वडनगर के संत तूने कर दिया कमाल

रचयिता कवि- अनूप कुमार केडिया अनुपम
दे दी हमे काले धन से आजादी बिना खड्ग बिना ढाल
वडनगर के संत तूने कर दिया कमाल aa
वोटों की आंधी में भी न झुका देश की गुदड़ी का लाल
वडनगर के संत तूने कर दिया कमाल
दे दी हमे—————
काले धन से लड़ी तूने अजब ढंग की लड़ाई
दागी न कँही तोप न बंदूक चलाई
दुष्मन को पल भर मे ही है धूल चटाई
वाह रे नमो तूने खूब करामात दिखाई
चुटकी मे काले धन को दिया देश से निकाल
वडनगर के संत तूने कर दिया कमाल
दे दी हमे————–
नकली नोट भिजवाकर यहाँ बैठा था जमाना
लगता था कि मुष्किल है पाकिस्तान को हराना
टक्कर थी बड़े जोर की मुष्किल था नकली नोट पकड़ पाना
पर तू भी नमो है बड़ा उस्ताद पुराना
दुष्मन की छाती पर चढ़कर तूने किया काम बेमिसाल
वडनगर के संत तूने कर दिया कमाल
दे दी हमे————–
नमो तेरे समर्थन मे देश के नौजवान चल पड़े
मजदूर चल पड़े और किसान चल पड़े़
हिन्दू, ईसाई, सिख, मुसलमान चल पड़े
ोरे आह्नवान पे देश की रक्षा के लिए कोटिकोटि जवान चल पड़े
मारा वो कस के दांव कि उलटी सभी की चाल
वडनगर के संत तूने कर दिया कमाल
दे दी हमे————–
मॉ गंगा का बेटा है वो, मन मे है पीर पराई
भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेकने की कसम है उसने खाई
नमो तूने बढ़ाई है विष्व मे तिरंगे की शान
दुनिया को बता दिया कि है मेरा भारत महान
स्वर्णाक्षरों मे लिखा जाएगा नमो तेरा नाम ,इसमे कोई नही सवाल
वडनगर के संत तूने कर दिया कमाल
दे दी हमे —————
देश के लिए जिया है तो नमो तू ही जिया
तूने वतन की सेवा के लिए सब न्यौछावर कर दिया
न घर न परिवार न दिन रात देखा किया
हर वक्त हर पल देश के लिए ही जिया
भारत-राष्ट्र-पुनरूत्थान के प्रण मे तनिक भी विश्राम न करे,
ऐसा है उसका हाल
वडनगर के संत तूने कर दिया कमाल
दे दी हमे —————–
रचयिता कवि
अनूप कूमार केड़िया अनुपम
रायगढ़ (छत्तीसगढ़)