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23 Sep 2021 राजेश श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक प्राधिकरण दुर्ग

राजेश श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक प्राधिकरण दुर्ग के मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में दिनांक 22 नो 2021 को सभागार जिला न्यायालय दुर्ग में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला किशोर न्याय अधिनियम के विषय पर आयोजित की गई कार्यशाला का शुभारंभ राजेश श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित किया गया कार्यशाला में जिले में पदस्थ सभी न्यायाधीश उपस्थित थे प्रतिभागी के रूप में विशेष किशोर पुलिस इकाई के अधिकारी बाल कल्याण अधिकारी बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सदस्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं ट्रेवल्स उपस्थित थे माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा बताया गया कि जुवेनाइल जस्टिस अधिनियम बाकी अन्य अधिनियम से भिन्न है यह एकमात्र ऐसा अधिनियम है जिसमें जस्टिस शब्द का प्रयोग किया गया है माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश के द्वारा किशोर न्याय अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बालक एवं जुवेनाइल का आशय ऐसे बच्चों से है जो 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के हैं उनके द्वारा यह भी बताया गया कि उक्त अधिनियम वालों को संरक्षण एवं देखे की बात भी करती है कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में श्रीमती अपूर्व जागी प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट किशोर श्रीमती विभा राव निरीक्षक पुलिस विभाग एवं सदस्य उपस्थित थे श्रीमती अध्यक्ष किशोर बोर्ड द्वारा किशोर न्याय अधिनियम के विषय पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि जहां सक्षम अधिकारी को यह प्रतीत होता है कि इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान के तहत साक्ष्य देने के उद्देश्य के अलावा उसके सामने लाया गया व्यक्ति किशोर या बचा है सक्षम प्राधिकारी उचित जांच करेगा ताकि उस व्यक्ति की आयु और उसके लिए आवश्यक साक्ष्य लेगा लेकिन एक हलफनामा नहीं और यह डिसकस दर्ज करेगा कि वह व्यक्ति किशोर है यार बच्चा है नहीं जिसमें उसकी उम्र लगभग बताएं जा सकती है श्रीमती भी प्रभारी निरीक्षक छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा किशोर ने अधिनियम के कार्यान्वयन में पुलिस और अधिकारियों की भूमिका और उनके सामने आने वाली बाधाओं के संबंध में जानकारी दी गई साथी शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्देश किशोर न्याय बच्चों की देखें एवं संरक्षण यथा संशोधित के प्रभावी क्रियान्वयन के संदर्भ में प्रभावी रूप से अनुपालन हेतु निर्गत किए गए हैं यह निर्देश विधि के संपर्क में आए बच्चों एवं उनकी देखरेख एवं संरक्षण हेतु पुलिस द्वारा अपनाई गई की प्रक्रिया में गुणात्मक सुधार लाने हेतु निर्गत किए गए है यह निर्देश बाल कल्याण अधिकारी एवं पुलिस अधिकारी की भूमिका एवं अपेक्षित व्यवहार हेतु निर्गत किए गए हैं सभी दिए पुलिस प्रभारी अपने-अपने जनपद में कार्यशाला आयोजित कर निर्देशों को अपने अधीन सभी अधिकारियों को अवगत करा दें और इनका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं यह निर्देश किशोर न्याय बच्चों की देखें एवं संरक्षण अधिनियम 2006 के नियम के उपचार के तहत नाम निर्दिष्ट बाल कल्याण अधिकारी का स्थानांतरण और अन्य पुलिस या जिला स्तर की विशेष किशोर पुलिस इकाई यों के भीतर तब तक की जाएगी जब तक प्रोन्नति का कोई आपराधिक मामा ना हो और ऐसे मामलों में अन्य प्रशिक्षित व अभियोग्यता वाले पुलिस अधिकारियों को दिखाएं में नाम निर्दिष्ट और तैनात किया जाए ताकि कर्मचारियों की कमी ना रहे का कड़ाई से अनुपालन करेंगे रिसोर्स पर्सन प्रीति सदस्य बाल कल्याण समिति द्वारा किशोरों की काउंसलिंग उनके उपचार एवं देखने की प्रक्रिया के बारे में बताया जिससे मानसिक विकास और धन ना हो साथ ही साथ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 130 के विधि पहलू पर भी प्रकाश डालते हुए बाल समिति की कार्यशैली एवं उनके समक्ष आने वाली परेशानियों के बारे में अवगत कराया उक्त कशाला में कुल 72 लोग उपस्थित थे

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