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भिलाई से निकली छत्तीसगढ़ के विभिन्न सेवाकेन्द्रों पर समर्पित ज्ञान गंगाये राजयोगा टीचर ब्रह्मकुमारी बहनों का किया सम्मान

5 सितंबर 2021,भिलाई :- वर्तमान श्रेष्ठ कर्म रूपी तस्वीर से श्रेष्ठ भविष्य का निर्माण होता है। पुरषार्थ रूपी मेहनत अभी वर्तमान में और प्रालब्ध रूपी फल भविष्य में स्वतः ही प्राप्त होगा।
यह बातें शिक्षक दिवस के अवसर पर सेक्टर 7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में भिलाई सेवाकेंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने कही। आपने प्रातः राजयोग सत्र में आगे बताया कि अभी का श्रेष्ठ कर्म ,संस्कार,संकल्प भविष्य श्रेष्ठ जीवन की आधार बनता है।
हमारा हर कर्म बोल व्यवहार शिक्षा स्वरूप हो। शिक्षा का ज्ञान नही अपितू शिक्षा के स्वरूप की आज आवश्यकता है। हमारा जीवन श्रेष्ठ शिक्षाओं का दर्पण हो।
इस अवसर पर शिक्षा एवं इस्पात नगरी के नाम से प्रसिद्ध भिलाई से ब्रह्माकुमारी राजयोगी टीचर  बहनों का सम्मान किया गया जो  भारत एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों में समर्पित ज्ञान गंगाये बनकर अनेकों सेवाकेन्द्रों द्वारा मानव जीवन को तनावमुक्त, सुख शांति से सम्पन्न जीवन के लिए निस्वार्थ भाव से सेवा कर रही है।
जिनमें मुख्य रूप से वरिष्ठ राजयोगा टीचर ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी अम्बिकापुर,ब्रह्माकुमारी अश्वनी दीदी झारसुगुड़ा, ब्रह्माकुमारी शिखा दीदी बेलपहाड़,ब्रह्माकुमारी संजू दीदी एवं सीमा दीदी बलरामपुर जिला,ब्रह्माकुमारी ममता दीदी बृजराज नगर,ब्रह्माकुमारी रश्मी दीदी और पूजा दीदी का सम्मान किया गया।
छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा के विभिन्न सेवाकेन्द्रों से पधारी ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा उन्हें इस अध्यात्म लोक कल्याण के पथ पर आगे बढ़ाने एवं कदम कदम पर मार्गदर्शन देने के निम्मित ममतामई माँ राजयोगिनी आशा दीदी का भी सभी बहनों द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत मे वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका विद्या दीदी अम्बिकापुर द्वारा परम शिक्षक परमात्मा की शिक्षाओं  को जीवन में धारणा के लिए कॉमेंट्री के माध्यम राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया।

प्रेषक
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
राजयोग भवन,भिलाई(छत्तीसगढ़)

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