Wednesday, November 13

भूपेश सरकार का किसानों के प्रति नरम रवैया, केंद्र सरकार सहयोग न करें तो भी नहीं होने देंगे किसानों का अहित

रायपुर। राज्योसत्व के चंद घंटे पहले आयोजित भूपेश कैबिनेट की बैठक में  नि:संदेह कुछ अहम फैसला होने वाला था, लिहाजा सभी की नजर टिकी थी।  कैबिनेट की ये बैठक इस लिहाज से महत्वपूर्ण था, क्योंकि धान खरीदी को लेकर एक उहपोह की स्थिति थी, जिसे भूपेश सरकार ने राहत दिया। उन्होंने कहा, अगर केंद्र सरकार सहयोग न करें तो भी किसानों का अहित वे होने नहीं देंगे। कैबिनेट बैठक के बाद उनका किसानों के प्रति नरम रूख देखने को मिला।

धान खरीदी को लेकर निर्णय लिया गया है कि भूपेश सरकार ने तय कर लिया है कि जो वादा चुनाव से पहले कांग्रेस ने किया था उसे पूरा किया जा रहा है। किसानों से सरकार 2500 रुपये प्रति क्विंटल पर धान खरीदेगी। धान खरीदी की तैयारी को लेकर निर्देश जारी कर दिया गया है। इस बार 19 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है। पंजीयन की तारीख को एक सप्ताह और बढ़ा दिया गया है। प्रदेश में धान खरीदी की शुरुआत एक दिसंबर से होगी।
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा में मंत्री रविन्द्र चौबे, मो. अकबर और अमरजीत भगत ने कहा कि किसानों से जो भी वादा हमने किया है उसे पूरा करेंगे। अगर केंद्र सरकार सहयोग नहीं भी करती है तो भी किसानों का अहित नहीं होने दिया जाएगा। कैबिनेट यह भी निर्णय लिया गया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले धान पर विशेष नजर रखी जाएगी। मंत्रियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में दौरा करने को कहा गया है। सभी मंत्री सीमावर्ती इलाकों का दौरा कर खुद खरीदी पर नजर रखेंगे। अगर कहीं बाहरी राज्यों का धान छत्तीसगढ़ में खफाने का मामला सामने आता तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वाहन राजसात किए जाएंगे। खरीदी केंद्र के अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। किसानों का पंजीयन भी रद्द किया जाएगा। गिरफ्तारी भी की जाएगी।
वहीं कैबिनेट में आरक्षण को लेकर संसोधन भी किया गया है। अब जिला संवर्ग के पदों पर जनसंख्या के आधार पर आरक्षण दिया जाएगा। कुछ जिलों में जिला संवर्ग के पदों में आरक्षण का प्रावधान पहले से लागू था, जिसकी वजह से अगर मौजूद आरक्षण नियम जिसके मुताबिक ओबीसी का 27 फीसदी, गरीब सवर्णों के आरक्षण में 10 फीसदी और एससी-एसटी के नए आरक्षण नियमों को लागू किया जाता तो ये प्रतिशत 100 फीसदी से भी ज्यादा हो जाता। ऐसे मं राज्य सरकार ने अब जिलों में एससी और एसटी के आरक्षण को तो यथावत रखा है, लेकिन ओबीसी और गरीब सवर्णों के आरक्षण को जनसंख्या के आधार पर तय करने का फफैसला लिया है। दरअसल, बीजापुर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाडा़ सहित कई जिलों में जिला संवर्ग के पदों में सशोधित आरक्षण का नियम लागू किया जाएगा। सरकार की ओर से यह भी कहा कि गया कि 14500 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है उसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

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