तीसरे लाइन के लिए रखे सामान की देखभाल बनी चुनौती

इस्पात टाइम्स/रायगढ़। खरसिया से झारसुगुड़ा के बीच चल रहे तीसरी रेल लाइन निर्माण व बिखरे सामान आरपीएफ के लिए परेशानी का सबब बन गया है। 195 मिटर रेल पांत चोरी मामले के बाद आरपीएफ ने उक्त मार्ग से जुड़े सभी सेक्शन इंजीनियर को पत्र जारी किया है। जिसमें उक्त सामान की सुरक्षा व किसी एक स्थान पर भंडारण की नसीहत दी गई है। जिससे रेल पांत चोरी मामले की पुनरावृत्ति ना हो सके। विदित हो कि बिलासपुर से खरसिया तक तीसरी लाइन का कार्य पूर्ण हो चुका है। जबकि खरसिया से झारसुगुड़ा के बीच कार्य जारी है।
तीसरी रेल लाइन के कार्य के बीच कोतरलिया से 195 मिटर रेल पांत चोरी करीब डेढ़ सप्ताह पहले हुई थी। जिसमें अब तक आरपीएफ की जांच टीम द्वारा मामले का पदार्फाश नहीं किया जा सका है। इस बीच आरपीएफ ने तीसरी रेल लाइन को लेकर बिखरे सामान को सहेजने को लेकर एक पत्र जारी किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त पत्र, तीसरी लाइन से जड़े सभी सेक्शन इंजीनियर से जुड़ा हुआ है। उक्त पत्र में संंबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को इस बात की नसीहत दी गई है कि तीसरी रेल लाइन में इस्तेमाल होने वाले जरूरत के सामान को ही स्थान पर रखा जाए। शेष सामान को किसी ऐसी जगह पर डंप किया जाए। जिससे उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। रेल पांत चोरी के बाद आरपीएफ ने यह पहल की है। विदित हो कि तीसरी रेल लाइन को लेकर रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे काफी सामान रखे हुए हैंं। हालांकि सुरक्षा को लेकर चौकीदार भी रखे गए हैं। पर लंबा क्षेत्र व बिखरे सामान की वजह से चौकीदार को भी आरोपी मात देकर सामान को पार कर रहे हैं। 195 मिटर रेल पांत चोरी मामला, उन्हीं में से एक है।
चौकीदारों की मांगी जानकारी
आरपीएफ ने तीसरी रेल लाइन के बिखरे सामान की सुरक्षा को लेकर रखे गए चौकीदारों की जानकारी भी संबंधित विभाग से मांगी है। जिससे सुरक्षा के बिंदू से उसकी समीक्षा की जा सके। वहीं आला अधिकारी को भी इसकी मौजूदा स्थिति से अवगत कराया जा सके।