छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रियो ने मुख्यमंत्री राहत कोष में वेतन दान किया, शिक्षक, कर्मचारी आदि ने भी सहयोग किया

रायपुर. छत्तीसगढ़ में कोराेना से लड़ाई के लिए सांसद, विधायकों और पार्षदाें के बाद अब मंत्री और कर्मचारियाें ने भी कदम बढ़ाया है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव समेत आबकारी विभाग के कर्मचारियों और कवर्धा कलेक्टर ने अपना वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराएंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को ही इस संबंध में सभी लोगों और आमजन से सहयोग करने की अपील की थी।

रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा की ओर से मंगलवार को अपना एक माह का वेतन दान करने से शुरुआत की। इस पहल में अब मंत्री, विधायक, कर्मचारी भी शामिल हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव और राजस्व मंत्री जयसिंह ने 3-3 माह का वेतन, आबकारी मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, विधायक विकास उपाध्याय और कवर्धा कलेक्टर अवनीश शरण ने एक-एक माह का वेतन देने की घोषणा की है।

कर्मचारी भी इसके लिए आगे आए हैं। आबकारी और उद्योग विभाग के प्रथम व द्वितीय के श्रेणी के अधिकारी 10 दिन का और तृतीय श्रेणी के अधिकारी-कर्मचारियों ने तीन दिवस का वेतन मुख्यमंत्री कोष को देने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव कहते हैं कि कोरोना संकट के बीच आर्थिक संकट भी है। लोगों का रोजगार बंद हो गया। दैनिक मजदूरी करने वालों के पास काम नहीं है। ऐसे में छोटी पहल कर हम बड़ा सहयोग कर सकते हैं।

शिक्षकों ने अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में देने की घोषणा की है। यह राशि 31 करोड़ रुपए से ज्यादा होती है। राज्य के करीब 2.10 लाख शिक्षाकर्मियों ने अपने एक दिन का वेतन करीब 31.50 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि आपदा की इस घड़ी में वे सभी सरकार के साथ हैं। इसके लिए हम सब एकजुट होकर आगे आएंगे और सहायता करेंगे। इस संंबंध में शिक्षकों ने सहमति दे दी हैं। वहीं प्रदेश के सभी कर्मचारी भी अपना एक दिन का वेतन देंगे। इसको लेकर चर्चा की जा रही है। अगर ऐसा होता है ताे कर्मचारियाें के एक दिन का वेतन करीब 350 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा होगा।