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दुर्ग भिलाई : शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन ऋषि के माध्यम से कानूनी जानकारी प्रदान हुई

दुर्ग भिलाई। राजेश श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के मार्गदर्शन एवं निर्देशन आज दिनांक 22 6 2021 हो विवेक कुमार वर्मा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश वरियाल अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा एवं सतीश कुमार जयसवाल  अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा पाटन धंधा एवं दुर्ग ब्लॉक के शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन ऋषि के माध्यम से कानूनी जानकारी प्रदान की उन्होंने बताया कि ऑनलाइन लोगों में लोग घरों में बैठे हैं और जाते समय इंटरटेनमेंट पर बिता रहे हैं

बैंकिंग का काम भी ऑनलाइन बैंकिंग भी हो रहा है ऐसे कुछ हैकर्स एक्टिव होकर मौका फायदा उठा रहे हैं और लोगों को कभी कोई स्कीम के नाम पर तो सभी डोनेशन के नाम पर चुना लगा रहे हैं कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर ठगने का काम भी कर रहे हैं ऐसे में सोशल नेटवर्किंग का इस्तेमाल करते समय अलर्ट रहना चाहिए हाल ही में फर्जी फेसबुक अकाउंट से धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं साइबर ठग फेसबुक पर फर्जी अकाउंट खोलकर लोगों से चैटिंग कर रहे हैं और यह काम इतनी खुशी से किया जा रहा है कि उसको खबर तक नहीं लग पाती कि उसके फर्जी खाते का इस्तेमाल किया जा रहा है साइबर ठग सबसे पहले आपके प्रोफाइल से आपका फोटो डाउनलोड करके आपके नाम से अकाउंट बनाकर आपके फ्रेंड को रिक्वेस्ट भेजता है जैसे ही फ्रेंड रिक्वेस्ट को आपका फेसबुक फ्रेंड मंजूर करता है

वैसे ही आपके फ्रेंड से डोनेशन के नाम पर पैसे मांगा जाता है यह साइबर ठग अपनी बातों में ऐसे होते हैं कि लोग उनके झांसे में आ जाते हैं फिर वॉलेट से पैसा मांगा जाता है कुछ ऐसे भी मामले आए हैं जिनमें साइबर ठग लोगों को विश्वास में लेकर उनके वाले की जानकारी मांगते हैं और फिर उसे खाली कर देते हैं इस बारे में अलर्ट भी किया है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय बेहद ऐड रहे और किसी

डोनेशन के मेल या रिक्वेस्ट का पर ध्यान ना दे सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड डालते हैं अपने सोशल अकाउंट की प्राइवेसी को बोलते हैं अपनी फ्रेंड लिस्ट को प्राइवेट रखें अपने सोशल मीडिया अकाउंट को पब्लिक ना करें स्थान के अनुच्छेद 19 एक ए के तहत सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी दी गई है इंटरटेनमेंट इंटरनेट और सोशल मीडिया ने इसे प्रोत्साहित करने में अहम रोल निभाया है

अगर किसी पोस्ट पर या फिर किसी पोस्ट को शेयर करने से किसी की भावना आहत होती है या दो समुदायों के बीच नफरत पैदा होती है तो आपको जेल भी जाना पड़ सकता है इसके तहत अगर आप फेसबुक ट्विटर टिक टॉक शेयर चैट यूट्यूब समेत अन्य सोशल मीडिया पर किसी भी तरह का आपत्तिजनक भड़काऊ या फिर अलग-अलग समुदायों के बीच नफरत पैदा करने वाला पोस्ट वीडियो या फिर तस्वीर शेयर करते हैं तो आप को जेल जाना पड़ सकता है इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी यानी आईटी एक्ट 2000 की धारा 377 में प्रावधान किया गया है

कि अगर कोई इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आपत्तिजनक पोस्ट करता है या फिर शेयर करता है तो उसे खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है इसका मतलब यह है कि यदि कोई टिक टॉक शेयरचैट फेसबुक ट्विटर समय किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके अलग-अलग समुदायों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश करता है तो उसे खिलाफ आईटी की धारा 379 के तहत कार्यवाही की जाएगी

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