मुख्यमंत्री ने किया राज्य आपदा मोचन बल के प्रशिक्षण केन्द्र का शुभारंभ

केन्द्र के एनडीआरएफ की तर्ज पर छत्तीसगढ़ ने बनाया एसडीआरएफ
प्राकृतिक और आकस्मिक संकट की घड़ी में बचाव-राहत कार्यों के लिए उपयोगी होगा एसडीआरएफ प्रशिक्षण केन्द्र : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज दोपहर बिलासपुर जिले के ग्राम भरनी (परसदा) में राज्य आपदा मोचन बल के प्रशिक्षण केन्द्र का शुभारंभ किया। उन्होंने इस केन्द्र के लिए लगभग दो करोड़ 10 लाख रूपए की लागत से निर्मित छात्रावास, प्रशासनिक भवन और सैनिक बैरक का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि, बाढ़ और अग्नि दुर्घटना जैसी प्राकृतिक और आकस्मिक विपदाओं के समय यह आपदा मोचन बल काफी उपयोगी साबित होगा। डॉ. सिंह ने कहा कि इस प्रशिक्षण केन्द्र को लगभग 17 करोड़ रूपए की लागत से विकसित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की तर्ज हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) का गठन किया है। इसमें होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा संगठन के जवानों को अग्नि दुर्घटना सहित विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से निपटने तथा इन आपदाओं के दौरान राहत और बचाव उपायों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आम नागरिक भी वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस केन्द्र का शुभारंभ करते हुए एसडीआरएफ की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। आज यह जरूरत पूरी हुई। इस केन्द्र से प्रशिक्षित होकर एसडीआरएफ के जवान किसी भी प्राकृतिक संकट के समय लोगों के जानमाल की रक्षा के लिए पूरी मुस्तैदी से काम करेंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि इस प्रशिक्षण केन्द्र के शुरू होने के बाद राज्य में अग्नि शमन सेवाओं का और भी अधिक विस्तार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक संकट और अन्य दुर्घटनाओं में पीड़ितों को तत्काल राहत की जरूरत होती है। राज्य में कई बड़े मेले-मड़ई और अन्य महत्वपूर्ण आयोजन होते हैं, जिनमें काफी संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे समय में किसी भी प्रकार की आकस्मिक दुर्घटना और भगदड़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षा और राहत पहुचांने के लिए प्रशिक्षित बल आवश्यक होता है। यह प्रशिक्षण केन्द्र जरूरत को पूरी करेगा। डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य में आपात कालीन चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए संजीवनी 108 एक्सप्रेस वाहन सभी विकासखंडों में संचालित किए जा रहे हैें। विगत लगभग चार-पांच वर्ष में विभिन्न दुर्घटनाओं में घायल लगभग तीस हजार लोगों की जान संजीवनी एक्सप्रेस के जरिए बचाई गयी है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर ग्राम भरनी (परसदा) में सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण के लिए दस लाख रूपए और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए पांच लाख रूपए मंजूर करने की घोषणा की। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन तथा वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल, राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, लोकसभा सांसद श्री लखन लाल साहू, संसदीय सचिव और तखतपुर के विधायक श्री राजू सिंह क्षत्रीय, बिलासपुर के महापौर श्री किशोर राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दीपक साहू, ग्राम भरनी (परसदा) की सरपंच श्रीमती सुप्रिता लहरे, और अन्य कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और अन्य आगंतुकों के समक्ष अग्निशमन सेवाओं का जीवंत प्रदर्शन भी किया गया। अग्निशमन सेवा और राज्य आपदा मोचन बल के महानिदेशक श्री गिरधारी नायक ने स्वागत भाषण में बताया कि इस प्रशिक्षण केन्द्र में जवानों को 22 प्रकार की विभिन्न दुर्घटनाओं से लोगों के जान-माल की रक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि संभाग स्तर पर पांच अलग-अलग समूहों में ज उन्हें 15-15 दिन के रोटेशन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। शुभारंभ समारोह में संभागायुक्त श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री विवेकानंद सिन्हा, कलेक्टर श्री अन्बलगन पी., पुलिस अधीक्षक श्री मयंक श्रीवास्तव, एसडीआरएफ के श्री जी.एस.दर्रों, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन मौजूद थे।