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बीजापुर : आदिवासी दिवस पर हिंसा छोड़ अहिंसा की राह पर बढ़े कदम, आठ-आठ लाख के इनामी माओवादी दम्पत्ति का समर्पण, कई अहम खुलासे की उम्मीद

बीजापुर। विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर नक्सल दंपत्ति ने हिंसा का रास्ता छोड़ते अहिंसा और अमन की राह पर चलने का संकल्प लिया। माओवादियों के केंद्रीय कमेटी के सदस्य राजू कारम और सुनीता कारम ने कमजोर पड़ते नक्सल संगठन और गलत नीतियों से त्रस्त होकर समर्पण की ओर कदम बढ़ाया। इस दौरान डीआईजी सीआरपीएफ कोमल सिंह, एएसपी पंकज शुक्ला, डीएसपी आशीष कुंजाम , सीआरीएफ 85 बटालियन के कमांडेंट यादवेंद्र सिंह मौजूद थे।

एसपी बीजापुर कमलोचन कश्यप ने इसे पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। एसपी के अनुसार आठ-आठ लाख के इनामी दंपत्ति का सरेंडर इस ओर इंगित कर रहा है कि नक्सल संगठन अब पूरी तरह से कमजोर हो चला है और पुलिस की आत्मसमर्पण को लेकर चलाई जा रही मुहिम कारगर साबित होरही है। इनामी दंपत्ति का सरेंडर इसका प्रमाण है। प्राप्त जानकारी अनुसार ओड़िषा स्टेट कमेटी अंतर्गत कालाहांडी, कंधमाल, बोध, नयागढ़ डिविजन और तेलंगाना स्टेट कमेटी में कार्यरत केंद्रीय रीजनल ब्यूरो के सीसी प्रोटेक्षन गु्रप कमांडर राजू कारम एसीएम निवासी एड़समेटा और सुनीता कारम एसीएम निवासी मंडीकरका जगरगुंडा ने सरेंडर किया है। राजू साल 2013 में गंगालूर एरिया कमेटी में पीएलजीए सदस्य के रूप में भर्ती हुआ था।

इसी दौरान एड़समेटा के जंगल में उसे दस दिनों का प्रशिक्षण दिया गया था। इसके बाद सीसी मेम्बर जम्पन्ना के अंगरक्षक के रूप में उसे ओड़िषा भेज दिया गया। जहां 2017 तक वह कार्यरत् रहा। 2017 में जम्पन्ना द्वारा तेलंगाना पुलिस के समक्ष समर्पण के पूर्व तेलंगाना स्टेट कमेटी के प्रभारी और सीसी सदस्य हरिभुषण के साथ रहने उसे तेलंगाना भेज दिया गया। उसे केंद्रीय रीजनल ब्यूरो में सीसी प्रोटेक्षन गु्रप कमांडर की जिम्मेदारी सौंपी गई और एसएलआर रायफल दिया गया। वही जगरगुंडा की रहने वाली सुनीता 2014 में पामेड़ एरिया कमेटी में पीएलजीए सदस्य के रूप में शामिल हुई थी। इसी साल चिन्नाबोड़केल के जंगल में एसपीएम मंगेष द्वारा उसे 30 दिन का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद वह बासागुड़ा एलओएस कमांडर अनिता कुरसम के साथ उसने काम शुरू किया।

2015 में सीसी जम्पन्ना के अंग रक्षक की ड्यूटी के लिए उसे भी ओड़िशा भेज दिया गया। जहां 2017 तक सक्रिय रही। इसके बाद राजू की तरह उसे भी तेलंगाना स्टेट कमेटी प्रभारी और सीसी सदस्य हरिभूषण के द्वारा रीजनल ब्यूरो सीसी प्रोटेक्शन गु्रप सदस्य के रूप में शामिल करते इंसास रायफल दिया गया।

मिली जानकारी अनुसार उक्त माओवादी दंपत्ति साल 2015 से 2018 तक विभिन्न घटनाओं में शामिल थे। जिसमें फरवरी 2015 में कंधमाल में हुए मुठभेड़, कालाहांडी थाना क्षेत्र के लुबेंदगढ़ , 2016 में कालाहांडी जिले के रामपुर थाना अंतर्गत बोगबेड़ा, जुलाई 2016 में कंधमाल के डोंडीपारा, मई 2017 में नुवापाड़ा ओड़िषा से जंगल के रास्ते लौटते कांकेर के जंगल में पुलिस से मुठभेड़, फरसेगढ़ थाना के मुक्काबेली में हुए मुठभेड़ में प्लाटून नंबर दो कमांडर संदीप कुरसम घायल हुआ था के अलावा 2018 में पुजारी कांकेर के कर्रेगुट्टा पहाड़ी में ग्रेहाउंडस फोर्स के साथ हुई मुठभेड़ में शामिल थे, जिसमें सीआरसी कंपनी नंबर दो के नौ माओवादी मारे गए थे और ग्रेहाउंडस फोर्स का एक जवान शहीद हुआ था। आत्मसमर्पण करने पर दंपत्ति को दस-दस हजार रूपए की प्रोत्साहन राषि प्रदान करने के साथ शासन की पुनर्वास योजना के तहत् लाभांवित करने की बात एसपी बीजापुर के हवाले से कही गई है।

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