छत्तीसगढ़ सरकार ने मीसाबंदी पेंशन योजना पूरी तरह से बंद की, राजपत्र में आदेश जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में मीसा बंदियों की पेंशन योजना को पूरी तरह बंद कर दिया है। सरकार ने गुरुवार को एक अध्यादेश जारी कर उस नियम को ही खत्म कर दिया है, जिसके तहत पेंशन राशि दी जा रही थी।

राज्य सरकार का कहना है मीसा बंदियों को पेंशन देने के संबंध में कोई काननू नहीं बना था। अध्यादेश के जरिये नियम बनाया गया था। इस सरकार ने उस अध्यादेश को रद्द कर दिया है। यह सरकार का अधिकार है। इसमें कुछ नहीं किया जा सकता।

पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने 2008 में मीसा बंदियों को पेंशन देने के लिए लोकनायक जय प्रकाश नारायण सम्मान योजना शुरू की थी। इसके तहत राज्य के करीब सवा तीन सौ लोगों को 15 से 25 हजार स्र्पये मासिक पेंशन दिया जा रहा था।

कौन हैं मीसा बंदी

मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट (मीसा) 1971 में इंदिरा गांधी सरकार ने बनाया था। इस कानून से सरकार के पास असीमित अधिकार आ गए। 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया। इसका विरोध करने वालों को जेल में बंद कर दिया गया था। जिन्हें मीसा बंदी कहा गया।

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