नोटों का मकड़जाल, देखो क्या है हाल …

देखो कैसे, कैद से आजाद हो गये, मेरे देश के नोट
भ्रष्टाचारियों, जमाखोरो, टैक्सचोरो, को लगी है चोट
अभी तो है ये शुरूआत, आगे और सुधरेंगे हालात
जब तक सब ठीक नही हो जाता नही बनेगी बात।

देशवासी, ढेरों तकलीफ पाकर भी दे रहे है साथ
अब समय है, सब मिला लीजिये, हाथो से हाथ
अब नही कुछ छुपायेंगे, सब सच सच, बताएंगे
जबसब सही करेंगे, तो किसी से क्यों घबराएंगे।

देश की अर्थव्यवस्था ७० सालों में, बिगड़ी है
मोदी सुधारेंगे प्लानिंग इनकी बहुंत तगड़ी है
पहले बैंक केवल बड़े बड़े लोगो की थी जागीर
अब बैंकखाता, खोल सकता है, कोई भी फकीर।

जनधन के खाते, हर घर परिवार के खुलवाये
मिले काम के लिए पैसा, मुद्रा लोन दिलवाये
सबके बने आधार कार्ड, सभी योजनाओं में जोड़े
सब जुडे मुख्य धारा से, बचे है कुछ थोड़े मोडे।

जेम खअट योजना जनधन आधार और मोबाईल फोन
मोदी सही है तो किया नही तो ऐसा कर पाता कौन
सभी योजनाओं की सब्सिडी सीधे आ रही है खातों में
अब नही बाँट पायेगी ये भ्रष्टाचार की रेवड़ी खैरातो में।

कालेधन को रोकने अब लग गया पूरा देश हमारा
चाहे जो करो उपाय नही बचेगा काला धन तुम्हारा
नेता अधिकारी सब परेशान सोचे कैसे होगा अब काम
व्यापार काम सब सही होगा भ्रष्टाचार का काम तमाम।

सभी लेनदेन पर सरकार अब रखेगी पारखी नजर
सबको देना होगा पूरा हिसाब सोना खरीदो या घर
जो भी कोई गलत करेगा उसको होगी भारी परेशानी
भ्रष्टाचारियों टैक्स चोरो को अब याद आ जायेगी नानी।

सब लेनदेन होने लगेंगे बैंक खातों के मार्फत
सबका रिकार्ड रहेगा, नही होगी कोई आफत
जब आदमी करने लगता है सब कुछ सही
तब वह शेर हो जायेगा डरेगा किसी से नही।

जिसने पांच सौ हजार को बदल कर बनाया दो हजार
कहाँ से आया दो हजार बताने को हो जाओ तैय्यार
जो भी अब लेगा दो नम्बर के काले दो हजार के नोट
दे नही पायेगा सही जबाब तो उसको लगेगी भारी चोट।

ज्यादा नगदी का उपयोग काले धन को बढाता है
नगदी के कारण ही चोर साहूकार को चिढाता है
भ्रष्टाचार को कम करने का है सीधा सा उपाय
लेनदेन सब बैंक से ही हो नगदी में ना हो पाय।

अपना देश तीव्रता से चल पड़ा है लेश कैश के रास्ते
काली से शुद्ध और स्वच्छ अर्थव्यवस्था बनाने वास्ते
धीरे धीरे बंद हो जायेंगे नगदी के सब लेनदेन काले
मौज करेंगे इमानदार जेल जायेंगे सब काले काम वाले।

आगे कठिन कराधान के नियमो में आयेगा सुधार
नियम सरल होने से सभी होंगे टेक्स पटाने तैयार
काले धंधे हो जायेंगे कम बढने लगेगा सच्चा व्यापार
बढेÞगा कराधान खुलेगा स्वच्छ अर्थव्यवस्था का द्वार।