आयकर छूट 3 लाख, नगद में चंदा 2 हजार तक, रेल सुरक्षा के लिए 1 लाख करोड़

नई दिल्ली,(ईएमएस)। वित्त मंत्री अरुण जेटली सुबह 11 बजे संसद में बजट पेश किया। सांसद ई अहमद के निधन के चलते आज पेश होने वाले बजट पर संशय छाया हुआ था लेकिन लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ कर दिया है कि बजट आज ही पेश होगया। यह बजट ऐतिहासिक था क्योंकि पहली बार रेल बजट अलग से पेश नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा हर साल बजट 28 फरवरी को पेश किया जाता था लेकिन इस बार इसे 1 फरवरी को पेश किया गया।
राजनीतिक दलों पर शिकंजा
राजनीतिक पार्टियां एक व्यक्ति से 2000 रुपए से अधिक नगद चंदा नहीं ले सकतींरू दानदाताओं से चौक या डिजिटल माध्यम से चंदा प्राप्त कर सकती हैंरूनिर्धारित समय सीमा के भीतर आय कर रिटर्न भरना होगा। मसलन अब राजनीतिक दलों द्वारा चंदा लेने में सुविधा के लिए बैंक चुनावी बांड जारी करेंगे।bud
केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली ने आज संसद में आम बजट 2017-18 प्रस्तुत करते हुए कहा कि राजनीतिक पार्टी एक व्यकित से अधिकतम दो हजार रुपए का नगद चंदा ले सकती है। राजनीतिक दलों की वित्त पोषण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के कदमों के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री ने प्रस्ताव किया कि राजनीतिक दलों को चंदा लेने में सुविधा के लिए बैंक चुनावी बांड जारी करेंगे। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि राजनीतिक पार्टिंयां चौक या डिजिटल माध्यम से चंदा प्राप्त करने की पात्र होंगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक पार्टी को निर्धारित समय सीमा के भीतर आय कर रिटर्न भरना होगा। राजनीतिक पार्टियों की वित्त पोषण प्रणाली में सुधार लाने के महत्वपूर्ण कदम के बारे में श्री जेटली ने कहा कि राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए जल्द ही अधिकृत बैंकों से चुनावी बांड जारी किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही इस संबंध में एक योजना का ढांचा तैयार करेगी और चुनावी बांड जारी करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि चंदा देने वाले केवल चौक और डिजिटल भुगतान कर मान्यता प्राप्त बैंकों से बांड खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकृत राजनीतिक पार्टी के निर्धारित बैंक खाते में ये बांड परिशोध्य होंगे।
पहली बार रेल बजट आम बजट में शामिल
केन्द्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली ने संसद में बजट 2017-18 पेश किया। यह पहला मौका है जब आम बजट में ही रेल बजट भी शामिल है। इस बार बजट को योजनागत एवं गैर-योजनागत श्रेणियां में वर्गीकृत भी नहीं किया गया है। खास बात यह भी है कि इस बार बजट को अपने निर्धारित समय से करीब एक माह पूर्व फरवरी माह की शुरुआत में ही पेश किया गया है। लोकसभा में वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि हमारा एजेंडा जनता के जीवन की गुणवत्ता में आमूल परिवर्तन लाने के लिए प्रशासन की गुणवत्ता में परिवर्तन हेतू टीईसी इंडिया अर्थात ट्रांसफॉर्म, एनर्जाइज एवं क्लीन इंडिया पर केन्द्रित रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य समाज के विभिन्न तबकों विशेषकर युवाओं एवं कमजोर वर्गों में शक्ति का संचार करना और देश में भ्रष्टाचार, काला धन और अपारदर्शी राजनीतिक वित्तपोषण की बुराइयों को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि मौद्रिक पहलुओं को संयमित रखकर ग्रामीण क्षेत्रों का विकास, बुनियादी अवसंरचना को बढ़ावा देने एवं गरीबी उन्मूलन के लिए अधिक से अधिक धन खर्च करने पर हमारा विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित है। गरीबों एवं वंचितों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से निवेश को बढ़ावा और आर्थिक वृद्धि की तीव्र गति के संबंध में आर्थिक सुधारों को जारी रखा जाएगा। बजट 2017-18 के लिए कुल व्यय 21.47 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। अरुण जेटली ने कहा कि इस व्यय से कई गुना सकारात्मक प्रभाव और उच्च वृद्धि की उम्मीद है। वर्ष 2017-18 में राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों को कुल 4.11 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जा रहे हैं, जबकि बजट अनुमान 2016-17 में यह 3.60 लाख करोड़ रुपये था। रक्षा व्यय 2,74,114 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है, इसमें पेंशन शामिल नहीं है।
क्या हुआ सस्ता और क्या हुआ महंगा
नोटबंदी के बाद लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें इस बजट में राहत मिलेगी। हर बार की तरह इस बार भी बजट के बाद कुछ चीजें महंगी हुई और कुछ चीजें सस्ती हुईं। आइए जानें कि इस बार बजट में सरकार ने कौन सी चीजें सस्ती की और कौन सी चीजें महंगी।
सस्ता- पवन चक्की, आरओ, पीओएस, पार्सल, लेदर का सामान, सोलर पैनल,प्राकृतिक गैस, निकेल, बायोगैस, नायलॉन, रेल टिकट खरीदना, सस्ता घर देने का प्रयास, टैक्स में मध्यम वर्ग को राहत देने का प्रयास, भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा टैक्स मुक्त होगा, छोटी कंपनियों को टैक्स में राहत, 50 करोड़ तक सालाना टर्न ओवर वाली कंपनियों को 25 प्रतिशत टैक्स पहले 30 प्रतिशत था, 2 करोड़ तक टर्न ओवर वाली कंपनियों पर 6 प्रतिशत टैक्स लगेगा पहले से 2 प्रतिशत कम हुआ। इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई। 3 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। 3 लाख से 5 लाख तक आमदनी पर 5 प्रतिशत लगेगा, 5 से 10 लाख की आय पर 20 प्रतिशत टैक्स लगेगा, 10 लाख से ऊपर आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा। स्टार्ट अप के लिए टैक्स रियायतें लेने के नियमों में राहत। सौर उर्जा बैटरी और पैनल के विनिर्माण में काम आने वाले सोलर टैम्पर्ड ग्लास को सीमा शुल्क से छूट।
महंगा- मोबाइल फोन, पान मसाला, सिगरेट, एलईडी बल्ब, चांदी का सामान, तंबाकू, हार्डवेयर, सिल्वर फॉयल, स्टील का सामान, ड्राय फ्रूट्स, चांदी के गहने, स्मार्टफोन। पान मसाला पर उत्पाद शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत, गैर-प्रसंस्कृत तंबाकू पर 4.2 से बढ़ाकर 8.3 प्रतिशत किया गया। तंबाकू (गुटखा) वाले पान मसाला पर उत्पाद शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया गया।
65 मिलिमीटर तक लंबाई वाली सिगरेट पर उत्पाद शुल्क 215 रुपये प्रति एक हजार से बढ़ाकर 311 रुपये प्रति हजार किया गया। एल्यूमीनियम महंगा, इसके अयस्क और कंसंट्रेट पर आयात शुल्क शून्य से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया।
मोबाइल फोन विनिर्माण में काम आने वाले प्रिंटेड सर्किट बोर्ड पर सीमा शुल्क शून्य से बढ़ाकर 2 प्रतिशत किया गया। एलईडी बल्ब विनिर्माण में उपयोग होने वाले कलपुजों पर पांच प्रतिशत की दर से मूल सीमा शुल्क और 6 प्रतिशत प्रतिपूर्ति शुल्क लगेगा। सिगार, सुल्फी (चुरट) पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत अथवा प्रति हजार 4006 रुपये जो भी अधिक होगा, किया गया। पहले यह दर 12.5 प्रतिशत और 3,755 रुपये प्रति हजार थी।
गरीबों के लिए एक करोड़ मकान बनेंगे
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घोषणा की कि बेघरों के लिए 2019 तक एक करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है. मई, 2018 तक देश के शत-प्रतिशत गांवों तक बिजली पहुंच जाएगी. इसके साथ ही वर्ष 2017-18 में मनरेगा के लिए 48,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इससे पिछले वित्त वर्ष (2016-17) में इसके लिए 38,500 करोड़ रुपये रखे गए थे.
14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों में महिला शक्ति केंद्रों के लिए 500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के लिए 2017-18 में 2,814 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि 2019 तक एक करोड़ परिवारों को गरीबी से बाहर निकाला जाएगा और 50,000 ग्राम पंचायतों को भी गरीबी मुक्त किया जाएगा.
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री कौशल केंद्रों का 600 जिलों तक विस्तार होगा और 100 अंतरराष्ट्रीय कौशल केंद्र खोले जाएंगे, जिससे लोगों को विदेशों में नौकरी में मदद मिलेगी. 1.5 लाख स्वास्थ्य उपकेंद्रों को स्वास्थ्य वेलनेस केंद्रों में बदला जाएगा.
डॉ. रमन ने सराहा बजट को
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज संसद में केन्द्र सरकार द्वारा पेश किए गए आगामी वित्तीय वर्ष 2017-18 के बजट के सभी प्रावधानों का स्वागत किया है। डॉ. सिंह ने इस बजट को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ह्यसबके साथ सबका विकास की भावना के अनुरूप बताया है।
मुख्यमंत्री ने केन्द्र के आम बजट पर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया में कहा है कि पिछली बार की तरह इस बार का यह केन्द्रीय बजट भी लोकहितैषी वित्तीय प्रावधानों के साथ प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने इस बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली को बधाई दी है। डॉ. सिंह ने आम बजट और रेल बजट को एक साथ प्रस्तुत करने के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट देश के विकास की गति बढ़ाने में उत्प्रेरक साबित होगा। डॉ. सिंह ने कहा – केन्द्र के आम बजट में जहां रोजगार बढ़ाने पर बल दिया गया है, वहीं हर योजना के वित्तीय प्रावधानों में गरीबों को विशेष रूप से ध्यान रखा गया है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री ने बजट में किसानों की आमदनी पांच वर्ष में दोगुनी करने, ग्रामीण आबादी के लिए सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने, युवाओं के लिए रोजगार और कौशल उन्नयन पर बल देने जैसे प्रमुख बिन्दुओं का विशेष रूप से उल्लेख किया है, जो वास्तव में स्वागत योग्य है। देश में रेल सुविधाओं के विकास और विस्तार पर भी बल दिया गया है और कई अच्छे प्रावधान किए गए हैं। रेल सुरक्षा के लिए एक लाख करोड़ रूपए के विशाल फंड का प्रावधान और राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 64 हजार 900 करोड़ रूपए की विशाल धनराशि का निर्धारण भी स्वागत योग्य है।
शताब्दी समारोह को मिला बजट में स्थान
चंपारण सत्याग्रह और साबरमती आश्रम की स्थापना के 100 साल पूरे होने का जिक्र करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजटीय भाषण में कहा कि इस उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि चंपारण आंदोलन 1917-18 में हुआ था। उस दौरान अंग्रेज किसानों से जबर्दस्ती नील की खेती कराते थे। इसके चलते किसानों में भारी असंतोष था। इसकी परिणति यह हुई कि एक किसान राजकुमार शुक्ल ने महात्मा गांधी को चंपारण आने का न्यौता दिया। नतीजतन महात्मा गांधी प्रसिद्ध वकीलों राजेंद्र प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिन्हा और ब्रजकिशोर प्रसाद के साथ चंपारण पहुंचे और अंग्रेजों के खिलाफ सत्याग्रह आंदोलन किया। इस आंदोलन के चलते अंग्रेजों को झुकना पड़ा। इसी तरह गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती नदी के किनारे महात्मा गांधी द्वारा स्थापित साबरमती आश्रम की स्थापना के भी इस साल 100 साल पूरे हो रहे हैं। महात्मा गांधी ने यहीं से नमक सत्याग्रह शुरू करते हुए 12 मार्च, 1930 को दांडी मार्च शुरू किया था। आजादी के बाद सरकार ने इस आश्रम को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में तब्दील कर दिया।
किसानों-गरीबों, युवाओं के रोजगार के लिए कुछ खास नहीं- राहुल गांधी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बजट पर नाखुशी जाहिर की। हालांकि उन्होंने राजनीतिक चंदे को लेकर तय किए नए नियम का समर्थन जरूर किया। राहुल ने कहा कि विमुद्रीकरण के बाद सरकार ने जो झटका देश को लोगों खासकर गरीबों को दिया, उससे उबरने को लेकर बजट में अपेक्षाओं के अनुसार कोई खास घोषणा नहीं की गई। किसानों, गरीबों, युवाओं और उनके रोजगार के लिए कुछ खास नहीं किया, बजट में इसको लेकर कोई साफ विजन नहीं था। जेटली ने अच्छा भाषण दिया, शेर-शायरी की, लेकिन उसका आधार कुछ नहीं’। हालांकि कांग्रेस उपाध्यक्ष ने राजनीतिक चंदे को लेकर सरकार द्वारा तय किए नए नियम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पॉलिटिकल फंडिंग को पारदर्शी बनाने के लिए जो कदम उठाए जाएंगे, हम उसका समर्थन करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी शुरुआत में युवाओं को रोजगार देने और किसानों की कर्जा माफी करने को लेकर बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन वादों के मुताबिक कुछ नहीं किया। उन्होंने देश में बुलेट ट्रेन चलाने की बात की, उसका विज़न दिया, लेकिन क्या बुलेट ट्रेन आई? नहीं आई। रेलवे में मूलभूत समस्या सुरक्षा की है। इस सरकार का रेलवे सुरक्षा रिकॉर्ड सबसे खराब रहा है।