छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र : सदन में हुआ जोरदार हंगामा, बृजमोहन बोले- संसदीय सचिवों के अधिकार बताए सरकार, मंत्री ने कोर्ट का हवाला देकर किया चर्चा से इंकार

प्रदेश की विधानसभा की कार्रवाई बुधवार की सुबह शुरू हुई। सामान्य कार्रवाई के बाद संसदीय सचिवों की नियुक्ति के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा। सड़कों का निर्माण, लोकनिर्माण विभाग में अधिकारियों को कार्यभार समेत कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने सामने नजर आए। पढ़िए अब तक के बड़े अपडेट जो छत्तीसगढ़ की विधान सभा के मौजूदा मॉनसून सत्र से जुड़े हैं।

संसदीय सचिवों को लेकर तीखी बहस

सदन में संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा- हमारे संसदीय सचिव को लेकर कांग्रेस के लोग कोर्ट गए थे। सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है, फिर भी आपने नियुक्ति की, संसदीय सचिवों का स्टेटस क्या है? क्या उनके अधिकार है? इस पर जानकारी दी जानी चाहिए। संसदीय सचिव को लेकर पूरे प्रदेश में भ्रम की स्थिति है. वे खुद भी भ्रमित हैं । पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने संसदीय सचिव की स्थिति को लेकर सर्कुलर जारी करने की मांग की। अजय चंद्राकर ने नियुक्ति पर सवाल उठाया।

विधि मंत्री मोहम्मद अक़बर ने जवाब में कहा- उच्च न्यायालय के निर्देश आए हैं, उनका पालन किया गया है। विधायकों के अधिकार के बारे में नियमावली में है , संसदीय सचिव को उत्तर देने का अधिकार नहीं है। केवल सहायता के नियुक्त किया गया है। जो मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है उस पर चर्चा नहीं हो सकती। संसदीय सचिव को विधानसभा के कार्यों में मंत्रियों को सहयोग करना है। संसदीय सचिवों को मंत्रियों के साथ काम करना है उनका परिचय हो गया है।