जेआईसीए ने गैर-राजस्व जल कटौती पर सेमिनार का किया आयोजन

रायपुर। जापान इंटरनेशनल को-आॅपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) और राजस्थान सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी), ने गैर-राजस्व जल (एनआरडबल्यू) कटौती पर 16-17 जनवरी को जयपुर, राजस्थान के होटल क्लार्क्स अमेर में एक दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार में श्री जे. सी. मोहंती, प्रधान सचिव, पीएचईडी, श्री अखिल जैन, मुख्य अभियंता, पीएचईडी, श्री सी. एम. चौहान, मुख्य अभियंता, पीएचईडी, श्री मासाहिरो यामागुची, मुख्य सलाहकार, जेआईसीए विशेषज्ञ टीम, दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), बैंगलोर वाटर सप्लाई सीवरेज बोर्ड (बीडबल्यूएसएसबी) के अधिकारी और श्री एम. पी. सिंह, मुख्य विकास विशेषज्ञ, जेआईसीए भारत हिस्सा ले रहे हैं। इस मौके पर विभिन्न जल सुविधाओं से जुड़े वक्ताओं ने अपने अनुभव और एनआरडबल्यू कटौती की उनकी गतिविधियों सीखी गई बातों की जानकारी दी।इस सेमिनार का उद्देश्य वर्तमान में जयपुर में गैर-राजस्व जल कटौती के लिए चलाई रही जेआईसीए समर्थित ह्यक्षमता विकास परियोजनाह्ण की उपलब्धियां बताना है। यह परियोजना जनवरी 2017 तक पूरी की जाएगी। परियोजना के माध्यम से पीएचईडी जयपुर ने जेआईसीए के सहयोग से पायलट क्षेत्रों में एनआरडब्ल्यू कटौती गतिविधियां लागू की, प्रशिक्षण संचालित किये (यहां और जापान में) और एकह्लड्राफ्ट निष्पादन योजनाह्व तैयार की जिसमें संपूर्ण जयपुर शहर में एनआरडबल्यू कटौती गतिविधियों का ढांचा पेश किया गया। सेमिनार में पीएचईडी जयपुर द्वारा पायलट गतिविधि क्षेत्रों की उपलब्धियां और ड्राफ्ट निष्पादन योजना की रूपरेखा पेश की गई और इस पर चर्चा की गई। राजस्थान पीएचईडी से आए प्रतिभागियों ने एनआरडब्ल्यू कटौती परियोजना लागू किये जाते समय सीखी गई बातें साझा कर रहे हैं; अपने अनुभव और सामने आई चुनौतियों की जानकारी दे रहे हैं। सेमिनार के दौरान, मेहमान वक्ताओं ने भारत में ऐसी ही सफल परियोजनाओं पर काम करने के अपने अनुभव साझा किये और जयपुर में फिलहाल चल रही एनआरडब्ल्यू परियोजनों के लाभ बताए। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), बैंगलोर वाटर सप्लाई एंड सीवरेज (बीडब्ल्यूडब्ल्यूएसबी), गोवा सार्वजनिक कार्य विभाग (पीडबल्यूडी) वर्तमान में जेआईसीए के सहयोग से जलापूर्ति परियोजनाएं लागू कर रहे हैं। इसके अलावा, जेआईसीए टीम के एनआरडब्ल्यू कटौती योजना विशेषज्ञ श्री मासाहिरो यामागुची ने जापान के योकोहामा शहर के योकोहामा वाटरवर्क्स ब्यूरो की गतिविधियों एवं अनुभवों का ब्यौरा सामने रखा। जेआईसीए समर्थित ह्यक्षमता विकास परियोजनाह्ण की मदद से राजस्थान पीएचईडी ने कुछ पायलट गतिविधि क्षेत्रों में एनआरडब्ल्यू अनुपात घटाने में सफलता हासिल की है, जो मानसरोवर सेक्टर में 52.8% से 10.5%, आदर्श नगर (डीएमए) 1 में 22.6% से 13.3%, और आदर्श नगर डीएमए2 में 21.8% से 10.5% हुआ है। इस सेमिनार के मौके पर जेआईसीए भारत के मुख्य विकास विशेषज्ञ श्री एम. पी. सिंह ने बताया कि जेआईसीए द्वारा लगातार राजस्थान पीएचईडी को बिसलपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए आर्थिक सहयोग के माध्यम से मदद की जा रही है, जिससे जयपुर को सुरक्षित एवं अधिक स्थायी जल आपूर्ति में वृद्धि हुई है। जयपुर में एनआरडब्ल्यू के कटौती के लिए तकनीकी सहकार्य परियोजना पूर्ववर्ती ऋण परियोजना के परिणामों को पूर्ण करने के लिए है। एनआरडब्ल्यू घटाना एक बार की गतिविधि नहीं है, बल्कि इसमें जल सुविधा द्वारा अपनी तकनीकी एवं प्रबंधन क्षमता को दीर्घकालिक योजना के साथ बढ़ाने के सतत प्रयास जारी रखने होंगे। इसके मद्देनजर, राजस्थान पीएचईडी द्वारा क्रियान्वयन योजना के क्रियान्वयन में एक सक्रिय भूमिका निभाने और साथ ही जयपुर तथा राजस्थान के अन्य इलाकों में एनआरडब्ल्यू घटाने के लिए अपनी संस्थाओं को मजबूत बनाये जाने की उम्मीद है। मुख्य प्रतिनिधि श्री ताकेमा साकामोतो के अनुसार, ह्लइंसान की मूलभूत जरूरतों के लिए जल आपूर्ति महत्वपूर्ण है, खासकर जल संसाधनों की कमी वाले स्थानों में। मांग के मुताबिक पर्याप्त जल आपूर्ति के लिए एनआरडब्ल्यू अनुपात घटाना जल सुविधाओं के लिए सबसे बड़ी बाधा है। इसके अलावा, उच्च एनआरडब्ल्यू जल सुविधाओं की आर्थिक व्यवहार्यता सहित जल आपूर्ति सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित करता है। राजस्थान पीएईडी अपनी जल आपूर्ति सेवा में लगातार सुधार करने के लिए कुशल मीटरिंग एवं बिलिंग, ग्राहक सेवा और 24 घंटे जल आपूर्ति को बेहतर बनाने की उम्मीद रखता है। जेआईसीए भारत के विभिन्न राज्यों के नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने हेतु विभिन्न विकास सहायता योजनाएं शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है।ह्व
जेआईसीए ने राजस्थान में विभिन्न परियोजनाओं के लिए 103.10 बिलियन जापानी येन के अनुदान की घोषणा की है। इन परियोजनाओं में राजस्थान वानिकी और जैव विविधता परियोजना, बिसलपुर जयपुर जल आपूर्ति परियोजना, राजस्थान लघु सिंचाई सुधार परियोजना और राजस्थान ग्रामीण जल आपूर्ति एवं फ्लोरोसिस शमन परियोजना सहित कई अन्य शामिल हैं।
जेआईसीए का परिचय
जेआईसीए की स्थापना एक विशेष कानून के द्वारा जापान सरकार के अंतर्गत काम करने वाले एक स्वतंत्र प्रशासनिक संगठन के रूप में की गई है। ओडीए के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संभालने के लिए पूरी तरह से जापान सरकार के लिए काम करने वाली इस एजेंसी का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है। जेआईसीए सबसे बड़ी द्विपक्षीय दानदाता एजेंसी है। जापान और अन्य उभरते हुए देशों के बीच जेआईसीए सेतु का काम करती है और इन उभरते हुए देशों को यह ऋण, अनुदान तथा तकनीकी सहयोग प्रदान करती है, ताकि वे अपनी क्षमताओं को मजबूती प्रदान कर सकें।