पुलिस कस्टडी में हुई मौत मामलों की जांच करेगी विधानसभा की समिति, स्पीकर ने दिए निर्देश

रायपुर | छत्तीसगढ़ में पुलिस कस्टडी में हुई मौत मामले की जांच अब विधानसभा की समिति करेगी। इसके लिए स्पीकर डॉ. चरणदास महंत ने बुधवार को निर्देश दिए। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने इस मामले को उठाया। जवाब मेंे गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने बताया कि वर्ष 2019 में 9 लोगोें की मौत हुई है। इस दौरान सदन में पुलिस कस्टडी में हुई सूरजपुर में कृष्णा सारथी, पंकज बेग की मौत और दुर्ग जेल में राजकुमार देवांगन की मौत पर चर्चा हुई।

दरअसल, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने सदन में अंबिकापुर में पंकज बेग की आत्महत्या को पुलिस कस्टडी में मौत नहीं कहा। उन्होंने बताया कि पंकज बेग ने हवालात से भागकर दूसरी जगह आत्महत्या की थी, इसलिए उसे पुलिस कस्टडी में मौत नहीं कहा जा सकता। इस पर विपक्ष भड़क उठा और उसने इस जवाब पर ऐतराज जताया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि पंकज बेग के मामले में 9 पुलिसवालों पर एफआईआर हुई है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। हत्यारे बड़े नेताओं के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं।

वहीं कृष्णा सारथी के मुद्दे पर विपक्ष ने परिजनों के लिए मुआवजे की मांग की। विधायक बृजमोहन ने कहा कि दबाव में कृष्णा सारथी को बिना अपराध पंजीकृत किए ही थाने लाया गया। वहां उसकी पिटाई की गई ओर इसके बाद उसे फांसी पर लटका दिया गया। विपक्ष ने सरकार ने जानना चाहा कि इस प्रकरण में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई है। जवाब नहीं आने पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने सदन की कमेटी बनाकर जांच कराने की मांग की। जिसे स्पीकर ने स्वीकार कर लिया।