भीषण बारिश : रायपुर में कल देर रात से लगातार बारिश, बीजापुर में 7 दिनों से हो रही बारिश से तालाब बने गांव, कई मकान और पुल टूटकर बहा

रायपुर में पिछले दो दिनों से छाए बादल शनिवार देर रात से बरस रहे हैं। शहर के कई निचले हिस्सों में पानी भर गया है। हालांकि रविवार छुट्टी का दिन होने और पूर्ण लॉकडाउन होने के चलते लोगों को बाहर जाने से राहत है। रायपुर में पिछले कई दिनों से बदले मौसम से लोगों के घरों में कूलर और एसी अब बंद हो चुके हैं।

बीजापुर : ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही बंद, जीवन अस्त व्यस्त

बीजापुर, कोंडागांव और सूरजपुर में हुई बारिश ने परेशानी भी खड़ी कर दी है। बीजापुर में तो कई गांव तालाब बन गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं। कई गांवों को सड़कों से संपर्क कट गया है। नैमेड तालाब फूटने से जाम रहा राष्ट्रीय राजमार्ग 6 घंटे बाद बहाल किया जा सका है।

बीजापुर में लगातार सात दिनों से हो रही बारिश ने किसानों को राहत दी है। बरसात से जहां किसान अपने खेतों पर रोपा लगाने लगे है। वहीं ग्रामीण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। नदी नाले उफान पर होने के कारण गांव के ग्रामीण जिला मुख्यालय से कट चुके हैं। सड़कों पर पानी भरा हुआ है। गांव में कई घर पानी की चपेट में हैं। मिनगाचल नदी में आई बाढ़ के चलते कोड़ेपाल में एक मकान के छत पर चार ग्रामीण फंस गए हैं। मौके पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम उनको रेस्क्यू करने का प्रयास कर रही है। नैमेड के भी एक मोहल्ले में बाढ़ की चपेट में आकर 10 ग्रामीण फंसे हुए हैं। ग्राम तुमला में 15 से अधिक घर बाढ़ के कारण गिर चुके हैं। लोग सामान बच्चों सहित ऊंची जगह पर जा रहे हैं। पूरा गांव बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है।

बारिश की वजह से इंद्रावती सहित छोटे-बड़े नाले उफान पर है। बीजापुर-गंगालूर मार्ग पर पोंजेर, चेरपाल रपटे जलमग्न है, जिससे इस इलाके में एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। वहीं भोपालपटनम के चिंतावागु नदी के दूसरी ओर पामगल, मिनकापल्ली, उस्कलेड, कोट्टापली सभी पंचायतों का भी जिला मुख्यालय से संपर्क गया है।