मुख्यमंत्री भूपेश बघेल : आजीविका और बेहतर आमदनी की व्यवस्था ही समावेशी विकास का मूलमन्त्र है, कोविड केयर सेंटर में मरीजों ने सुनी लोकवाणी

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी की 10 वी कड़ी को जिले के कोविड केयर सेंटर में मरीजों ने सुनी। कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा निर्देशानुसार जिले के सभी कोविड केयर सेंटर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोकवाणी सुनने की व्यवस्था की गई थी। लोकवाणी के इस कड़ी में मुख्यमंत्री ने समावेशी विकास आपकी आस विषय पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के छोटे-छोटे किसान, मजदूर, आजीविका के परम्परागत कामों में लगे लोगों के पास कोई न कोई हुनर होता है जो उन्हें परमपरागत रूप से मिलता है। मगर समय की मार ने उनकी चमक को कम कर दिया है, कमजोर कर दिया है। इन लोगो के कौशल को बढ़ाकर, उनके उत्पादों को अच्छा दाम देकर, अच्छा बाजार उपलब्ध कराकर आजीविका और बेहतर आमदनी की व्यवस्था ही समावेशी विकास का मूलमंत्र है। समावेशी विकास ही सर्वांगीण विकास है। उन्होंने कहा कि हर परिवार के पास आजीविका के साधन हो। राज्य के संसाधन और आय के साधन सौंपकर आर्थिक विकास के लाभों से समान वितरण का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी न्याय योजना के तहत किसानों के खाते में दो किश्तों के भुगतान किया जा चुका है तथा शीघ्र ही अगला किश्त का भगतान के 5700 करोड़ रुपये किसानों को भुगतान करने का वादा पूरा होगा। गोधन न्याय योजना से गोठान निर्माण को गति मिल रहा है। गोधन न्याय योजना से अनेक संस्थानों को भूमिका निभाने का अवसर मिल रहा है। नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी सुराजी योजना के सभी घटक एक-दूसरे के पूरक है। इन सबके समावेश से लोगो को रोजगार मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ सबसे ज्यादा वनाधिकार पत्र देने वाला तथा मनरेगा में सबसे ज्यादा काम देने वाला राज्य बन गया है। कोरोना काल मे प्रवासी मजदूरों के स्किल मैपिंग कर उनके हुनर के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए राम वनगमन पथ के तहत 16 जिले के 43 स्थानों पर पर्यटन विकास के कार्य प्ररंभ कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का संकट अभी टला नही है। बाहर निकलने पर मास्क पहने, सोशल डिस्टनसिंग का पालन करें, हाथों को सेनिटाइजर या साबुन से बार-बार धोते रहे। मरीजो की बढ़ती संख्या को दृष्टिगत रखते हुए कोविड केयर सेंटर बनाकर बेड़ो की संख्या बढ़ाई जा रही है।

लोकवाणी को जिला मुख्यालय सहित, विकसखण्ड मुख्य्यालयों तथा ग्राम पंचायतों में भी सुना गया।