आज का इतिहास: 110 साल पहले बम धमाके में खुदीराम बोस को फांसी दी गई थी

आज का इतिहास: 110 साल पहले बम धमाके में खुदीराम बोस को फांसी दी गई थी, वे उस समय मात्र 18 साल के थे । जज ने उनसे हंसने की वजह पूछी, तो बोस ने कहा- ‘अगर मेरे पास मौका होता, तो मैं आपको बम बनाने का तरीका बताता।’

सन 1908- आज ही के दिन खुदीराम बोस को फांसी दे दी गई थी। उस समय वे मात्र साढ़े 18 साल के थे। बोस को बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में किए गए एक बम हमले का अपराधी माना गया और मौत की सजा सुनाई गई थी। मिदनापुर में 1889 में पैदा हुए बोस स्वतंत्रता संग्राम में सबसे कम उम्र के क्रांतिकारियों में शामिल थे। बोस को कोर्ट ने जब फांसी की सजा सुनाई, तो वे हंसने लगे।




जज ने समझा की कम उम्र के बोस सजा की गंभीरता नहीं समझ पा रहे हैं। जज ने उनसे हंसने की वजह पूछी, तो बोस ने कहा- ‘अगर मेरे पास मौका होता, तो मैं आपको बम बनाने का तरीका बताता।’ उनकी फांसी वाले दिन कोलकाता में लोगों का हुजूम लग गया। लोगों को सबसे ज्यादा आश्चर्य आखिरी वक्त में बोस के संजीदा रहने पर था।
खास ब्रिटिश अखबार ‘द इंपायर’ ने फांसी के अगले दिन लिखा-खुदीराम को फांसी दे दी गई। बताया जाता है कि वह सीना तान कर सूली पर चढ़ा। वह खुश था।



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