक्षा के खिलाफ लड़ना है। हम दोनों को मिलकर आतंकवाद के खिलाफ भी लड़ना है और दोनों देशों की अवाम की भलाई के लिए काम करना है। इसके बाद उन्होंने कहा- भारत और पाक के सभी मसले द्वपक्षीय हैं इसलिए हम दुनिया के किसी भी देश को कष्ट नहीं देना चाहते हैं। भारत और पाकिस्तान 1947 से पहले एक थे। हम अभी भी साथ मिलकर अपनी समस्याओं पर चर्चा कर सकते हैं।

ट्रम्प ने कहा- कल रात मेरी प्रधानमंत्री मोदी से कश्मीर पर बात हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी को वास्तव में लगता है कि वहां के हालत उनके नियंत्रण में हैं। मोदी ने पाकिस्तान से बातचीत की है। मुझे यकीन है कि वे कुछ अच्छा करने में सक्षम हैं। वे कुछ कर सकते हैं।
मोदी ने जैव विविधता पर सत्र को संबोधित किया

यूएन के महासचिव गुटेरेस ने तनाव कम करने की अपील की थी

अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद मोदी की अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ यह पहली मुलाकात थी। जम्मू-कश्मीर दो भागों में विभाजन के फैसले के बाद गुटेरेस ने भारत और पाकिस्तान को ज्यादा संयम बरतने के लिए कहा था। गुटेरेस शिमला समझौते का जिक्र कर चुके हैं, जिसके मुताबिक कश्मीर मुद्दा केवल द्विपक्षीय बातचीत से ही हल होगा और इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं होगी। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से यही कह रहा है कि अनुच्छेद 370 हटाना उसका आंतरिक मामला है। पाकिस्तान इस सच को स्वीकार करे, यही बेहतर होगा।

मोदी कई नेताओं से मिलेंगे

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया, ‘‘जी-7 समिट में प्रधानमंत्री मोदी को एक खास सहयोगी के तौर पर आमंत्रित किया गया है। मोदी जलवायु परिवर्तन, जैवविविधता, सामुद्रिक और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़े कई सत्रों में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वे दुनिया के कई नेताओं से मुलाकात भी करेंगे।’’

बहरीन और यूएई के दौरे पर गए थे मोदी

मोदी 23 अगस्त को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दौरे पर गए थे। उन्होंने अबु धाबी के क्राउन प्रिंस, शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। मोदी को यूएई में सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से सम्मानित किया गया। 24 अगस्त को मोदी बहरीन पहुंचे। यहां क्राउन प्रिंस सलमान बिन हमाद ने शनिवार को ‘द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां’ से सम्मानित किया। फ्रांस रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने श्रीनाथ मंदिर के दर्शन किए। दोनों नेताओं के बीच भारत और बहरीन की दोस्ती, व्यापारिक संबंधों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर बातचीत हुई।

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