Wednesday, October 20संस्थापक, प्रधान संपादक, स्वामी श्री नवनीत जगतरामका जी
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Education & Jobs

विशेष लेख- शिक्षक दिवस : शिक्षा की रोशनी ने दृष्टिबाधित गोपेन्द्र के जीवन में लाया उजियारा

विशेष लेख- शिक्षक दिवस : शिक्षा की रोशनी ने दृष्टिबाधित गोपेन्द्र के जीवन में लाया उजियारा

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शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जिससे देश का भविष्य निर्माण होता है। समाज को गतिशील बनाकर विकास का आधार प्रदान करने के साथ व्यक्तित्व के विकास में भी शिक्षा के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। शिक्षा एक ऐसी रोशनी है जो किसी के अंधकारमय जिंदगी को संवार कर उजाले की ओर सही दिशा में ले जाती है। कुछ ऐसी ही कहानी गोपेन्द्र सोनकर की है। भले ही वह अपनी आंखों से देख नहीं पाता। लेकिन गांव के स्कूल में मिली शिक्षा ने उसकी जिंदगी को संवार दिया है। दृष्टिबाधित होने के बावजूद गोपेन्द्र ने अपनी पढ़ाई पूरी की। अब अपनी योग्यता की बदौलत वह उसी स्कूल में शिक्षक बनकर गांव के बच्चों को पढ़ाने जाने वाला है  जहां उसने अपनी पढ़ाई शुरू की थी। खास बात यह भी है कि इसी विद्यालय में गोपेन्द्र सोनकर के पिता श्री ढालेन्द्र सोनकर प्रधानपाठक है। रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत कागदेही निवासी गोपेन्द्र सोनकर ने शि...
शिक्षक दिवस के अवसर पर विशेष लेख : शिक्षकों के नवाचार से कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई के लिए मिले बेहतर विकल्प

शिक्षक दिवस के अवसर पर विशेष लेख : शिक्षकों के नवाचार से कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई के लिए मिले बेहतर विकल्प

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छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के नवाचार और सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से शिक्षा की जोत को प्रज्ज्वलित कर प्रदेश के अंतिम छोर तक शिक्षा के पढ़ई तुंहर दुआर नाम से ऑनलाईन और ऑफलाईन तकनीक से बच्चों के लिए शिक्षा में निरंतरता के लिए संगठित रूप से प्रयास किए हैं। कोरोना काल में शिक्षकों ने बच्चों की पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखने के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। गत वर्ष मार्च महीने से स्कूल बंद होने की स्थिति में बच्चों को घर पहुंच शिक्षा उपलब्ध कराने की अनुकरणीय पहल को देशभर में सराहा गया है। प्रदेश के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एक बार फिर यह साबित किया है कि परिस्थितियां चाहें कितनी भी विपरीत क्यों न हो, शिक्षादान के प्रति उनका समर्पण अतुलनीय और अद्वितीय है। शिक्षकों पर देश के भावी कर्णधारों के जीवन को गढ़ने और उनके चरित्र निर्माण करने का महत्वपूर्ण दायित्व होता है। शिक्षा ही ऐसा माध्यम है जिससे हम...
मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल : कमला नेहरू प्री.मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास ज्योतिपुर आज से खुला

मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल : कमला नेहरू प्री.मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास ज्योतिपुर आज से खुला

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा 01 सितम्बर को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के ग्राम तवाडबरा के प्रवास के दौरान एक बैगा आदिवासी स्कूली छात्रा सरस्वती के आग्रह पर जिले में आश्रम-छात्रावासों प्रारंभ करने की घोषणा पर विभाग द्वारा त्वरित अमल किया गया है। सरस्वती बैगा ने गौरेला के ज्योतिपुर स्थित कमला नेहरू प्री.मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास प्रारंभ कराने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया था। यह छात्रावास आज 02 सितम्बर से प्रारंभ हो गया है। इस छात्रावास की छात्राओं ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को इसके लिए धन्यवाद दिया है। छात्रावास खुलने से सुदूर अंचलों के बच्चों के लिए अपने स्कूल जाकर पढ़ाई करना संभव हो सकेगा। छात्रावास बंद होने से दूर के गांवों के बच्चों के लिए अपने घर से लगभग 20-25 किलोमीटर दूर स्थित स्कूल जाना संभव नहीं हो पा रहा था। मुख्यमंत्री श्री बघेल के संवदेनशील फैसले से अब बैगा आदिवासी स्क...
निजी और शासकीय स्कूलों में 2 सितम्बर से 6वीं, 7वीं, 9वीं एवं 11वीं की ऑफलाईन कक्षाओं को शर्तों के साथ संचालन की अनुमति

निजी और शासकीय स्कूलों में 2 सितम्बर से 6वीं, 7वीं, 9वीं एवं 11वीं की ऑफलाईन कक्षाओं को शर्तों के साथ संचालन की अनुमति

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प्रदेश में स्कूलों में ऑफलाईन कक्षाएं प्रारंभ करने के संबंध में राज्य शासन द्वारा विगत 26 जुलाई को निर्णय के अनुक्रम में सभी निजी और शासकीय विद्यालयों में 6वीं, 7वीं, 9वीं एवं 11वीं की ऑफलाईन कक्षाएं अब 2 सितम्बर से शर्तों के साथ संचालन करने की अनुमति प्रदान कर दी है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में आज यहां मंत्रालय से आदेश जारी कर दिया है। कक्षाएं वहां जहां पॉजिटिविटी दर 7 दिनों तक 1 प्रतिशत से कम ऑफलाईन कक्षाएं प्रारंभ करने की शर्तो के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी निजी एवं शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं, 7वीं, 9वीं एवं 11वीं की कक्षाएं प्रारंभ करने के संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संबंधित ग्राम पंचायत और स्कूल की पालक समिति की अनुशंसा प्राप्त करना आवश्यक है। शहरी क्षेत्रों के लिए संबंधित वार्ड पार्षद एवं स्कूल की पालक समिति की अनुशंसा प्राप्त करना जरूरी है...
रायपुर : ​​​​​​​शिक्षक दिवस पर 5 सितम्बर को ‘शिक्षा मड़ई‘ का आयोजन, मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि

रायपुर : ​​​​​​​शिक्षक दिवस पर 5 सितम्बर को ‘शिक्षा मड़ई‘ का आयोजन, मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितम्बर को नवाचारी शिक्षकों के कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी ‘शिक्षा मंड़ई‘ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन दोपहर 01 से 2.30 बजे तक स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम आर.डी. तिवारी स्कूल रायपुर में किया जाएगा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में राज्य के चुनिंदा नवाचारी शिक्षक भी शामिल होंगे। शिक्षा मंड़ई कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और अतिथियों द्वारा मोहल्ला कक्षा और लाउडस्पीकर कक्षा, बच्चों द्वारा खेले जा रहे विभिन्न स्थानीय खेल, विज्ञान-रसायन-भौतिक प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लास-जुगाड़ स्टूडियो, सहायक सामग्री, आमाराईट एवं पपेट शो, पुस्तकालय का अवलोकन किया जाएगा। शिक्षा मंड़ई आयोजन का उददेश्य राज्य में कोरोना के दौरान हुए चुनिंदा नवाचारों से...