कांग्रेस गठबंधन चाहती है तो हमारा फार्मूला माने: सपा

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गठबंधन के तमाम कयासों के बीच सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस को कड़ा संदेश देते हुए आज कहा कि इस पार्टी ने चुनावी तालमेल को लेकर अब तक कोई सकारात्मक बात नहीं की है और सपा उसे कुल 403 में से केवल 85 सीटें ही दे सकती है। congress
सपा के राष्टÑीय उपाध्यक्ष किरणमय नन्दा ने कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य मकसद आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराना है। इसके लिये कांग्रेस से गठबंधन की कोशिश की गयी लेकिन उसकी तरफ से अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अगर भाजपा को परास्त होते देखना चाहती है तो उसे सपा के फार्मूले को मानना होगा। इस फार्मूले के तहत पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जिन सीटों पर पहले या दूसरे नम्बर पर रही थी, और वे सीटें जिन पर सपा तीसरे, चौथे या पांचवें नम्बर पर रही थी, वे कांग्रेस को दे दी जाएंगी। नन्दा ने कहा कि इस हिसाब से कांग्रेस को 54 सीटें ही मिलनी चाहिये, लेकिन अगर वह गम्भीरता से बातचीत करे तो उसे 25-30 सीटें और दी जा सकती हैं। सपा कांग्रेस को अधिकतम 85 सीटें दे सकती है। यह पूछे जाने पर कि सपा द्वारा आज घोषित 191 सीटों में में कई वे सीटें हैं, जिन पर वर्ष 2012 के पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी जीते थे, उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन होगा तो कांग्रेस जहां जीती है, वह सीट उसे दे दी जाएगी।
मालूम हो कि नन्दा ने गुरुवार को कहा था कि सपा करीब 300 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। ऐसे में माना जा रहा था कि वह कांग्रेस के लिये 100 या 103 सीटें छोड़ सकती है।
इस गठबंधन में राष्टÑीय लोकदल को भी शामिल करने की बात थी, मगर बाद में सपा ने यह इरादा छोड़ दिया था। इस सवाल पर कि क्या कांग्रेस के साथ सपा का गठबंधन मुश्किल हो गया है, नन्दा ने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी। सपा अब भी कांग्रेस से तालमेल करना चाहती है, लेकिन अपनी शर्तों पर। चुनाव बिल्कुल नजदीक है, ऐसे में सपा और इंतजार नहीं कर सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन होने पर सपा अमेठी और लखनऊ छावनी सीट अपने पास ही रखेगी। उसके एवज में वह अपनी एक-एक जीती हुई सीट दे देगी। नन्दा ने बताया कि सपा अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आगामी सोमवार को पार्टी का चुनाव घोषणापत्र जारी करेंगे और फिर बुधवार से वह अपना प्रचार शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव अखिलेश के चेहरे और नेतृत्व में लड़ा जाएगा। पार्टी ‘नेताजी का नाम और अखिलेश जी का काम’ के नारे पर चुनाव लड़ेगी।
भाजपा को हराने को गठबंधन जरूरी: राहुल
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज कहा कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन में शामिल होना जरूरी था, क्योंकि प्रदेश में कांग्रेस अपने बलबूते सरकार बना पाने में सफल होती नहीं दिख रही थी। चुनावों के लिए बनायी गयी पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि भाजपा को हराने के लिए गठबंधन में शामिल होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश में कम से कम 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इस बैठक में राहुल की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं।
ऐसे फं सा कांग्रेस-सपा गठबंधन पर पेंच!
यूपी विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन से पहले ही पेंच फंस गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज 191 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। सपा की इस लिस्ट से कांग्रेस नाराज हो गई है। क्योंकि कांग्रेस की मौजूदा सीटों पर भी सपा ने अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। जबकि कांग्रेस इन सीटों पर सपा से अपने उम्मीदवार न उतारने की मांग कर रही थी। एक और खास बात यह है कि कांग्रेस-सपा से दिल्ली एनसीआर की सीटों को छोडने की बात कह रही थी लेकिन सपा ने यहां भी सीटें नहीं छोड़ी और अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिया। कांग्रेस से समाजवादी पार्टी के गठबंधन की खबरों के बीच सबसे चौका देने वाली घोषणा किदवई नगर सीट से है। इस सीट पर कांग्रेस के अजय कपूर वर्तमान में विधायक हैं लेकिन सपा ने यहां से भी ओमप्रकाश मिश्र को टिकट देकर कांग्रेस खेमे की बेचैनी बढ़ा दी है।