छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाके भी सोशल डिस्टेसिंग का अनूठे तरीको से कर रहे है अनुपालन

छत्तीसगढ़। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा सोशल डिस्टेसिंग रखने की अपील का प्रदेश के दूरदराज और वनांचल क्षेत्रों में भी पूरी गंभीरता से ग्रामीणों द्वारा पालन किया जा रहा है।

प्रदेश के ग्रामीण भी अच्छे ढंग से इसका पालन कर रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों में जैसे मिल्क पार्लर, नलों हैण्ड पम्प, किराना दुकान आदि में लोग स्वस्फूर्त ढंग से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। ग्रामीण गांवों में हैण्ड पम्प में पानी लेने आने वाले लोगों को एक मीटर की दूरी बनाए रखने के लिए निर्धारित दूरी पर चूने का गोल निशान भी बनाए हैं। इससे पानी भरने वाले एक निश्चित दूरी में रहते हैं। ग्रामीणों की इस जागरूकता की प्रशंसा हो रही है। इसी प्रकार मिल्क पालरों में भी एक-एक मीटर की दूरी पर निशान चिन्हित किए गए हैं। एक निश्चित दूरी को बनाए रखने से कोरोना वायरस के फैलने की संभावना नहीं रहेगी।

जिला प्रशासन सरगुजा द्वारा कोरोना वायरस से बचाव एवं रोक थाम के लिए जरुरी उपाय करने के साथ ही आम जनता को भीड़-भाड़ से दूर रहने, बाहर निकलने पर हैंड सैनिटाइजर,मास्क का उपयोग करने लगातार समझाईस दी जा रही है। शहरी क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओ और वस्तुओं के संस्थानों में सोशल डिस्टेसिंग मार्क बनाये गए हैं। इसी क्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित उचित मूल्य की दुकानों में भी कोरोना वायरस के संक्रमण से रोकथाम हेतु दुकानों के सामने सोशल डिस्टेसिंग मार्किंग कराया जा रहा है और हितग्राहियों को इस मार्क का अनुसरण करते हुए सामग्री प्राप्त करने की समझाईस दी जा रही है।

उचित मूल्य की दुकानों में 1 मीटर की दूरी बनाए राखने के लिए सोशल डिस्टेसिंग मार्किंग तो किया ही जा रहा है चावल देने के लिए 1 मीटर लंबे पाईप का भी उपयोग किया जा रहा है। चावल का वजन करने के बाद हितग्राहियों को इसी पाइप के द्वारा उनके पात्र में दिया जा रहा है।