जब हुआ खुलासा तो कोल साइडिंग के वाणिज्य पर्यवेक्षक गए छुट्टी पर

इस्पात टाइम्स/रायगढ़। जामगांव कोल साइडिंग में मालगाड़ी से अनलोडिंग का खेल मैनुअल की बजाए मैकेनिकल चल हा है। इस बीच बिलासपुर मंडल के सीनियर डीसीएम ने मामले में जांच की बात कही। विवाद बढ़ते देख जामगांव कोल साइडिंग केवाणिज्य पर्यवेक्षक छुट्टी पर चले गए हैं। सूत्रों की माने तो उक्त रेल कर्मचारी ने अचानक छुट्टी का आवेदन लगाया है।
प्रदेश के सीमावर्ती रेलवे स्टेशन जामगांव के कोल साइडिंग में रेल कर्मचारी, कंपनी के साइडिंग इंचार्ज द्वारा नियमों को ताख पर रख कर मालगाड़ी से अनलोडिंग किया जा रहा है। विभागीय कंप्यूटर मे मैनुअली अनलोडिंग की एंट्री की जा रही है। जबकि अनलोडिंग मेकेनिकल यानी जेसीबी व अन्य वाहनों से की जा रही है। जिससे करीब एक सौ से अधिक मजदूरों का हक भी छिन रहा है। एक तरफ जहां मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर डिवीजन की सीनियर डीसीएम रश्मि गौतम ने मामले की जांच की बात कही है। वहीं दूसरी ओर विवाद बढ़ते व खुद का गला फंसते देख वाणिज्य पर्यवेक्षक जेके दास अचानक छुट्टी पर चेल गए हैं। सूत्रों की माने तो वाणिज्य पर्यवेक्षक, इस गोलमाल के खुलासा होने के बाद आनन-फानन में छुट्टी का आवेदन लगाया है। ऐसे में, उक्त कोल साइडिंग की जिम्मेदारी, अन्य रेल कर्मचारी को दी गई है।
नियमित नहीं होती है मॉनीटरिंग
सूत्रों की माने तो जांमगांव कोल साइडिंग में रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण नहीं की जाती है। जिनके उपर जिम्मेदारी दी गई है, वो महज ट्रेन से आने-जाने में ही अपना समय बीता कर खानापूर्ति करते हैं। ऐसे में, कोल साइडिंग में गड़बड़झाला का ख्ोल होना स्वभाविक है।