रायपुर : राज्य उच्चस्तरीय समिति ने वृद्धाश्रम, घरौंदा और दिव्यांग केन्द्र का किया निरीक्षण : कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

रायपुर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए छत्तीसगढ़ में बुर्जुगों, दिव्यांगों और मानसिक मंदता से ग्रसित लोगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समाज कल्याण श्रीमती अनिला भेंडिया के निर्देश पर राज्य उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। राज्य उच्चस्तरीय समिति द्वारा नियमित रूप से विभाग के अंतर्गत संस्थाओं की मॉनिटरिंग और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए व्यवस्थाओं के बारे में निरीक्षण किया जा रहा है। इस कड़ी में राज्य उच्चस्तरीय समिति ने जिला बालोद की विभागीय संस्थाओं का निरीक्षण किया। समिति में उपसचिव श्री राजेश तिवारी, संयुक्त संचालक श्री पंकज वर्मा शामिल थे।

समिति के सदस्य बालोद के शिकारी पारा स्थित सुख आश्रम वृद्धाश्रम, घड़ी चौक स्थित घरौंदा पहुंचे और कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन के निर्देशों के पालन का जायजा लिया। वर्तमान में सुख आश्रम वृद्धाश्रम में 13 महिला एवं 06 पुरूष कुल 19 वृद्धजन और धरौंदा में 04 महिला एंव 06 पुरूष कुल 10 दिव्यांगजन निवासरत है।

समिति ने पाया कि बुजुर्गों और दिव्यांगों को मास्क दिया गया है और समय-समय पर सैनेटाईजर तथा हैण्डवॉश से हाथ साफ कराया जाता है। सभी बुजुर्गों का स्वस्थ्य वर्तमान में सामान्य है साथ ही परिसर को स्वच्छ रखा गया है। संस्थाओं में समय-सीमा में नाश्ता और भोजन दिया जा रहा है और समय पर आवश्यक दवाईयों का सेवन कराया जा रहा है। मनोरंजन के लिए  टीवी, कैरम बोर्ड पुस्तके आदि की सुविधा है। वृद्धाश्रम में नये पद्धति के शौचालय बनाने के लिए अधिकारियों ने निर्देशित किया।

अधिकारियों ने धरौंदा भवन को दिव्यागजनों हेतु सुगम्य बनाने, लकडी निर्मित बिस्तर, साफ-सफाई एवं परिसर में खाली कक्ष को मनोरंजन कक्ष में परिवर्तित करने और एक महिला होमगार्ड की ड्यूटी लगाने हेतु निर्देशित किया है। इसके साथ ही समिति के सदस्यों ने झलमला में खनिज न्यास निधि मद से लगभग 2 एकड़ में दिव्यांग प्रशिक्षण केन्द्र भवन का निरीक्षण किया। भवन को दिव्यांग पुर्नवास केन्द्र के रूप में तैयार किया जावेगा। अधिकारियों ने जिले के प्रभारी उप संचालक को भवन परिसर में बाउड्रीवाल निर्माण कराने हेतु निर्देश दिए हैं।