बजट 2020: शिक्षकर्मियों को संविलियन की सौगात, वनौषधि तथा लघु वनोपज आधारित उद्योगों को मिलेगा अधिकतम ब्याज अनुदान

रायपुर | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को राज्य का दूसरा बजट पेश किया। पिछली बार की तरह इस बजट में भी युवाओं और किसानों का खास ध्यान रखा गया है। दो साल की नौकरी पूरी कर चुके 16 हजार शिक्षकों को एक जुलाई से रेगुलर (संविलियन) करने की घोषणा की गई है। इस बजट में युवाओं, स्वास्थ्य और पर्यटन पर फोकस है। पर्यटन के बजट में 70 फीसदी का इजाफा किया गया है।

बजट की शुरुआत मुख्यमंत्री बघेल ने ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया, सर्वे भद्राणि पश्चयन्तु’ श्लोक के साथ की। इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि आधुनिकता तथा परम्परा का साम्य हमारे विकास का बुनियादी दर्शन है। यही कारण है कि हमारे विकास के मॉडल में यदि हम राज्य के नदी-नालों, धरती-जंगल और तीज-त्यौहारों को शामिल करते हैं तो दूसरी ओर किसानों के खातों को अपडेट करने के लिये जियो-रिफरेंशिंग जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हैं।

श्रम एवं समाज कल्याण

  • निराश्रितों, बुजुर्गाें, विधवा महिलाओं एवं निःशक्त व्यक्तियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना कल्याणकारी राज्य का प्राथमिक दायित्व है।
  • इन दायित्वों की निर्बाध पूर्ति के लिये सामाजिक सुरक्षा और कल्याण मद में 352 करोड़, वृद्धावस्था पेंशन योजना में 185 करोड़ और मुख्यमंत्री पेंशन योजना मेें 150 करोड़ का प्रावधान है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना में 68 करोड़ तथा सुुखद सहारा योजना में 100 करोड़ का प्रावधान है।
  • दिव्यांगजनों के लिये निःशक्तजन पुनर्वास केन्द्र, मादक द्रव्यों एवं पदार्थाें की रोकथाम एवं नशामुक्ति केन्द्र का संचालन तथा तृतीय लिंग समुदाय से संबंधित योजनाओं हेतु 5 करोड़ 30 लाख का प्रावधान है।
  • असंगठित श्रमिक सुरक्षा एवं कल्याण मण्डल हेतु 38 करोड़ 50 लाख का प्रावधान है।
  • ठेका मजदूर, घरेलू कामकाजी महिला एवं हम्माल कल्याण मण्डल हेतु 15 करोड़ का प्रावधान है।

औद्योगिक विकास

  • नई औद्योगिक नीति 2019 का मुख्य उद्देश्य समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता एवं परिपक्व अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है।
  • नई औद्योगिक नीति में नवीन तकनीकों पर आधारित रोबोटिक्स, एयरक्राफ्ट रिपेयरिंग, धान से जैव ईंधन अथवा इथेनॉल निर्माण, सब्जी एवं फल प्रसंस्करण तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण/मरम्मत में लगने वाले उपकरणों के निर्माण से संबंधित उद्योगों को उच्च प्राथमिकता दी गई है।
    57.    उद्योगों के लिये आबंटित किये जाने वाले भू-खण्ड की दरों में 30 प्रतिशत तथा लीज रेन्ट की दर में 33 प्रतिशत कमी की गई है।
    58.    राज्य में उत्पादित होने वाले हर्बल, वनौषधि तथा लघु वनोपज आधारित उद्योगों को अधिकतम ब्याज अनुदान, नेट एसजीएसटी क्षतिपूर्ति, स्टाम्प ड्यूटी छूट एवं विद्युत शुल्क में छूट देने की व्यवस्था है।
    59.    स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये शासकीय खरीदी सीएसआईडीसी के पोर्टल ई-मानक पर पंजीकृत स्थानीय इकाईयों से किया जाना अनिवार्य किया गया है।
  • राज्य के हस्तशिल्पियों, बुनकरों, मिट्टी तथा कांसा धातुओं के लघु उद्यमियों/कलाकारों के उत्पादों को भी ई-मानक के द्वारा विपणन सुविधा देने का निर्णय लिया गया है।

61.    अनुसूचित जनजाति बाहुल्य बस्तर क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिये 20 एकड़ तक के निजी औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।
62.    राज्य में उत्पादित सब्जी, फल एवं मोटे अनाजों को प्रसंस्कृत कर मूल्य संवर्धन वाले उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए नये फूड पार्क की स्थापना हेतु नवीन मद में 50 करोड़ का प्रावधान है।
63.    नये औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 15 करोड़ एवं जेम ज्वेलरी पार्क की स्थापना के लिए 1 करोड़ का प्रावधान है।
64.    उद्योगों की स्थापना पर दी जाने वाली लागत पूंजी अनुदान के लिये 100 करोड़ एवं ब्याज अनुदान के लिये 39 करोड़ का प्रावधान है।

हमारा विकास का मॉडल समावेशी भी है। विकास की योजनाओं का लाभ समाज के सबसे कमजोर लोगों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। इसीलिये हम कर्ज से दबे किसानों और गरीबी के कारण कुपोषित महिलाओं और बच्चों के विकास की योजनाएं बनाते हैं। चिन्ता का विषय है कि राज्य बनने के 19 वर्षाें के बाद भी हमारी महिलाओं और बच्चों के कुपोषण की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी स्लम में रहने वाले परिवारों को हमने कुपोषण और बीमारियों से प्रतिदिन लड़ते देखा है। इसीलिये कुपोषण को दूर करने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति सभी को जागरूक करने के लिये सुपोषण अभियान शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने 102907 करोड़ का बजट पेश किया, जो कि पिछली बार से 7 हजार करोड़ ज्यादा का है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 17.34 लाख किसानों को कर्ज माफ किया है। आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक 2018-19 में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 7.06 की वृद्धि संभावित है।